हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइल में क्या होता है अंतर, जानें कौन-सी मिसाइल ज्यादा घातक?
युद्ध में मिसाइल तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है, जहां क्रूज और हाइपरसोनिक मिसाइलें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, ऐसे में आइए जानते हैं कौन सी मिसाइल ज्यादा घातक मानी जाती है

दुनिया भर में चल रहे आधुनिक युद्धों ने यह साफ कर दिया है कि अब लड़ाई सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि तकनीक और मिसाइलों की ताकत से भी तय होती है. हाल के संघर्षों में देखा गया है कि क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जबकि हाइपरसोनिक मिसाइल का उपयोग सीमित लेकिन बेहद खास परिस्थितियों में किया जाता है. उदाहरण के तौर पर बात करें तो रूस-यूक्रेन युद्ध में जहां क्रूज मिसाइलों से लगातार हमले किए गए, वहीं कुछ मौकों पर हाइपरसोनिक मिसाइल का भी इस्तेमाल देखने को मिला यही वजह है कि आज इन दोनों मिसाइलों को लेकर लोगों में जिज्ञासा बढ़ गई है कि आखिर इनमें क्या अंतर है और कौन सी ज्यादा घातक है. आम लोगों के लिए यह समझना मुश्किल होता है कि इन दोनों में क्या अंतर है और कौन सी ज्यादा खतरनाक है. दरअसल, इन मिसाइलों का फर्क उनकी गति, उड़ान के तरीके और लक्ष्य को मारने की क्षमता में छिपा होता है. ऐसे आइए आसान भाषा में समझते हैं कि हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइल कैसे काम करती हैं और इनमें क्या खास है.
क्रूज मिसाइल क्या होती है और कैसे काम करती है
क्रूज मिसाइल एक ऐसी गाइडेड मिसाइल होती है जो पूरे रास्ते अपने इंजन की मदद से उड़ती है और जमीन या समुद्र के लक्ष्य को सटीक तरीके से निशाना बनाती है. साथ ही यह मिसाइल वायुमंडल के अंदर ही कम ऊंचाई पर उड़ती है, जिससे इसे रडार से पकड़ना मुश्किल हो जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीकता होती है, क्योंकि इसमें एडवांस गाइडेंस सिस्टम लगा होता है. क्रूज मिसाइल आमतौर पर एक स्थिर गति से उड़ती है और अपने लक्ष्य तक पहुंचती है. हालांकि इसकी स्पीड हाइपरसोनिक मिसाइल के मुकाबले कम होती है, लेकिन यह बहुत सटीक और नियंत्रित होती है.
यह भी पढ़ेंः कोलकाता पुलिस की वर्दी सफेद क्यों है, बाकी सब राज्यों में खाकी क्यों?
हाइपरसोनिक मिसाइल क्या होती है और इसकी खासियत?
हाइपरसोनिक मिसाइल बेहद तेज गति से चलने वाली मिसाइल होती है, जिसकी स्पीड आवाज की गति से 5 गुना या उससे ज्यादा होती है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह बहुत तेज होने के साथ-साथ उड़ान के दौरान दिशा भी बदल सकती है. यानी यह सिर्फ सीधी लाइन में नहीं चलती, बल्कि रास्ते में मोड़ ले सकती है, जिससे इसे रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है. वही कुछ हाइपरसोनिक मिसाइलें बैलिस्टिक मिसाइल की तरह लॉन्च होती हैं, लेकिन बाद में वायुमंडल में ग्लाइड करते हुए लक्ष्य तक पहुंचती हैं. ये मिसाइलें गति और कंट्रोल दोनों का बेहतरीन मेल होती हैं.
कौन सी मिसाइल ज्यादा घातक?
अगर बात करें खतरनाक होने की, तो हाइपरसोनिक मिसाइल को ज्यादा घातक माना जाता है. इसका कारण इसकी बहुत ज्यादा स्पीड और दिशा बदलने की क्षमता है, जिससे इसे रोकना या इंटरसेप्ट करना बेहद कठिन हो जाता है. दूसरी ओर, क्रूज मिसाइल ज्यादा सटीक होती है और खास टारगेट को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है. सरल शब्दों में समझें तो क्रूज मिसाइल सटीक हमले के लिए बेहतर है, जबकि हाइपरसोनिक मिसाइल तेजी और बच निकलने की क्षमता के कारण ज्यादा खतरनाक मानी जाती है. यही वजह है कि आज दुनिया के कई देश हाइपरसोनिक तकनीक पर तेजी से काम कर रहे हैं.
यह भी पढ़ेंः क्या भारत की तरह पाकिस्तान में भी है मेट्रो, जानें वहां कितना लगता है किराया
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























