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क्या आने वाले दिनों में पूरी तरह पानी में डूब जाएंगे ये शहर? भारत की इस सिटी का भी है नाम!

Sinking cities: क्लाइमेट सेंट्रल नाम के प्रोजेक्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के 9 शहर आने वाले कुछ सालों में डूब सकते हैं. आइए जानते हैं ये शहर कौन-से हैं...

Climate Change: उत्तराखंड के जोशीमठ में हालात बेहद डरवाने होते जा रहे हैं. जमीन और मकानों में शुरआत में पड़ी दरारें अब बड़ी होती जा रही हैं. जिन्हे देखकर लोग यही कह रहे हैं कि 'जोशीमठ धंस रहा है', 'जोशीमठ डूब रहा है'. रिपोर्ट्स कहती हैं कि बदलते मौसम के चलते दुनियाभर के कई शहर 2050 और 2100 तक पूरी तरह से डूब जाएंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगले 8-9 सालों में दुनिया के कुछ शहर ऐसे हैं जो समुद्री जलस्तर और बाढ़ की वजह से डूब सकते हैं? आज हम आपको इन्ही शहरों के बारे में बताएंगे और इस सूची में भारत का भी एक शहर शामिल है. 

क्लाइमेट सेंट्रल नाम के प्रोजेक्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण दुनिया के 9 शहर आने वाले कुछ सालों में डूब सकते हैं. आइए जानते हैं ये शहर कौन-से हैं...

एम्स्टर्डम, द नीदरलैंड्स (Amsterdam, The Netherlands)
द नीदरलैंड्स की राजधानी एम्स्टर्डम, हॉग और रॉटरडम जैसे शहर नॉर्थ सी (North Sea) के नजदीक और कम ऊंचाई पर हैं. लेकिन जिस हिसाब से समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है, उसे देखकर लगता नहीं कि इस देश के ये खूबसूरत शहर बच पाएंगे.

बसरा, इराक (Basra, Iraq)
इराक का बसरा शहर शत अल-अरब नाम की बड़ी नदी के किनारे बसा हुआ है जो पारस की खाड़ी से मिलती है. बसरा शहर के आसपास काफी दलदली इलाका भी है. ऐसे में अगर समुद्र का जलस्तर बढ़ता है तो इस शहर को खतरा है.

न्यू ओरलींस, अमेरिका (New Orleans, USA)
अमेरिका के न्यू ओरलींस शहर के बीच से काफी सारी नहरों और जलीय शाखाओं का जाल बना हुआ है. ये जाल ही इस शहर को बाढ़ से भी बचाता है. इस शहर के उत्तर में लेक मॉरेपास और दक्षिण में लेक सल्वाडोर व एक छोटी झील है. शहर के द बिलोक्सी और जीन लैफिटे वाइल्डलाइफ प्रिजर्व लगभग पानी के लेवल पर ही हैं, ऐसे में अगर जलस्तर जरा सा भी बढ़ा तो ये डूब जाएंगे.

वेनिस, इटली (Venice, Italy)
इटली का वेनिस शहर पानी के बीच में बना हुआ है और यहां पर हर साल हाई टाइड से बाढ़ आती रहती है. वेनिस शहर को दो तरह का खतरा है. पहला तो समुद्री जलस्तर बढ़ने का और दूसरा ये कि वेनिस शहर अपने आप डूब रहा है. यह हर साल 2 मिलिमीटर नीचे धंस रहा है. अगर समुद्री जलस्तर तेजी से बढ़ता है तो 2030 तक ये शहर पानी में डूब जाएगा. 

हो ची मिन्ह सिटी, वियतनाम (Ho Chi Minh City, Vietnam)
यह शहर थू थियेम नाम की दलदली जमीन पर बसा हुआ है और समुद्र तल से इसकी ऊंचाई भी ज्यादा नहीं है. मेकॉन्ग डेल्टा जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. वैज्ञानिकों को आशंका है कि साल 2030 तक हो ची मिन्ह सिटी पानी के अंदर डूब जाएगा.

कोलकाता, भारत (Kolkata, India)
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और उसके आसपास की जमीन को सदियों से काफी उर्वरक माना जाता है. लेकिन अगर क्लाइमेट सेंट्रल के नजरिए से देखे तो समुद्री जलस्तर का बढ़ना इस शहर के अस्तित्व को खत्म कर सकता है. हो ची मिन्ह सिटी की तरह कोलकाता भी मॉनसून की बारिश और हाई टाइड की समस्या से जूझता है. बारिश के मौसम में यहां बाढ़ आती है. यहां बारिश का पानी जमीन में अंदर नहीं जाता है. ऐसे में इसके पास स्थित बड़ा डेल्टा वाला इलाका इसके लिए काल बन सकता है.

बैंकॉक, थाईलैंड (Bangkok, Thailand)
पर्यटन के लिए मशहूर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक शहर ग्लोबल वॉर्मिंग से सबसे ज्यादा प्रभावित है. बैंकॉक शहर समुद्री जलस्तर से सिर्फ 1.5 मीटर ऊपर है. बैंकॉक शहर रेतीली मिट्टी पर बसा हुआ है और हर साल 2 से 3 सेंटीमीटर धंस रहा है. अनुमान के मुताबिक साल 2030 तक इसके तटीय इलाके था खाम, समुत प्रकान और साथ ही सुवर्णभूमि में स्थित इस शहर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी पूरी तरह से पानी में डूब सकते हैं.

जॉर्जटाउन, गुएना (Georgetown, Guyana)
गुएना की राजधानी जॉर्जटाउन के एक तरफ करीब 400 किलोमीटर लंबा समुद्री इलाका है. यहां काफी तेज लहरें उठती हैं जो शहर के अंदर तक भी पहुंच जाती हैं. जलस्तर से इसके तटों की उंचाई महज 0.5 मीटर से लेकर एक मीटर तक है. ऐसे में जलस्तर बढ़ने पर यह शहर भी पानी में डूब जाएगा.

सवाना, अमेरिका, (Savannah, USA)
अमेरिका के जॉर्जिया में स्थित सवाना शहर चारों तरफ से समुद्र से घिरा है. इस वजह से इसके आसपास काफी दलदली इलाका है. इस शहर को पूरी तरह से डूबने में 2050 तक का समय लग सकता है, लेकिन 2030 तक यहां आपदाओं का आगमन होना शुरू हो सकता है.

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