Kolkata Police Uniform: कोलकाता पुलिस की वर्दी सफेद क्यों है, बाकी सब राज्यों में खाकी क्यों?
Kolkata Police Uniform: देश के बाकी राज्यों में पुलिस फोर्स खाकी वर्दी पहनती है लेकिन सिर्फ कोलकाता में ही सफेद वर्दी पहनी जाती है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

- खाकी वर्दी 1847 में गंदगी छुपाने के लिए शुरू हुई।
Kolkata Police Uniform: जैसे-जैसे कोलकाता में वोटिंग का समय करीब आ रहा है यह शहर एक बार फिर से न सिर्फ अपनी राजनीति के लिए बल्कि अपनी अनोखी पहचान के लिए भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. इसका एक सबसे बड़ा फर्क सड़कों पर ही साफ दिखाई देता है. जहां पूरे भारत में पुलिस फोर्स खाकी वर्दी पहनती है वहीं कोलकाता पुलिस अपनी साफ सुथरी सफेद वर्दी में सबसे अलग नजर आती है. यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.
एक अनोखी विरासत
इस परंपरा की जड़ें 1690 तक जाती हैं. इस दौर में जॉब चारनॉक इस इलाके में आए थे और उन्होंने ही आधुनिक कोलकाता की नींव रखी थी. जैसे-जैसे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने आस-पास के गांवों पर अपना प्रशासनिक नियंत्रण जमाना शुरू किया वैसे-वैसे एक औपचारिक पुलिस व्यवस्था की जरूरत महसूस होने लगी. 1845 तक जब कोलकाता पुलिस को आधिकारिक तौर पर एक ढांचे में ढाला गया तो ब्रिटिश शासकों ने इस फोर्स को एक अलग पहचान देने के लिए सफेद वर्दी को चुना. यह पहचान आज भी कायम है.
मौसम की बड़ी भूमिका
कोलकाता का मौसम कोई मजाक नहीं है. यह काफी गर्म, उमस भरा और अक्सर थका देने वाला होता है. अगर वैज्ञानिक नजरिया से देखे तो सफेद रंग सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट करता है और गर्मी को कम सोखता है. इससे उन पुलिस अधिकारियों के लिए यह काफी आरामदायक हो जाता है जिन्हें लंबे समय तक बाहर रहकर काम करना पड़ता है. इसके उलट खाकी जैसे गहरे रंग ज्यादा गर्मी सोखते हैं, जो इस तरह के मौसम के लिए ज्यादा सही नहीं होते.
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राज्य पुलिस से एक अलग पहचान
पश्चिम बंगाल पुलिस भारत के ज्यादातर राज्यों की तरह ही अपनी मानक खाकी वर्दी पहनती है. कोलकाता पुलिस को सफेद वर्दी में रखने से लोगों को शहर की पुलिस और राज्य के पुलिस के बीच आसानी से फर्क करने में मदद मिलती है.
बाकी राज्यों में खाकी वर्दी क्यों पहनी जाती है?
खाकी वर्दी की भी अपनी एक अलग कहानी है. इसे 1847 में भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान हैरी लम्सडेन ने शुरू किया था. इसके पीछे का विचार काफी सीधा था. सफेद वर्दी काफी जल्दी गंदी हो जाती थी लेकिन खाकी रंग दाग-धब्बों और गंदगी को काफी बेहतर तरीके से छुपा लेता था.
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