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Switzerland Neutrality Policy: युद्ध में आज तक शहीद नहीं हुआ इस देश का एक भी सैनिक, इस खास नीति को करता है फॉलो

Switzerland Neutrality Policy: क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है जिसने आज तक किसी भी युद्ध में अपना एक भी सैनिक नहीं खाया? आइए जानते हैं उस देश और उसकी खास नीति के बारे में.

Switzerland Neutrality Policy: आपको यह जानकार शायद यकीन ना हो लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश भी है जिसकी सेना ने आज तक किसी भी युद्ध में एक भी सैनिक नहीं खाया है. यूं तो दुनिया भर के देशों ने विनाशकारी संघर्ष और अनगिनत सैन्य बलिदानों को झेला है लेकिन यह देश दो शताब्दियों से भी ज्यादा समय से युद्ध में नहीं उतरा है.  इस देश का नाम है स्विट्जरलैंड. 

क्या है इसके पीछे का राज 

दरअसल स्विट्जरलैंड स्थायी तटस्थता की नीति का पालन करता है. यह नीति 1815 में वियना कांग्रेस के बाद शुरू हुई थी. नेपोलियन युद्ध के दौरान सालों तक यूरोपीय उथल-पुथल के बाद बड़ी शक्तियों ने स्विट्जरलैंड को एक तटस्थ राज्य के रूप में मान्यता देने पर अपनी सहमति व्यक्त की थी. इसका मतलब था कि वह भविष्य में किसी भी अंतरराष्ट्रीय युद्ध में भाग नहीं लेगा. बस यही कूटनीतिक निर्णय स्विट्जरलैंड की विदेश नीति का आधार बन गया और तब से इसे सख्ती से कायम रखा हुआ है. 

विश्व युद्ध के दौरान तटस्थता ने स्विट्जरलैंड की रक्षा कैसे की 

जब यूरोप पहले और दूसरे विश्व युद्ध से तबाह हो रहा था तब स्विट्जरलैंड सीधे संघर्ष से दूर रहने में पूरी तरह कामयाब रहा. चारों तरफ से शक्तिशाली देशों से घिरे होने के बावजूद भी उसने कूटनीति और कड़ी सीमा सुरक्षा के जरिए अपनी सुरक्षा की. वहीं पड़ोसी देशों को विनाश, कब्जे और लाखों मुश्किलों का सामना करना पड़ा. लेकिन स्वीटजरलैंड अडिग रहा और उसने एक भी सैनिक नहीं खाया.

स्विस सेना की भूमिका 

युद्ध में शामिल न होने के बावजूद भी स्विट्जरलैंड के पास एक मजबूत और अच्छी तरह से प्रशिक्षित सेना है. हर सक्षम पुरुष नागरिक को अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण से गुजरा जरूरी है. इसका उद्देश्य यह है की जरूरत पड़ने पर देश की जनता हमेशा राष्ट्रीय रक्षा के लिए तैयार रहे. किसी भी पर्यावरणीय मुसीबत में सेना नागरिकों की सहायता के लिए आगे आती है.

शांति और कूटनीति का केंद्र 

अपनी तटस्थता की वजह से स्विट्जरलैंड शांति कूटनीति की वैश्विक राजधानी बन चुका है. यह जिनेवा में स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मेजबानी करता है. यह देश बड़े वैश्विक संघर्षों में शांति वार्ता के लिए हमेशा खड़ा रहता है. तटस्थता को अपनाने के 200 से भी ज्यादा सालों के बाद स्विट्जरलैंड एकमात्र ऐसा देश है जिसने कभी युद्ध में अपना कोई सैनिक नहीं खाया. इस देश का रक्षा दृष्टिकोण आक्रामकता पर नहीं बल्कि तैयारी पर आधारित है. पहाड़ और मजबूत बकरों से घिरा देश का भूभाग इसे प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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