वो पांच देश जिन्होंने ट्रंप के टैरिफ के आगे झुकने से किया इनकार, भारत भी इस लिस्ट में शामिल
Us Donald Trump Tariff Controversy: ट्रंप ने दुनियाभर में कई देशों पर टैरिफ लगाने की बात कही है, जिससे कि उनकी हालत खराब है. पांच देश ऐसे हैं जिन्होंने ट्रंप के टैरिफ के आगे झुकने से इनकार कर दिया.

भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आक्रमक रुख थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि भारत पर सेकेंडरी सैंक्शन लगाए जा सकते हैं. अमेरिका की नाराजगी भारत का रूस के साथ जारी ऊर्जा और रक्षा व्यापार को बताया गया है. 7 अगस्त यानि कि आज से अमेरिका का पहला टैरिफ लागू हो गया है. वहीं 27 अगस्त से 25% टैरिफ प्रभावी हो जाएगा. इससे भारत पर अमेरिका की तरफ से 50% टैरिफ हो जाएगा.
भारत और रूस के बीच तेल और हथियारों का व्यापार ट्रंप को बिल्कुल पसंद नहीं है. ट्रंप अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करके भारत को दबाने की कोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन भारत ने भी इसके जवाब में साफ तौर पर कह दिया है कि वो ट्रंप के आगे नहीं झुकेंगे. चलिए जान लेते हैं कि भारत के साथ-साथ और कौन से देश हैं जो कि ट्रंप के आगे नहीं झुके.
भारत ने मांसाहारी दूध को कहा नो
अमेरिका चाहता है कि भारत के एग्री और डेयरी सेक्टर में उसकी एंट्री हो. वो भारत को मांसाहारी गाय का दूध बेचना चाहता है, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है. इसके पीछे धार्मिक वजहों के साथ-साथ किसान का हित भी छुपा हुआ है. ट्रंप ने भारत पर पहले 26% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी. 4 महीने के बाद अमेरिका ने इसमें सिर्फ 1% छूट दी है और 25 फीसदी का टैरिफ लागू हुआ है. भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच कई स्तर पर बातचीत हुई, लेकिन 31 जुलाई तक कोई समझौता नहीं हो पाया.
सरकारी कंपनियों पर सब्सिडी खत्म नहीं करेगा चीन
अमेरिका और चीन के बीच काम को लेकर जमकर घमासान मचा हुआ है. अमेरिका ने मई में चीन पर 145% टैरिफ लगाया है. इसके बाद चीन ने जवाबी कार्रवाई में 125% टैरिफ लगाया है. लेकिन बाद में इसमें कमी आई और अभी अमेरिका ने चीन पर 30 फीसदी और चीन ने अमेरिका पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया है. दरअसल अमेरिका चीन से सिर्फ व्यापार संतुलन नहीं चाहता था, वह चाहता था कि चीन अपनी सरकारी कंपनियों को कम मदद दे.
अमेरिका का कहना है कि चीन अपनी सरकारी कंपनियों को बहुत सब्सिडी देता है, जिससे कि दूसरे देशों की कंपनियां उनका मुकाबला नहीं कर पाती हैं. अमेरिका का यह भी कहना है कि चीन टेक्नोलॉजी के मामले में विदेशी कंपनियों को ज्यादा मौका दे और पेटेंट आदि में भी बदलाव करे, जिसके लिए चीन तैयार नहीं है.
ब्राजील में क्यों लगाया 50 फीसदी टैरिफ
ट्रंप ब्राजील से इस बात से नाराज हैं, क्योंकि ब्राजील में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ सरकार जबरदस्ती कर रही है. इसके अलावा अमेरिका के साथ ब्राजील का व्यापार घाटा भी ज्यादा है. ऐसे में ट्रंप ने ब्राजील पर 50 फीसदी का टैरिफ लगा रखा है.
कनाडा को महंगा पड़ा फिलिस्तीन का समर्थन
ट्रंप ने जब कनाडा पर टैरिफ लगाया था तो उसकी दो वजहें बताई थीं. पहला यह था कि कनाडा फिलिस्तीन को अलग देश के रूप में समर्थन करता है जबकि अमेरिका नहीं चाहता कि फिलिस्तीन का समर्थन किया जाए. वहीं दूसरी वजह है कि कनाडा, अमेरिका में फेंटेनाइल यानि कि नशीली दवाओं की सप्लाई के कंट्रोल करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठा रहा है.
दोस्ती की वजह से साउथ अफ्रीका पर गिरी टैरिफ की गाज
ट्रंप ने दावा किया था कि साउथ अफ्रीका के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा ज्यादा है. इसके अलावा ट्रंप साउथ अफ्रीका की चीन, रूस और ईरान के साथ दोस्ती से नाराज हैं. इसलिए अफ्रीका पर 30 फीसदी टैरिफ लगाया है.
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