Dish Antenna: क्या भारत में लगे सभी डिश का टारगेट फेस एक ही तरफ है? ये कहां से लेते हैं सिग्नल
अधिकांश घरों के छतों पर डिश एंटीना लगे हुए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमेशा डिश एंटीना एक फेस में ही क्यों लगाए जाते हैं और इसको सीधा नहीं बल्कि तिरछा लगाया जाता है. जानिए इसके पीछे की वजह.

आज के वक्त अधिकांश घरों में डिश टीवी मौजूद है. महानगरों की बड़ी बिल्डिंग से लेकर शहर के तमाम मकान के छतों पर आपने छतरी देखा होगा. ये छतरी किसी भी कंपनी के हो सकत हैं, लेकिन सबसे लगाने का स्टाइल एक जैसा होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घरों के छत पर लगे डिश टीवी का टारगेट फेस एक तरफ ही क्यों होता है. आज हम आपको इसके पीछे की वजह बताएंगे. जानिए आखिर आपके छतों के ऊपर लगा छतरी डिश तिरछा क्यों होता है और सबका फेस एक तरफ क्यों होता है और ये कहां से सिग्नल लेते हैं.
डिश
घर के छतों पर लगे डिश के एंटीना को आप सबने देखा होगा कि उसका फेस एक तरफ होता है और वो तिरछा होता है. लेकिन अधिकांश लोग इसके पीछे का कारण नहीं जानते हैं. बता दें कि डिश एंटीना का काम सिग्नल को कैच करके टीवी तक सिग्नल को पहुंचाना है. दरअसल जब कोई किरण इसके कॉनकेव सरफेस से टकराती है, तब ये रिफ्लेक्ट करके वापस ना लौटे, इस वजह से छतरी को तिरछा लगाया जाता है. वहीं ये फोकस सरफेस के मीडियम से थोड़ी दूर पर होता है.
ऑफसेट होता है एंटीना
बता दें कि डिश एंटीना हमेशा ऑफसेट होता है. ऑफसेट एंटीना यानी यह कानकेव सर्फेस से मिलता-जुलता होता है, लेकिन थोड़ा सा ही अंदर मुड़ा होता है. इस सर्फेस पर जब सिग्नल टकराते हैं तो वह एंटीने में लगे फीड हॉर्न पर केंद्रीत हो जाते हैं. यह फीड हॉर्न इन सिग्नल्स को रिसीव कर लेता है. सिग्नल मिलने के बाद ही आपको टीवी पर तमाम चैनल दिखते हैं. बता दें कि छतरी को अगर सिग्नल नहीं मिलेगा, तो आपके टीवी स्क्रीन पर डिश का कोई भी चैनल प्रसारित नहीं हो पाएगा. आपने कई बार गौर किया होगा कि भारी बारिश और मौसम खराब होने पर कई बार टीवी पर डिश चैनल नहीं आते हैं. दरअसल मौसम के कारण कई बार एंटीना सिग्नल रिसीव नहीं कर पाता है.
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Source: IOCL





















