एक्सप्लोरर

कितने रुपये में बनता है US का MQ-4C ड्रोन, जानें इसकी कितनी यूनिट ईरान में हुईं तबाह?

अमेरिकी नौसेना का सबसे उन्नत और महंगा टोही ड्रोन, MQ-4C ट्राइटन, इन दिनों ईरान के साथ जारी तनाव के बीच चर्चा में है. आइए जानें इसकी कीमत कितनी है और अमेरिका का कितना नुकसान हुआ.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • MQ-4C ट्राइटन ड्रोन फारस की खाड़ी में क्रैश, 2000 करोड़ रुपये का नुकसान.
  • अदृश्य शिकारी ड्रोन 50,000 फीट से गिरकर रडार से गायब हुआ.
  • ईरान के साथ ड्रोन युद्ध में अमेरिका को 6000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान.
  • अमेरिकी नौसेना के समुद्री निगरानी क्षमता पर पड़ा अस्थायी असर.

आधुनिक युद्ध अब केवल जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में उड़ने वाले उन 'अदृश्य शिकारियों' के जरिए लड़े जा रहे हैं जिनकी कीमत अरबों में है. अमेरिका का MQ-4C ट्राइटन इसी ताकत का प्रतीक है, लेकिन ईरान की सीमा के पास इसके हालिया पतन ने वैश्विक स्तर पर खलबली मचा दी है. 240 मिलियन डॉलर से अधिक की लागत वाला यह ड्रोन आखिर क्यों इतना खास है और ईरान के साथ जारी खींचतान में अमेरिका को कितना बड़ा 'बिल' चुकाना पड़ रहा है, आइए जानते हैं.

हवा में गायब हुआ अमेरिकी जासूस

9 अप्रैल 2026 को अमेरिकी नौसेना का MQ-4C ट्राइटन ड्रोन फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भरते समय अचानक रडार से गायब हो गया था. यह कोई साधारण ड्रोन नहीं था, बल्कि अमेरिकी निगरानी तंत्र की 'आंख और कान' माना जाता था. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस ड्रोन ने गायब होने से पहले एक इमरजेंसी कोड (7700) भेजा और 50,000 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे गिर गया. अमेरिकी नौसेना ने अब आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि कर दी है कि यह ड्रोन क्रैश हो चुका है. 

कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान

अगर इस ड्रोन की लागत की तुलना किसी आधुनिक लड़ाकू विमान से करें, तो यह एक F-35 स्टील्थ फाइटर से भी दोगुना महंगा है. अमेरिकी रक्षा दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक MQ-4C ट्राइटन की यूनिट प्राइस लगभग 238 मिलियन से 250 मिलियन डॉलर (करीब 2,000 करोड़ रुपये) है. यानि एक ड्रोन की कीमत भारतीय रुपयों में लगभग 1,800 से 2,000 करोड़ रुपये के बीच बैठती है, जो इसे दुनिया के सबसे महंगे हवाई संपत्तियों में से एक बनाता है.

इतनी भारी लागत इसकी उन्नत सेंसर तकनीक, रडार सिस्टम और समुद्र की निगरानी करने वाली विशेष क्षमताओं के कारण है. यह ड्रोन लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक हवा में रह सकता है और एक ही मिशन में लाखों वर्ग मील के समुद्री क्षेत्र की जासूसी करने में सक्षम है.

यह भी पढ़ें: Iran External Debt: ईरान पर किस देश का है सबसे ज्यादा कर्ज, जानें कहां-कहां से लिया उधार?

ईरान के साथ 'ड्रोन वॉर' में भारी नुकसान

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस संघर्ष में केवल MQ-4C ही नहीं, बल्कि अमेरिकी ड्रोन बेड़े को भारी चपत लगी है. रिपोर्टों के अनुसार, केवल अप्रैल 2026 के पहले पखवाड़े में ही अमेरिका ने ईरान के पास लगभग 25 MQ-9 रीपर (Reaper) ड्रोन खो दिए हैं. अगर इन सभी नुकसानों को जोड़ दिया जाए, तो अमेरिका को अब तक 720 मिलियन डॉलर (करीब 6,000 करोड़ रुपये) से ज्यादा का वित्तीय घाटा हो चुका है. MQ-4C ट्राइटन का गिरना इस कड़ी में सबसे बड़ा झटका है, क्योंकि अमेरिकी नौसेना के पास ऐसे गिने-चुने ही ड्रोन सक्रिय सेवा में थे.

MQ-4C ट्राइटन की ताकत

MQ-4C ट्राइटन को नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन कंपनी ने खास तौर पर समुद्री जासूसी के लिए तैयार किया है. यह 50,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर उड़ते हुए दुश्मन के जहाजों, पनडुब्बियों और तटीय गतिविधियों पर नजर रखता है. इसमें लगे रडार इतने शक्तिशाली हैं कि वे घने बादलों और धुंध के पार भी साफ तस्वीरें ले सकते हैं. इस ड्रोन के गिरने से अमेरिका को न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि उसकी खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता पर भी अस्थायी रूप से असर पड़ा है.

अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ा संकट

इस ड्रोन का क्रैश होना अमेरिकी नौसेना के लिए इसलिए भी बड़ी चिंता है क्योंकि 2025 के अंत तक उनके पास केवल 20 ऐसे ड्रोन सेवा में थे. एक-एक यूनिट का नुकसान अमेरिका के 'मैरीटाइम सर्विलांस' प्लान को कमजोर करता है. नौसेना ने इसे 'क्लास ए' दुर्घटना माना है, जिसका मतलब है कि इसमें 2.5 मिलियन डॉलर से कहीं ज्यादा का नुकसान हुआ है.

यह भी पढ़ें: फारस की खाड़ी में कैसे बना सबसे बड़ा 'ब्लैक गोल्ड' का समंदर, आखिर क्यों यहां बहती हैं तेल की नदियां?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या-क्या काम करने पर सदन से निकाले जा सकते हैं विधायक? देखें पूरी लिस्ट
क्या-क्या काम करने पर सदन से निकाले जा सकते हैं विधायक? देखें पूरी लिस्ट
पान मसाले को कितना खतरनाक बना देता है प्लास्टिक पैक? जानें हर डिटेल
पान मसाले को कितना खतरनाक बना देता है प्लास्टिक पैक? जानें हर डिटेल
ED खुद जांच शुरू कर देती है, लेकिन CBI को सिफारिश की जरूरत क्यों पड़ती है?
ED खुद जांच शुरू कर देती है, लेकिन CBI को सिफारिश की जरूरत क्यों पड़ती है?
Air India Pilot Marijuana Drug Case : प्लेन उड़ाने से पहले पायलट के कौन-से होते हैं टेस्ट, क्यों नहीं पता चला गांजा?
प्लेन उड़ाने से पहले पायलट के कौन-से होते हैं टेस्ट, क्यों नहीं पता चला गांजा?

वीडियोज

अतीक अहमद के बेटे की डरावनी पिक्चर !
Chitra Tripathi: ट्रंप 'कंटेनर' के अंदर क्या ईरान का डर ? | Janhit
Bigg Boss 20: Salman Khan ने खोला ‘Tathas-Two’ का राज, Contestants को मिलेंगी 2 Lives
Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Bollywood News: अक्षय-सैफ की ब्लॉकबस्टर जोड़ी का कमबैक, 'खिलाड़ी' का एक्शन या 'अनाड़ी' का अंदाज़—कौन जमाएगा रंग? (12-08-26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली फुकेत फ्लाइट में कब क्या हुआ ? पढ़ें पूरी पोस्ट फ्लाइट रिपोर्ट
दिल्ली फुकेत फ्लाइट में कब क्या हुआ ? पढ़ें पूरी पोस्ट फ्लाइट रिपोर्ट
राम मंदिर CEO पद के लिए इंटरव्यू खत्म, आगे क्या होगा? ट्रस्ट ने बताया
राम मंदिर CEO पद के लिए इंटरव्यू खत्म, आगे क्या होगा? ट्रस्ट ने बताया
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
'पोस्ट डिलीट कर मांगें माफी', नेताजी पर BJP सांसद के विवादित बयान पर भड़के शुभेंदु
'पोस्ट डिलीट कर मांगें माफी', नेताजी पर BJP सांसद के विवादित बयान पर भड़के शुभेंदु
‘जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2’, दीपके बोले- बहुत लोग कर रहे थे कमेंट
‘जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2’, दीपके बोले- बहुत लोग कर रहे थे कमेंट
पंजाब: 454 फार्मासिस्ट भर्ती पर HC की रोक, AAP सरकार पर विपक्ष ने साधा निशाना
पंजाब: 454 फार्मासिस्ट भर्ती पर HC की रोक, AAP सरकार पर विपक्ष ने साधा निशाना
Embed widget