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Pm Modi Breaks Nehru Record: 6130 दिन तक पीएम थे जवाहरलाल नेहरू, फिर 12 साल में ही उनसे आगे कैसे निकले पीएम मोदी?

Pm Modi Breaks Nehru Record: देश के राजनीतिक इतिहास में 10 जून 2026 को एक बड़ा बदलाव दर्ज हुआ जब पीएम मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

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  • मोदी ने 4399 दिन PM रहकर नया कीर्तिमान स्थापित किया.

Pm Modi Breaks Nehru Record: भारत के राजनीतिक इतिहास में एक बहुत बड़ा फेरबदल हुआ है, जिसने देश के प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है. देश की राजनीति में दशकों से बना एक ऐसा रिकॉर्ड टूट गया है, जिसे कभी अजेय माना जाता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 12 साल के कार्यकाल के दौरान एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जिसने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के एक बेहद खास रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. लेकिन नेहरू के 6130 दिन के कार्यकाल को मोदी ने सिर्फ 12 साल में कैसे पीछे छोड़ दिया. इस ऐतिहासिक बदलाव को समझने के लिए देश की लोकतांत्रिक यात्रा, चुनाव प्रणाली और दोनों नेताओं के कार्यकाल की बारीकियों को बेहद गहराई से देखना होगा.

मोदी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को देश की राजनीति में एक बेहद खास और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज करा ली है. इस तारीख को पार करते ही वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार चुने हुए कार्यकाल के रिकॉर्ड से आगे निकल गए हैं. इस बड़े बदलाव ने देश के सबसे लंबे समय तक रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में पीएम मोदी का नाम दर्ज करा दिया है. यह भारतीय लोकतंत्र के सफर में एक बहुत बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है.

मोदी के कार्यकाल की शुरुआत

नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री के पद की शपथ लेकर अपनी इस लंबी यात्रा की शुरुआत की थी. देश की जनता ने उनके काम पर भरोसा जताते हुए साल 2019 में एक बार फिर भारी बहुमत के साथ उन्हें सत्ता की चाबी सौंपी. इसके बाद हाल ही में 9 जून 2024 को उन्होंने लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया. इस तरह लगातार तीन बड़े आम चुनावों में भारी जनसमर्थन के साथ उनका यह सफर आज भी बिना रुके जारी है.

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी तोड़ेंगे नेहरू का रिकॉर्ड, देखें सत्ता में सबसे ज्यादा दिनों तक रहने वाले टॉप-3 प्रधानमंत्री की लिस्ट

नेहरू ने कितने दिन संभाली सत्ता?

अगर हम इतिहास के पन्नों को पलटें तो पंडित जवाहरलाल नेहरू आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे. कुल दिनों की बात करें तो नेहरू पूरे 6130 दिन तक देश के प्रधानमंत्री के पद पर बने रहे थे. लेकिन इस पूरे कार्यकाल को समझने के लिए इसे दो हिस्सों में देखना जरूरी है. उनका पहला हिस्सा अंतरिम सरकार का था, जबकि दूसरा हिस्सा देश में चुनाव होने के बाद पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में सामने आया था.

नेहरू की अंतरिम सरकार का सच

देश को जब 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली, तब देश में तुरंत आम चुनाव कराना संभव नहीं था. उस समय पंडित नेहरू को बिना किसी चुनाव के देश की अंतरिम सरकार का प्रमुख यानी प्रधानमंत्री बनाया गया था. नेहरू की अगुवाई में यह अंतरिम सरकार लगभग 5 साल यानी पूरे 1732 दिन तक बिना किसी चुनाव के चलती रही थी. इस शुरुआती दौर में नेहरू के पास देश की कमान तो जरूर थी, लेकिन उनके पास जनता द्वारा सीधे वोट देकर चुना गया कोई बड़ा जनादेश नहीं था.

कब हुआ लोकतंत्र का पहला चुनाव?

भारत के इतिहास में पहले आम चुनाव साल 1951 और 1952 के बीच आयोजित किए गए थे. देश में नई लोकसभा का गठन होने के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 मई 1952 को पहली बार देश के एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. इसके बाद साल 1962 के तीसरे आम चुनाव तक उन्होंने लगातार कांग्रेस को जीत दिलाई. पहले आम चुनाव से लेकर अपने जीवन के अंतिम समय तक नेहरू एक चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 4398 दिन तक पद पर रहे थे.

पीएम मोदी ने कैसे तोड़ दिया नेहरू का रिकॉर्ड?

अब इस पूरे गणित को समझें तो नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर अपने 4399 दिन पूरे कर लिए हैं. इसी के साथ उन्होंने नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री वाले 4398 दिनों के पुराने रिकॉर्ड को पूरी तरह से पीछे छोड़ दिया है. इसमें नेहरू की अंतरिम सरकार के दिनों को नहीं जोड़ा गया है. 12 वर्षों के इस लगातार और बिना रुके चलने वाले कार्यकाल के दम पर पीएम मोदी ने अब लोकतंत्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक देश की कमान संभालने वाले चुने हुए नेता का एक नया और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है.

यह भी पढ़ें: Barkatullah Bhopali: तो जवाहरलाल नेहरू नहीं थे भारत के पहले पीएम? इस शख्सियत ने बनाई थी देश में पहली सरकार

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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