Union Budget 2026: संडे को पहली बार पेश नहीं हो रहा बजट, इस साल भी हुआ था ऐसा कारनामा
Union Budget 2026: इस बार का बजट रविवार को पेश होने जा रहा है. आइए जानते हैं कि इतिहास में पहले भी ऐसा कब हो चुका है.

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने जा रहे हैं. आपको बता दें कि संसद में रविवार को शायद ही कभी बैठक होती है. इस वजह से यह फैसला पहली नजर में काफी असामान्य लग रहा है. लेकिन भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जा रहा है. दरअसल ऐसा दो दशक से भी पहले हो चुका है. आइए जानते हैं कब.
इस बार क्या अलग है
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने संसदीय कैलेंडर को मंजूरी दी. इसके बाद रविवार को बजट पेश करने का रास्ता साफ हो गया. 2017 में जब से केंद्रीय बजट की तारीख 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी की गई है तब से यह कभी-कभी वीकेंड पर या ज्यादातर शनिवार को पड़ा है. हालांकि रविवार को बजट पेश करना काफी ज्यादा दुर्लभ होता है.
इससे पहले कब हो चुका है ऐसा
पिछली बार भारत में रविवार को बजट 28 फरवरी 1999 को पेश किया गया था. उस वक्त तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तहत 1999-2000 का बजट पेश किया था.
यह बजट सिर्फ इसलिए खास नहीं था क्योंकि इसे रविवार को पेश किया गया था, बल्कि इसलिए भी क्योंकि इसने बजट पेश करने के समय को बदल दिया था. तब तक केंद्रीय बजट पारंपरिक रूप से शाम को 5:00 बजे पेश किया जाता था. ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रिटेन के टाइम जोन के हिसाब से यह है औपनिवेशिक युग की प्रथा थी. यशवंत सिन्हा ने इस परंपरा को तोड़ते हुए बजट सुबह 11:00 पेश किया और यह बदलाव आज भी जारी है.
क्या था उस बजट में खास
1999 का बजट भारत की सुधार यात्रा में एक बहुत बड़ा चरण था. व्यक्तिगत आयकर और कॉरपोरेट टैक्स पर 10% सरचार्ज लगाया गया था, सीमा शुल्क को तर्कसंगत बनाया गया था और अधिकतम सीमा शुल्क दर 45% से घटाकर 40% कर दी गई थी. सरकार ने 5% स्पेशल कस्टम ड्यूटी को भी खत्म कर दिया था जो ट्रेड लिबरलाइजेशन और टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम था. इसी के साथ ग्रामीण भारत को भी बढ़ावा मिला था क्योंकि रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड का आवंटन बढ़ा कर 3500 करोड़ कर दिया गया था.
ये भी पढ़ें: हर की पौड़ी पर गैर-हिंदुओं को रोकने की मांग, क्या कानूनन हो सकता है ऐसा?
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























