स्ट्रेज ऑफ होर्मुज में अटके हैं कितने भारतीय जहाज, इनमें क्या-क्या लदा है?
भारत के दो जहाजों को सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से निकाल गया है. इन दोनों जहाजों में शिवालिक जहाज लगभग 40 हजार मिट्रिक टन गैस ले जा रहा है. जबकि नंदा देवी भी बड़ी मात्रा में ईधन लेकर भारत आ रहा है

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज इन दिनों सुर्खियों में है. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव का असर अब वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है. यही वजह है कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई देशों के जहाज के साथ-साथ भारत के भी कई जहाज यहां फंस गए हैं. हालांकि, आज भारत के शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया के दो एलपीजी टैंकर वाले जहाज शिवालिक और नंदा देवी को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर रवाना हो गए हैं.
दोनों जहाजों में शिवालिक जहाज लगभग 40 हजार मिट्रिक टन गैस लेकर आ रहा है. जबकि नंदा देवी जहाज भी बड़ी मात्रा में ईधन लेकर भारत आ रहा है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कितने भारतीय जहाज अटके हुए हैं और इन पर और क्या-क्या सामान भारत आ रहा है?
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28 भारतीय जहाज खाड़ी क्षेत्र में है मौजूद
भारत सरकार के अनुसार, इस समय खाड़ी क्षेत्र में कुल 28 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर करीब 778 भारतीय नाविक सवार हैं. इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में है. जिन पर 677 नाविक तैनात है. वहीं चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में मौजूद हैं और इन पर 101 भारतीय नाविक सवार है. अधिकारियों का कहना है कि इन सभी जहाज की एक्टिविटी पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी सुरक्षा के लिए भारतीय दूतावास, स्थानीय प्रशासन और शिपिंग कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है.
कुछ जहाज लेकर आ रहे हैं गैस और ईंधन
जलडमरूमध्य में अटके जहाजों के बीच भारत के दो एलपीजी टैंकर भी सफलतापूर्वक स्ट्रेज ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं. वहीं आपको बता दें की स्ट्रेज ऑफ होर्मुज में अटके ज्यादातर भारतीय जहाज में गैस और ईंधन है. भारत के दो जहाजों को परमिशन मिलने के अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जग प्रकाश नाम का एक और भारतीय टैंकर भी ओमान से पेट्रोल लेकर अफ्रीका की ओर रवाना हो चुका है.
तनाव की वजह से बाधित हुआ समुद्री रास्ता
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलो के बाद पश्चिमी एशिया में तनाव काफी बढ़ गया. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसका असर समुद्री व्यापार पर भी पड़ा और मालवाहक जहाज पर हमलो की खबरें भी सामने आई. यही कारण है कि दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गो में से एक स्ट्रेज ऑफ होर्मुज प्रभावित हो गया. वहीं वैश्विक स्तर पर लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस के जहाज इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं. इसलिए यहां पैदा हुआ तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है.
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Source: IOCL



























