एक्सप्लोरर

फारस की खाड़ी में कैसे बना सबसे बड़ा 'ब्लैक गोल्ड' का समंदर, आखिर क्यों यहां बहती हैं तेल की नदियां?

फारस की खाड़ी दुनिया के सबसे बड़े तेल गैस भंडार का केंद्र है, जिसके पीछे करोड़ों साल पुरानी भूगर्भीय हलचलें जिम्मेदार हैं. यहां हाइड्रोकार्बन के निर्माण के लिए आदर्श परिस्थितियां पैदा हुईं, जिससे यहां तेल के भंडार हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • यहां के तेल कुएं उत्पादन में बेहतर, लागत कम, मुनाफा ज्यादा.

रेगिस्तान की तपिश के नीचे बहती तेल की नदियां फारस की खाड़ी को दुनिया का सबसे अमीर हिस्सा बनाती हैं. आखिर क्या वजह है कि दुनिया का सबसे बेहतरीन और प्रचुर कच्चा तेल इसी क्षेत्र में मिलता है? यह केवल इत्तेफाक नहीं, बल्कि कुदरत का वह करिश्मा है जो करोड़ों सालों तक धरती के नीचे चली उथल-पुथल का परिणाम है. यहां के कुओं से निकलने वाला तेल रूस जैसे देशों के मुकाबले कई गुना ज्यादा है, जिसने इसे वैश्विक ऊर्जा का केंद्र बना दिया है.

करोड़ों साल की प्लेटों वाली टक्कर

फारस की खाड़ी का तेल भंडार दो विशाल टेक्टोनिक प्लेटों के आपसी संघर्ष का नतीजा है. दक्षिण-पूर्व से अरब प्लेट और उत्तर-पूर्व से यूरेशियन प्लेट के बीच करीब 3 करोड़ सालों से टक्कर चल रही है. इस निरंतर दबाव ने जमीन के नीचे की ठोस चट्टानों को मोड़कर गुंबद जैसी संरचनाएं बना दीं. इन गुंबदों ने एक प्राकृतिक ढक्कन या 'ट्रैप' का काम किया, जहां तेल और गैस रिसकर बाहर जाने के बजाय एक ही जगह पर सुरक्षित जमा होते रहे.

जाग्रोस पर्वत और गहरा तेल गड्ढा

जाग्रोस पर्वत श्रृंखला के ऊपर उठने से फारस की खाड़ी के ठीक नीचे एक गहरा और विशाल गड्ढा बन गया. समय के साथ यह गड्ढा मिट्टी और पत्थरों की परतों से भर गया. जैसे-जैसे ये परतें मोटी होती गईं, गहराई में गर्मी और दबाव बढ़ता गया. यही वह उच्च दबाव और तापमान था, जिसने चट्टानों के भीतर छिपे जैविक पदार्थों को कच्चे तेल और गैस में बदलना शुरू कर दिया. इस प्रक्रिया ने खाड़ी के नीचे हाइड्रोकार्बन का एक अथाह भंडार तैयार कर दिया.

यह भी पढ़ें: Iran External Debt: ईरान पर किस देश का है सबसे ज्यादा कर्ज, जानें कहां-कहां से लिया उधार?

समुद्री जीवों का जैविक कमाल

तेल बनने के लिए सबसे जरूरी चीज है जैविक पदार्थ, और फारस की खाड़ी प्राचीन काल से ही समुद्री सूक्ष्मजीवों से समृद्ध रही है. यहां की चूना पत्थर और मिट्टी की चट्टानों में ये जीव दबे हुए हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि किसी चट्टान में 2 प्रतिशत जैविक पदार्थ हो, तो वहां तेल बन सकता है. लेकिन फारस की खाड़ी की चट्टानों में यह मात्रा 1 से 13 प्रतिशत तक है. यही प्रचुरता यहां तेल की 'नदियों' के बहने का सबसे बड़ा कारण है.

विशाल भंडार और बेहतरीन कुएं

बीबीसी की रिपोर्ट और भूवैज्ञानिकों के अनुसार, फारस की खाड़ी में 30 से अधिक ऐसे विशाल तेल भंडार हैं, जिनमें से प्रत्येक में पांच अरब बैरल से ज्यादा तेल मौजूद है. दिलचस्प बात यह है कि यहां के तेल के कुएं उत्पादन के मामले में रूस जैसे देशों से दो से पांच गुना तक बेहतर हैं. यहां की चट्टानों की सरंध्रता इतनी अच्छी है कि तेल आसानी से बाहर निकलता है, जिससे उत्पादन लागत कम और मुनाफा ज्यादा होता है.

हाइड्रोकार्बन के लिए परफेक्ट 'ट्रैप'

पेट्रोलियम भूविज्ञानी स्कॉट एल मोंटगोमरी बताते हैं कि यहां की भूगर्भीय चट्टानें हाइड्रोकार्बन पैदा करने के मामले में दुनिया में सबसे सक्षम हैं. यहां की मुड़ी-तुड़ी चट्टानें तेल को बाहर नहीं निकलने देतीं. जब समुद्री सूक्ष्मजीवों से तेल बनता है, तो वह चट्टानों के छिद्रों से ऊपर की ओर बढ़ता है, लेकिन ऊपर मौजूद 'सीलिंग रॉक' या अभेद्य चट्टानें उसे वहीं रोक लेती हैं. इसी प्राकृतिक घेराबंदी की वजह से यहां 'ब्लैक गोल्ड' का विशाल समंदर इकट्ठा हो गया है.

यह भी पढ़ें: देश के किस राज्य में मिनिमम वेज सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम? जानें हर एक डिटेल

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Agni 5 Missile: भारत की 5000 KM वाली अग्नि-5 लॉन्च के लिए तैयार, जानें चीन-पाकिस्तान के कौन-कौन से शहर इसकी जद में?
भारत की 5000KM वाली अग्नि-5 लॉन्च के लिए तैयार, जानें चीन-पाकिस्तान के कौन-कौन से शहर इसकी जद में?
न टैक्सी न कार..सीधे महल के ड्राइंग रूम तक आती थी ट्रेन, इस शख्स ने घर में ही बनवा रखा था स्टेशन
न टैक्सी न कार..सीधे महल के ड्राइंग रूम तक आती थी ट्रेन, इस शख्स ने घर में ही बनवा रखा था स्टेशन
Female Genital Mutilation: सुप्रीम कोर्ट में उठी ‘महिला खतना’ पर रोक की मांग, आखिर क्यों दुनिया भर में विवादित है FGM?
सुप्रीम कोर्ट में उठी ‘महिला खतना’ पर रोक की मांग, आखिर क्यों दुनिया भर में विवादित है FGM?
IMF Funding Source: दुनिया के देशों को कर्ज बांटता रहता है IMF, उसके पास कहां से आता है इतना पैसा?
दुनिया के देशों को कर्ज बांटता रहता है IMF, उसके पास कहां से आता है इतना पैसा?
Advertisement

वीडियोज

Crime News : चिकन लेग पीस के लिए कत्ल! शादी में बारातियों और घरातियों के बीच चले लाठी-डंडे और तलवारें | Sansani
Janhit: 2027 के लिए अखिलेश के PDA का तोड़ मिल गया? | UP Eleciton 2027 | Rahul Gandhi | CM Yogi
Mahadangal: योगी का '27 का मास्टरप्लान' या अखिलेश का PDA डर? | UP Eleciton 2027 | Rahul Gandhi
Sandeep Chaudhary: क्यों याद आए पिछड़े और दलित? | Akhilesh Yadav | UP Politics | Congress | BJP
“Shah Rukh Khan के नाम ने बढ़ाई Excitement, Mannat पहुंचकर निकला Funny Twist”
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मिडल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव: कुवैत की हवाई सीमा में घुसे कई ड्रोन, UAE ने की अटैक की निंदा
मिडल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव: कुवैत की हवाई सीमा में घुसे कई ड्रोन, UAE ने की अटैक की निंदा
CM योगी का बड़ा फैसला, UP में टैक्स फ्री हुई कृष्णावतारम्, कई मंत्रियों ने देखी फिल्म
CM योगी का बड़ा फैसला, UP में टैक्स फ्री हुई कृष्णावतारम्, कई मंत्रियों ने देखी फिल्म
तृषा कृष्णन ने क्यों नहीं की शादी? सगाई टूटी, राणा दग्गुबाती से लिंकअप! अब थलापति विजय संग जुड़ा नाम
तृषा कृष्णन ने क्यों नहीं की शादी? सगाई टूटी, राणा दग्गुबाती से लिंकअप! अब थलापति विजय संग जुड़ा नाम
IPL 2026 में भुवनेश्वर कुमार का तूफान, 19 साल में फिर दोहराया इतिहास; बना डाला महारिकॉर्ड
IPL 2026 में भुवनेश्वर कुमार का तूफान, 19 साल में फिर दोहराया इतिहास; बना डाला महारिकॉर्ड
CM की कुर्सी संभालते ही एक्शन में विजय, 200 यूनिट तक बिजली फ्री; राज्य पर कितना बढ़ेगा बोझ?
CM की कुर्सी संभालते ही एक्शन में विजय, 200 यूनिट तक बिजली फ्री; राज्य पर कितना बढ़ेगा बोझ?
'एक मामूली आदमी को PM मोदी ने उठाकर...', प्रधानमंत्री ने बंगाल में जिन माखनलाल सरकार के छुए थे पैर, उन्होंने क्या कहा
'एक मामूली आदमी को PM मोदी ने उठाकर...', प्रधानमंत्री ने बंगाल में जिन माखनलाल सरकार के छुए थे पैर, उन्होंने क्या कहा
Summer Travel Tips: गर्मी में दोस्तों के साथ घूमने का है प्लान तो भूलकर भी न करें ये गलतियां, सेफ्टी किट में जरूर होनी चाहिए ये चीजें
गर्मी में दोस्तों के साथ घूमने का है प्लान तो भूलकर भी न करें ये गलतियां, सेफ्टी किट में जरूर होनी चाहिए ये चीजें
Goat Farming Scheme: मात्र 6 हजार लगाकर शुरू करें बकरी पालन, 54 हजार देगी सरकार; यूपी के बकरी पालकों के लिए आई तगड़ी स्कीम
मात्र 6 हजार लगाकर शुरू करें बकरी पालन, 54 हजार देगी सरकार; यूपी के बकरी पालकों के लिए आई तगड़ी स्कीम
Embed widget