Purple Day Of Epilepsy: क्या अमेरिका-इंग्लैंड जैसे देशों में भी हैं मिर्गी के मरीज, जानें किन-किन देशों में फैली यह बीमारी?
Purple Day Of Epilepsy: मिर्गी के गंभीर बीमारी है और इसे दवा के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है. यह बीमारी भारत के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, ब्रिटेन, रूस, अफ्रीका जैसे देशों में भी है.

Purple Day Of Epilepsy: मिर्गी की समस्या कई बार लोगों में देखने को मिलती है. यह एक क्रोनिक नॉन कम्युनिकेबल डिजीज है. जिसमें हर उम्र के लोगों के दिमाग पर इसका असर देखने को मिल सकता है. WHO की मानें तो दुनियाभर में तकरीबन पांच करोड़ लोग मिर्गी की बीमारी से पीड़ित हैं. इसके अलावा 80 फीसदी मरीज लो इनकम और मिडिल इनकम वाले देशों में मौजूद हैं. लेकिन इसको लेकर जागरूकता बहुत जरूरी है, इसीलिए 26 मार्च को हर साल पर्पल डे ऑफ एपिलेप्सी मनाया जाता है.
क्यों मनाते हैं पर्पल डे
हर साल 26 मार्च के मौके पर लोग पर्पल कलर के कपड़े पहनकर मिर्गी को लेकर जागरूकता फैलाते नजर आते हैं. दरअसल यह रंग लैवेंडर से प्रेरित है और अकेलेपन को भी रीप्रेजेंट करता है. साल 2008 में इसकी शुरुआत एक नौ साल की बच्ची कैसिडी मेगन ने की थी. वो खुद इस बीमारी का सामना कर रही थी और उसकी कोशिश थी कि लोगों को इसके लिए जागरूक किया जाए.
इंग्लैंड में भी हैं मिर्गी के मरीज
किसी निश्चित समय पर सक्रिय मिर्गी से पीड़ित सामान्य आबादी का अनुमानित अनुपात 1000 लोगों में 4-10 के बीच है. रूस, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में भी मिर्गी के मरीज पाए जाते हैं. इंग्लैंड और वेल्स में मिर्गी का प्रचलन 4.3 और 9 प्रति 1000 के बीच है. 2019 की एक रिपोर्ट की मानें तो दुनियाभर में करीब सात करोड़ मिर्गी के मरीज हैं और इनमें से 20 लाख मरीज भारत में हैं. यह एक ऐसी बीमारी है जिसपर नियंत्रण पाया जा सकता है, लेकिन भारत में मिर्गी के मरीजों को सामाजिक रूप से बहिष्कार का सामना करना पड़ता है. यही वजह है कि ज्यादातर मरीज इलाज से वंचित रह जाते हैं. यहां शहरी इलाकों में मिर्गी के मरीज का डॉक्टर तक पहुंच पानें का प्रतिशत लगभग 60 फीसदी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा निराश करता है. यहां करीब 10 प्रतिशत लोग ही डॉक्टर के पास पहुंच पाते हैं.
किन देशों में पाए जाते हैं मिर्गी के मरीज
मिर्गी (PWE) से पीड़ित लगभग 80 प्रतिशत लोग विकासशील देशों में रहते हैं, जहां सामान्य आबादी में हर साल 40 से 70 नए मामले सामने आते हैं. भारत के अलावा यह बीमारी अफ्रीका के लाइबेरिया, नाइजीरिया और यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया में मिर्गी होने का खतरा ज्यादा है. लैटिन अमेरिका, एशिया में चीन, भारत, नेपाल, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों में इसके मरीज पाए जाते हैं.
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