एक्सप्लोरर

India Plastic Notes: पहली बार नहीं हो रही प्लास्टिक के नोट छापने की कोशिश, कब-क्या हुआ और क्यों प्लान अटक गया?

India Plastic Notes: भारत में पॉलीमर नोट लाने की चर्चा तेज हो चुकी है. आइए जानते हैं कि इससे पहले यह कदम कब उठाया गया है और यह क्यों कामयाब नहीं हो पाया था.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • भारत 2026 तक प्लास्टिक करेंसी नोट फिर से लाएगा।
  • आरबीआई के दो पूर्व प्रयास पहले विफल हो चुके थे।
  • नई रणनीति घरेलू उत्पादन पर केंद्रित; दस-बीस नोट पहले।

India Plastic Notes: भारत एक बार फिर से प्लास्टिक करेंसी नोट लाने की तैयारी कर रहा है. लेकिन यह देश की पहली कोशिश नहीं है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पहले भी दो बार 2010 और 2017 में पॉलीमर बैंक नोट को चलन में लाने की कोशिश की थी. लेकिन दोनों ही बार इन कोशिशों को रोक दिया गया था. अब 2026 में आरबीआई ने एक नई रणनीति के साथ इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया है. इस रणनीति में न सिर्फ प्लास्टिक नोट छापने पर ध्यान दिया जा रहा है बल्कि उन्हें भारत में ही बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है.

इस मामले में ताजा कदम 

दरअसल यह तब शुरू हुआ जब आरबीआई की सब्सिडियरी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड ने देश में ही पॉलीमर सबस्ट्रेट फैक्ट्री लगाने के लिए एक ग्लोबल टेंडर जारी किया. पायलट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले ₹10 और ₹20 के नोट लाने की उम्मीद है. क्योंकि ये नोट सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं.

भारत की पहली कोशिश 

पॉलीमर बैंक नोट की दिशा में भारत का सफर अप्रैल 2010 में शुरू हुआ था. आरबीआई ने देश भर में अलग-अलग मौसम की स्थिति में प्लास्टिक नोट की मजबूती और परफॉर्मेंस को परखने की योजना बनाई थी. 2012 और 2014 के बीच केंद्रीय बैंक ने ₹10 के एक अरब पॉलीमर नोट के साथ फील्ड ट्रायल का प्रस्ताव रखा था. पायलट प्रोजेक्ट के लिए पांच शहर जयपुर, शिमला, भुवनेश्वर, मैसूर और कोच्चि को चुना गया था. ऐसा इसलिए क्योंकि वहां मौसम की अलग-अलग स्थिति थी. इससे आरबीआई को यह समझने में मदद मिलती की अलग-अलग माहौल में नोट कैसे काम करेंगे. सभी तैयारी के बावजूद भी यह योजना ट्रायल स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई. 

यह भी पढ़ेंः 31 में से 7 आदमखोर! जानें गुजरात में क्यों इंसानों को खा रहे शेर, जमीन की लड़ाई में क्यों हो रहा इजाफा

दूसरी कोशिश 

यह प्रस्ताव मार्च 2017 में फिर से सामने आया था. केंद्र सरकार ने संसद को बताया कि उसने ₹10 के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल को एक बार फिर से मंजूरी दे दी है.  छपाई के लिए जरूरी पॉलीमर शीट खरीदने की भी मंजूरी मिल गई थी. हालांकि आधिकारिक मंजूरी मिलने के बावजूद भी यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया और आखिरकार पॉलीमर नोटों को चलन में लाए बिना ही इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. 

क्या थी इन नाकामियों के पीछे की वजह? 

सबसे बड़ी रुकावटों में से एक भारत का बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर था. उस समय ज्यादातर एटीएम, कैश सॉर्टिंग मशीन और वेंडिंग सिस्टम पारंपरिक कॉटन पेपर करेंसी के हिसाब से बनाए गए थे. वह पॉलीमर नोट को सही ढंग से पहचान नहीं पा रहे थे, ना ही उन्हें गिन और जारी कर पा रहे थे. इसी के साथ देश भर में लाखों मशीनों को अपग्रेड करने में काफी ज्यादा निवेश की जरूरत पड़ती है. 

इसी के साथ एक और बड़ी चुनौती थी हाई सिक्योरिटी वाले पॉलीमर सबस्ट्रेट के लिए घरेलू प्रोडक्शन सुविधाओं का ना होना. हालांकि भारत के पास कॉटन बेस्ड करेंसी पेपर बनाने का इंफ्रास्ट्रक्चर से पहले से ही था लेकिन सिक्योरिटी ग्रेड पॉलीमर पदार्थ के लिए वह पूरी तरह से विदेशी सप्लायर पर निर्भर था.

यह भी पढ़ेंः बाल कतरवा से लेकर मुंहनोचवा तक... सुर्खियों में रह चुके हैं ये अजीब गैंग, किसने फैलाई थी सबसे ज्यादा दहशत?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

India Plastic Notes: पहली बार नहीं हो रही प्लास्टिक के नोट छापने की कोशिश, कब-क्या हुआ और क्यों प्लान अटक गया?
पहली बार नहीं हो रही प्लास्टिक के नोट छापने की कोशिश, कब-क्या हुआ और क्यों प्लान अटक गया?
Gujarat Lion Attacks: 31 में से 7 आदमखोर! जानें गुजरात में क्यों इंसानों को खा रहे शेर, जमीन की लड़ाई में क्यों हो रहा इजाफा
31 में से 7 आदमखोर! जानें गुजरात में क्यों इंसानों को खा रहे शेर, जमीन की लड़ाई में क्यों हो रहा इजाफा
Baal Katarva Gang: बाल कतरवा से लेकर मुंहनोचवा तक... सुर्खियों में रह चुके हैं ये अजीब गैंग, किसने फैलाई थी सबसे ज्यादा दहशत?
बाल कतरवा से लेकर मुंहनोचवा तक... सुर्खियों में रह चुके हैं ये अजीब गैंग, किसने फैलाई थी सबसे ज्यादा दहशत?
Japan Intelligence Agency: जापान बना रहा अपनी खुफिया एजेंसी, जानें इस देश का सबसे बड़ा दुश्मन कौन?
जापान बना रहा अपनी खुफिया एजेंसी, जानें इस देश का सबसे बड़ा दुश्मन कौन?
Advertisement

वीडियोज

Kajal, Shreyas Talpade & Chettan DK Talk About Food Safety, Health, Parenting & Their Film 'The India Story'
Sohail Khan ने बचपन के दर्द का किया खुलासा, सालों बाद सुनाई Sexual Harassment की कहानी
गुटखाबाज बीवी की डिमांड डायरी!
Shehnaaz Gill बोलीं- अभी सक्सेस नहीं मिली, मेरा सपना है लोग टिकट खरीदकर मेरी फिल्में देखने आएं
Bollywood News: '3 Idiots' की कहानी पर आमिर का नया खुलासा, सोनम वांगचुक कनेक्शन पर छिड़ी नई बहस (17-07-2026)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, बोले - 'मैं इस घटना से...'
अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, बोले - 'मैं इस घटना से...'
'अखिलेश जी... बेचैन मत होइए, पश्चाताप कीजिए', जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर ओपी राजभर का निशाना
'अखिलेश जी... बेचैन मत होइए, पश्चाताप कीजिए', जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर ओपी राजभर का निशाना
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस तो आया कपिल सिब्बल का रिएक्शन, बोले - मोदी जी ने...'
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस तो आया कपिल सिब्बल का रिएक्शन, बोले - मोदी जी ने...'
21 साल की उम्र में तिहरा शतक, एक ओवर में 6 छक्के… सर गैरी सोबर्स के वो रिकॉर्ड जिन्होंने रचा इतिहास
21 साल की उम्र में तिहरा शतक, एक ओवर में 6 छक्के… सर गैरी सोबर्स के वो रिकॉर्ड जिन्होंने रचा इतिहास
Deool Band 2 Lifetime Collection: 10 करोड़ के बजट में बनी 'देऊल बंद 2' हुई सुपरहिट, 641.6% रहा प्रॉफिट, जानें- लाइफटाइम कलेक्शन
10 करोड़ के बजट में बनी 'देऊल बंद 2' हुई सुपरहिट, 641.6% रहा प्रॉफिट, जानें- लाइफटाइम कलेक्शन
लखनऊ में 5 साल के मासूम को क्लास मॉनिटर ने बेरहमी से पीटा, CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना
लखनऊ में 5 साल के मासूम को क्लास मॉनिटर ने बेरहमी से पीटा, CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना
रायपुर: परिवार के 5 लोगों की मौत से हड़कंप, कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर लगाई फांसी
रायपुर: परिवार के 5 लोगों की मौत से हड़कंप, कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर लगाई फांसी
श्रीहरिकोटा से Vikram-1 की सफल लॉन्चिंग पर PM मोदी ने किया फोन, वैज्ञानिकों को दी बधाई, जानें और क्या कहा?
श्रीहरिकोटा से Vikram-1 की सफल लॉन्चिंग पर PM मोदी ने किया फोन, वैज्ञानिकों को दी बधाई, जानें और क्या कहा?
Embed widget