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सुनीता विलियम्स को ISS से वापस क्यों नहीं ला पा रहा NASA, क्या स्पेस एजेंसी के पास नहीं एक्स्ट्रा रॉकेट? 

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में इस समय Crew-9 मौजूद है, सुनीता विलियम्स इस की कमांडर हैं. उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए 12 मार्च को Crew-10 की लॉन्चिंग होनी थी, जिसमें चार अंतिरक्ष यात्री सवार होते.

Sunita Williams Return to Earth News: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियमस और उनके साथी बुच विल्मोर को अभी कुछ दिन और स्पेस में बिताने पड़ सकते हैं. उनकी वापसी फिर से टल गई है. सुनीता विलियम्स की वापसी सुनिश्चित करने के लिए क्रू-10 मिशन को लॉन्च किया जाना था, लेकिन इसमें तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद मिशन को टाल दिया गया है. कहा जा रहा है कि क्रू-10 की लॉन्चिंग का प्रयास 17 मार्च को फिर से किया जाएगा. 

बता दें, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 5 जून को अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे. दोनों बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर सवार होकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर 6 जून को पहुंचे थे. इस मिशन को 8 दिन में वापस आ जाना था, लेकिन तकनीकी खराबी के बाद स्टारलाइनर को बिना अंतरिक्ष यात्रियों के वापस लौटना पड़ा. तभी से दोनों अंतरिक्ष यात्री ISS में फंसे हुए हैं. 

Crew-9 से होनी थी वापसी

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में इस समय Crew-9 मौजूद है, सुनीता विलियम्स इस मिशन की कमांडर हैं. उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए 12 मार्च को Crew-10 की लॉन्चिंग होनी थी, जिसमें चार अंतिरक्ष यात्री सवार होते. क्रू-10 के स्पेस में पहुंचने के बाद सुनीता विलियम्स नए कमांडर को ISS का चार्ज हैंडओवर करतीं, जिसके बाद वह स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर पृथ्वी पर वापस लौट आतीं. यह वापसी 19 मार्च तक होनी थी. हालांकि, Crew-10 की लॉन्चिंग में देरी होने के कारण उनकी वापसी फिर से टल गई है. 

हर छह महीने में भेजे जाते हैं एस्ट्रोनॉट्स

नासा द्वारा हर छह महीने में चार एस्ट्रोनॉट्स का एक सेट अंतरिक्ष में भेजा जाता है. ये एस्ट्रोनॉट्स ISS में रहकर प्रयोग करते हैं. जब छह महीने बाद नए अंतरिक्ष यात्री इनकी जगह लेते हैं, तो पहले से मौजूद अंतरिक्ष यात्री वापस पृथ्वी पर लौट आते हैं. नासा ने क्रू-9 में दो ही अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में भेजा था. इस दौरान अंतरिक्ष यान की दो सीटें खाली छोड़ी गई थीं, जिस पर सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को सवार होकर वापसी करनी थी. 

क्या स्पेस एजेंसी के पास नहीं है एक्स्ट्रा रॉकेट?

बात यहां सिर्फ एक्स्ट्रा रॉकेट की नहीं है. दरअसल, ISS का एक प्रोटोकॉल होता है, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों के एक सेट के ISS पर पहुंचने के बाद ही पहले से मौजूद अंतरिक्ष यात्री धरती पर वापस आते हैं. ऐसे में नया अंतरिक्ष यात्रियों का सेट जल्द ही भेजा जाएगा. जिसके बाद सुनीता विलियम्स की वापसी सुनिश्चित होगी. बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलन मस्क की स्पेस एक्स को दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने की जिम्मेदारी सौंपी है. 

यह भी पढ़ें: स्पेस स्टेशन से एलन मस्क के रॉकेट में कैसे सवार होंगी सुनीता विलियम्स, ये होता है पूरा प्रोसेस

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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