India Pakistan Currency Value: भारत का रुपया तो गिर रहा लेकिन पाकिस्तान का क्या हाल, जंग के बीच जान लीजिए वैल्यू
India Pakistan Currency Value: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर भारत और पाकिस्तान की मुद्रा पर भी पड़ रहा है. आइए जानते हैं कि पाकिस्तानी रुपये की क्या स्थिति है.

India Pakistan Currency Value: भारतीय करेंसी ऐतिहासिक रूप से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुकी है. भारतीय रुपया पहली बार 94 का आंकड़ा पार कर गया है. यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.84 तक पहुंच गया है. जैसे-जैसे मिडल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं कमजोर होते रुपये ने चिंता बढ़ा दी हैं. आइए जानते हैं कि पाकिस्तानी रुपये की क्या हालत है.
भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
भारतीय रुपया इस समय तेल की बढ़ती कीमतों और भू राजनीतिक अस्थिरता की वजह से नीचे की और दबाव का सामना कर रहा है. चूंकि भारत अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है इस वजह से कोई भी वैश्विक उथल-पुथल सीधे तौर पर करेंसी पर असर डालती है. इससे यह रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच जाती है.
पाकिस्तानी रुपये में स्थिरता के संकेत
इसके उलट पाकिस्तानी रुपया हाल के हफ्तों में स्थिर रहा है. यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 279.41 पर ट्रेड कर रहा है. हालांकि इसका मूल्य अभी भी कम है लेकिन लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संकटों के बाद करेंसी में थोड़ा सुधार देखने को मिला है.
पाकिस्तान की करेंसी क्यों स्थिर हो रही?
पाकिस्तानी रुपये की स्थिरता के पीछे की मुख्य वजह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिली वित्तीय सहायता है. 1.2 अरब डॉलर की किश्त के लिए हाल ही में हुए एक समझौते ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. इसी के साथ विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत किया गया है.
मूल्य की तुलना
हाल के रुझानों के बावजूद भारतीय रुपया पूर्ण रूप से काफी ज्यादा मजबूत बना हुआ है. वर्तमान में 1 भारतीय रुपया लगभग 2.9 पाकिस्तानी रुपये के बराबर है. हालांकि पाकिस्तान में महंगाई तेजी से गिरी है. पिछले साल 30% से ज्यादा से घटकर 2026 की शुरुआत में लगभग 7% रह गई है. इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर लगभग 16.3 अरब डॉलर हो गया है.
रिकवरी के संकेत मिलने के बावजूद भी पाकिस्तान को अभी भी व्यापार घाटे और बाहरी फंडिंग पर निर्भरता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. वैश्विक संघर्ष या फिर तेल की कीमतों में कोई भी और वृद्धि इसकी मुद्रा को फिर से अस्थिर कर सकती है. भारत और पाकिस्तान दोनों ही वैश्विक घटनाक्रमों से प्रभावित हो रहे हैं. खास तौर से ईरान और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े तनावों से. तेल की बढ़ती कीमतें और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता, दोनों देशों में करेंसी के उतार-चढ़ाव के पीछे की मुख्य वजह हैं.
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Source: IOCL




























