Sharmistha Mukherjee: क्या काम करती हैं प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी, कहां से होती है उनकी कमाई?
Sharmistha Mukherjee: पूर्व राष्ट्रपति प्रथम मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी आजकल काफी चर्चा में हैं. आइए जानते हैं कि वे क्या काम करती हैं और उनकी कमाई कहां-कहां से होती है.

- शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी की डायरी का खुलासा किया।
- वह प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना और स्थापित लेखिका के तौर पर जानी जाती हैं।
- पूर्व कांग्रेसी नेत्री अब स्वतंत्र राजनीतिक विश्लेषक और टिप्पणीकार हैं।
Sharmistha Mukherjee: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी हाल ही में अपने पिता की निजी डायरियों से कई बातें सामने लाने के बाद चर्चा में आई हैं. उन्होंने बताया कि प्रणब मुखर्जी ने लिखा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता की नब्ज की सबसे अच्छी समझ है. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या काम करती हैं शर्मिष्ठा मुखर्जी और कहां से होती है उनकी कमाई.
एक मशहूर कथक डांसर
शर्मिष्ठा मुखर्जी एक बेहतरीन कथक डांसर हैं. उन्होंने 12 साल की उम्र में ट्रेनिंग शुरू की थी. इतने सालों में उन्होंने भारत और विदेशों में कई कल्चरल फेस्टिवल, सरकारी कार्यक्रम और प्राइवेट फंक्शन में परफॉर्म किया है. उनकी परफॉर्मेंस से मिलने वाली फीस और मानदेय उनकी प्रोफेशनल कमाई का एक काफी बड़ा जरिया है.
एक स्थापित लेखिका
डांस के अलावा शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक लेखिका के तौर पर भी अपनी पहचान बनाई है. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की निजी डायरी और यादों पर आधारित उनकी किताब प्रणब माई फादर: ए डॉटर रिमेंबर्स को लोगों ने काफी पसंद किया है. वह राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अखबार, मैगजीन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए लेख और राय भी लिखती हैं.
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सक्रिय राजनीति से पॉलिटिकल कमेंट्री तक
शर्मिष्ठा मुखर्जी कभी सक्रिय राजनीति में शामिल थीं. उन्होंने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर भी काम किया और साथ ही दिल्ली महिला कांग्रेस की प्रमुख भी रहीं. उन्होंने 2021 में सक्रिय राजनीति से हटने के बाद अपना पूरा ध्यान राजनीतिक विश्लेषण पर लगाया और अब वे एक आजाद कमेंटेटर के तौर पर टीवी चर्चा, पॉलिसी फोरम और पब्लिक इवेंट में हिस्सा लेती हैं.
कमाई का मुख्य जरिया
उनकी कमाई किसी एक काम से नहीं बल्कि कई प्रोफेशनल जरियों से होती है. उनकी किताबों से मिलने वाली रॉयल्टी कमाई का एक नियमित जरिया है. इसी के साथ उन्हें भारत और विदेशों में कल्चरल इवेंट्स में कथक परफॉर्मेंस के लिए मानदेय भी दिया जाता है. इसके अलावा वह अखबारों में कॉलम लिखने, पैनल चर्चा में हिस्सा लेने, लिटरेरी फेस्टिवल में बोलने और पब्लिक पॉलिसी इवेंट्स में शामिल होने के लिए भी फीस लेती हैं.
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