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एयरपोर्ट पर किसी आईडी की जरूरत नहीं, बस फोन में रखिए ये ऐप तुरंत मिलेगी एंट्री

एयरपोर्ट पर यात्री अक्सर सुरक्षा जांच के दौरान लंबी लाइनों से परेशान होते हैं.लेकिनअब डिजी यात्रा के जरिए यात्री सिर्फ चेहरा स्कैन करके एंट्री कर सकते हैं. जानिए डिजी यात्रा ऐप कैसे काम करता है.

 


हवाई जहाज से सफर करने वाले लोग अक्सर एयरपोर्ट पर लगने वाली लंबी लाइन से परेशान रहते हैं. लेकिन अब डिजी यात्रा के जरिए चेकइन-बोर्डिंग की लंबी लाइन से बचा जा सकता है. इसके लिए एयरपोर्ट पर बस आपको अपना चेहरा स्कैन करना होगा. इस दौरान  बोर्डिंग पास,आधार कार्ड समेत किसी भी अन्य पेपर की जरूरत नहीं पड़ेगी. आज हम आपको बताएंगे कि हवाई यात्रा के दौरान आप कैसे डिजी यात्रा ऐप का इस्तेमाल करके लंबी लाइनों से बच सकते हैं. इसके अलावा डिजी यात्रा ऐप के क्या-क्या फायदे हैं. 

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क्या है डिजी यात्रा?

डिजी यात्रा सुविधा एक फैसियल रिकॉग्निशन सिस्टम है. ये एक तरीके से पूरी तरह पेपरलेस व्यवस्था है. इसके लिए आपको एयरपोर्ट पर एंट्री, सिक्योरिटी चेक, एयरक्राफ्ट में बोर्डिंग या लगेज ड्रॉफ के समय सिर्फ अपना चेहरा दिखाना होता है. इस दौरान किसी भी तरह के फिजिकल बोर्डिंग पास या अन्य किसी आईडी की जरूरत नहीं पड़ती है. 

कैसे करना होगा पंजीकरण? 

डिजी यात्रा पर खुद को रजिस्टर करने के लिए सबसे पहले प्ले स्टोर या आईओएस से डिजी यात्रा एप्लीकेशन डाउनलोड करना होता है. इसके बाद इस एप्लीकेशन में मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होता है. रजिस्ट्रेशन के साथ ही आप डिजिलॉकर या ऑफलाइन मोड में अपना पहचान पत्र अपलोड कर सकते हैं. आइडेंटिटी प्रोफाइलिंग के बाद आपको अपनी एक सेल्फी अपलोड करना होता है. इसके बाद आपकी डिजी यात्रा आईडी बन जाएगी. डिजी यात्रा के लिए सिर्फ 4 चीजें जरूरी होती हैं. 1. नाम 2. ईमेल आईडी 3. मोबाइल नंबर 4. पहचान पत्र (वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार आदि)

एयरपोर्ट सिक्योरिटी को कैसे चलेगा पता ?

अब सवाल ये उठता है कि एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेक के दौरान सुरक्षाकर्मियों को कैसे पता चलेगा कि आप डिजी यात्रा का इस्तेमाल कर रहे हैं ? india.gov.in पर दी गई जानकारी के मुताबिक टिकट बुक करने के दौरान ही यात्री को अपना डिजी यात्रा आईडी नंबर बताना होता है. इससे डिजी यात्रा आईडी सहित उसका डेटा संबंधित एयरलाइंस द्वारा प्रस्थान हवाई अड्डे पर भेज देती है. जिससे एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षाकर्मी टिकट देखकर समझ जाते हैं कि इस यात्री ने डिजी यात्रा ऐप का इस्तेमाल किया है और इससे यात्रियों को कई तरह के लाभ होते हैं. . 

डिजी यात्रा वेरिफिकेशन 

डिजी यात्रा पर रजिस्ट्रेशन के बाद आईडी वेरीफाई करवाने के लिए हवाई अड्डे पर डिजी यात्रा पंजीकरण कियोस्क पर जाना होता है. वहीं अगर आपने आईडी प्रूफ के तौर पर आधार दिया है तो वेरिफिकेशन ऑनलाइन होगा. इसके अलावा अन्य आईडी के मामलों में सीआईएसएफ मैन्युअल वेरीफिकेशन करेगा. हालांकि एक बार आईडी वेरीफाई होने के बाद आपकी फोटो और डाटा डिजी यात्रा सिस्टम में जोड़ दिया जाता है. 

एयरपोर्ट पर पेपरलेस एंट्री?

बता दें कि देश के सभी एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा की सुविधा नहीं है. लेकिन जिन एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा सुविधा की शुरुआत हो गई है, वहां डिजी यात्रा पैसेंजर्स के लिए अलग गेट बनाया गया है. यात्रियों को इन गेट पर सिर्फ अपना बोर्डिंग पास या ई-टिकट (मोबाइल में प्रिंट या सॉफ्ट कॉपी) को स्कैन करना होता है. इसके बाद डिजी यात्रा आईडी फेस रिकग्निशन द्वारा पहचान सत्यापित करता है. टिकट और डिजी यात्रा आईडी के सफल सत्यापन के बाद ई-गेट खुल जाता है और सिक्योरिटी चेक और विमान बोर्डिंग में प्रवेश मिल जाता है. 

किन एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा सुविधा?

जानकारी के मुताबिक अभी डिजी यात्रा सुविधा देश के 13 हवाई अड्डों पर उपलब्ध है. डिजी यात्रा फाउंडेशन की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली वाराणसी, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, विजयवाड़ा, मुंबई, कोच्ची, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी और चेन्नई एयरपोर्ट पर यह सुविधा उपलब्ध है. इसी साल मार्च तक देश के 14 और एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा सुविधा शुरू करने की तैयारी है.

 

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