E Cigarette Rules: क्या भारत में क्राइम है ई-सिगरेट पीना, जानें वैपिंग पर कितनी मिल सकती है सजा?
E Cigarette Rules: हाल ही में क्रिकेटर रियान पराग का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर वे वेपिंग करते हुए नजर आ रहे हैं. आइए जानते हैं भारत में ई-सिगरेट को लेकर क्या नियम हैं.

- भारत में ई-सिगरेट का उत्पादन, बिक्री, और रखना प्रतिबंधित है।
- 2019 के कानून के तहत वेपिंग करना एक आपराधिक जुर्म है।
- ई-सिगरेट बनाने या बेचने पर जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान।
- पुलिस को बिना वारंट तलाशी और गिरफ्तारी का अधिकार मिला।
E Cigarette Rules: हाल ही में रियान पराग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर उन्हें ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए देखा गया है. इसके बाद पूरे देश में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या भारत में वेपिंग असल में गैर-कानूनी है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
भारत में ई सिगरेट की कानूनी स्थिति
भारत में ई सिगरेट पर सिर्फ नियम कानून ही नहीं लागू होते बल्कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 के तहत इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित भी कर दिया गया है. सरकार ने यह कानून स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चिंताओं को देखते हुए लगाया है. युवाओं के बीच इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए निकोटिन की लत फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. इसका मतलब है कि ई-सिगरेट से जुड़ी कोई भी गतिविधि एक आपराधिक जुर्म मानी जाती है.
किस चीज पर प्रतिबंध है?
यह कानून अपने दायरे में हर चीज को समेट लेता है. सिर्फ ई सिगरेट के इस्तेमाल को ही निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि ई सिगरेट से जुड़े लगभग हर पहलू पर यह नियम लागू है. इसमें इन उपकरणों का बनाना, इंपोर्ट करना, एक्सपोर्ट करना, एक जगह से दूसरी जगह ले जाना, बेचना, विज्ञापन करना और यहां तक कि उन्हें अपने पास रखना भी शामिल है.
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किन सजाओं का सामना करना पड़ सकता है?
सजा इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस तरह से इसमें शामिल हैं. जो लोग ई सिगरेट बनाने, बेचने या बांटने के काम में लगे हैं उन्हें पहली बार जुर्म करने पर 1 साल तक की जेल, ₹100000 तक का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं. अगर वही जुर्म दोबारा किया जाता है तो 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. ई सिगरेट को अपने पास रखना भी एक दंडनीय अपराध है. अगर कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 6 महीने तक की जेल, ₹50000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.
कानून के तहत पुलिस के अधिकार
यह कानून अधिकारियों को इसे लागू करने के लिए कई सख्त अधिकार भी देता है. सब इंस्पेक्टर या फिर उससे ऊपर के रैंक वाले पुलिस अधिकारी किसी भी जगह की तलाशी ले सकते हैं, ई सिगरेट को जब्त कर सकते हैं और अगर उन्हें कानून के उल्लंघन का शक हो तो बिना वारंट के किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर सकते हैं.
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