एक्सप्लोरर

मंगल पर मिले जीवन के संकेत, धरती के नीचे है समुद्र, उल्कापिंड और भूकंपों ने खोले रहस्य

Ocean on Mars Planet: एक रिसर्च का हवाला देकर वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि लाल ग्रह यानी मंगल के धूल भरे लाल मैदान के नीचे पानी का एक विशाल भंडार है, यानी मंगल की धरती के नीचे समुद्र है.

Red Planet: इस बात के प्रमाण बढ़ रहे हैं कि मंगल के धूल भरे लाल मैदानों के नीचे एक रहस्य छिपा है, जो लाल ग्रह के बारे में हमारे नज़रिए को फिर से परिभाषित कर सकता है. इसमें पानी का एक विशाल भंडार है, जो पृथ्वी की सतह में गहराई तक है. मंगल ग्रह पर प्राचीन जल निकायों के निशान हैं. लेकिन जब ग्रह ठंडा और शुष्क हो गया तो यह सब कहां चला गया, इसकी पहेली ने वैज्ञानिकों को लंबे समय से उलझन में डाल रखा है.

हमारी नई रिसर्च शायद इसका जवाब दे. नासा के ‘इनसाइट’ मिशन से भूकंप संबंधी आंकड़ों का उपयोग करते हुए, हमने इस बात के प्रमाण खोजे हैं कि भूकंपीय तरंगें सतह से 5.4 से 8 किलोमीटर नीचे की परत में धीमी हो जाती हैं, जो इन गहराईयों में तरल पानी की मौजूदगी के कारण हो सकता है.

3 अरब साल पहले मंगल पर बहती थी नदियां

मंगल हमेशा से वैसा बंजर रेगिस्तान नहीं था जैसा हम आज देखते हैं. अरबों साल पहले, नोआचियन और हेस्पेरियन काल (4.1 अरब से 3 अरब साल पहले) के दौरान, नदियों ने घाटियां बनाईं और वहां झीलें चमकती थीं.

नोआचियन और हेस्पेरियन काल मंगल ग्रह के भूगर्भिक इतिहास के दो महत्वपूर्ण कालखंड हैं. नोआचियन काल में, मंगल ग्रह बड़े और छोटे दोनों तरह के गड्ढों से ढका हुआ था. हेस्पेरियन काल के दौरान, नोआचियन सतह पर और छोटे गड्ढे जमा हो गए, लेकिन हेस्पेरियन सतह भी उभरी और फिर बाद में केवल छोटे गड्ढे ही जमा हुए. नोआचियन काल लगभग 3.7 अरब साल पहले समाप्त हुआ था, जबकि हेस्पेरियन काल लगभग 2.9 से 3.3 अरब साल पहले समाप्त हुआ था.

मंगल की सतह से कैसे गायब हो गया पानी?

जैसे-जैसे मंगल का चुंबकीय क्षेत्र फीका पड़ता गया और उसका वायुमंडल क्षीण होता गया, ज़्यादातर सतही पानी गायब हो गया. कुछ अंतरिक्ष में गया, कुछ ध्रुवीय हिम क्षेत्रों (पोलर कैप्स) में जम गया और कुछ खनिजों में चला गया, जहां वो आज भी मौजूद है. लेकिन वाष्पीकरण, बर्फ जमना और चट्टानें उस पूरे पानी का हिसाब नहीं दे सकतीं जो सुदूर अतीत में मंगल पर रहा होगा. गणनाओं से पता चलता है कि ‘लुप्त’ हो चुका पानी इतना है कि यह ग्रह को कम से कम 700 मीटर गहरे और शायद 900 मीटर तक गहरे समुद्र में ढक सकता है.

एक परिकल्पना यह है कि गायब पानी सतह में रिस गया. नोआचियन काल के दौरान मंगल ग्रह पर उल्कापिंडों की भारी बारिश हुई थी, जिससे दरारें बन गई होंगी, जिससे पानी भूमिगत हो गया होगा. सतह के पास जमी हुई पानी की परतों के विपरीत सतह के नीचे, गर्म तापमान पानी को तरल अवस्था में रखता होगा.

साल 2018 में, नासा का ‘इनसाइट’ लैंडर सुपर-सेंसिटिव सीस्मोमीटर के साथ ग्रह के अंदरूनी हिस्से की हलचल का पता लगाने के लिए मंगल ग्रह पर उतरा. ‘शियर वेव्स’ नामक एक विशेष प्रकार के कंपन का रिसर्च करके, हमने एक महत्वपूर्ण भूमिगत विसंगति पाई, जिसमें 5.4 और 8 किलोमीटर के गहराई के बीच एक परत है जहां ये कंपन ज्यादा धीमी गति से होते हैं.

अंटार्कटिका की बर्फ की चादर से ज्यादा है पानी

यह ‘कम-वेग वाली परत’ संभवतः अत्यधिक छिद्रपूर्ण चट्टान है जो तरल पानी से भरी हुई है, जैसे पानी अवशोषित कर चुका स्पंज होता है. बिल्कुल पृथ्वी के ‘एक्वीफायर्स’ की तरह, जहां भूजल चट्टान के छिद्रों में रिसता है. हमने गणना की कि मंगल ग्रह पर ‘एक्वीफायर्स की परत’ में इतना पानी हो सकता है कि यह ग्रह को 520-780 मीटर गहरे वैश्विक महासागर में ढक सके. अंटार्कटिका की बर्फ की चादर में मौजूद पानी से कई गुना ज़्यादा हो सकता है. पानी की यह मात्रा अंतरिक्ष में हुई क्षति, खनिजों में रुके पानी और आधुनिक बर्फ की चोटियों को ध्यान में रखने के बाद, मंगल ग्रह पर ‘लुप्त’ पानी (710-920 मीटर) के अनुमान के अनुरूप है.

हमने 2021 में दो उल्कापिंडों के प्रभाव और 2022 में एक भूकंप के कारण अपनी खोज की. इन घटनाओं ने भूपटल में भूकंपीय तरंगें भेजीं, जैसे कि तालाब में पत्थर गिराना और तरंगों को फैलते देखना. ‘इनसाइट’ के सीस्मोमीटर ने इन कंपनों को दर्ज किया. हमने घटनाओं से उच्च-आवृत्ति संकेतों का उपयोग किया. हमने ‘रिसीवर फ़ंक्शन’ की गणना की, जो इन तरंगों के होते हैं क्योंकि वे भूपटल में परतों के बीच गूंजते हैं, जैसे कि एक गुफ़ा का मानचित्रण करने वाली प्रतिध्वनियां. इनसे हमें उन सीमाओं को इंगित करने में मदद मिलती है जहां चट्टान बदलती है, जिससे 5.4 से 8 किलोमीटर गहरी जलयुक्त परत का पता चलता है.

शुद्ध होने पर काम आ सकता है मंगल का पानी

जैसा कि हम जानते हैं, तरल जल जीवन के लिए आवश्यक है. पृथ्वी पर, सूक्ष्मजीव गहराई में, पानी से भरी चट्टान में पनपते हैं. क्या इन जलाशयों में समान जीवन, शायद प्राचीन मंगल ग्रह के पारिस्थितिकी तंत्र के अवशेष, मौजूद हो सकते हैं? इसका पता लगाने का केवल एक ही तरीका है. यह पानी ज्यादा जटिल जीवों के लिए भी जीवन रेखा हो सकता है - जैसे कि भविष्य के मानव खोजकर्ता. शुद्ध होने पर यह पीने का पानी, ऑक्सीजन या रॉकेट के लिए ईंधन प्रदान कर सकता है.

बेशक, दूर के ग्रह पर किलोमीटर गहराई तक ड्रिलिंग करना एक कठिन चुनौती है. हालांकि, मंगल की भूमध्य रेखा के पास एकत्र किए गए हमारे आंकड़ों से अन्य जल-समृद्ध क्षेत्रों की संभावना का भी संकेत मिलता है - जैसे कि यूटोपिया प्लैनिटिया का बर्फीला मिट्टी का जलाशय.

मंगल ग्रह के रहस्यों की खोज में आगे क्या ?

हमारा भूकंपीय आंकड़ा मंगल के केवल एक हिस्से को कवर करता है. शेष ग्रह पर संभावित जल परतों का मानचित्रण करने के लिए भूकंपमापी वाले नए मिशनों की आवश्यकता है. भविष्य के रोवर या ड्रिल एक दिन इन जलाशयों का दोहन कर सकते हैं, जीवन के निशानों के लिए उनके रसायन विज्ञान का विश्लेषण कर सकते हैं. इन जल क्षेत्रों को पृथ्वी के सूक्ष्म जीवों से भी सुरक्षा की आवश्यकता है, क्योंकि वे मूल मंगल ग्रह के जीव विज्ञान को आश्रय दे सकते हैं.

यह भी पढ़ें -

भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे छोटी लड़ाई, इससे पहले इतने दिन तक चला था युद्ध

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

आम लोगों तक कब तक पहुंचेगा Satellite Internet, कितना सस्ता होगा डेटा प्लान?
आम लोगों तक कब तक पहुंचेगा Satellite Internet, कितना सस्ता होगा डेटा प्लान?
ITR Penalty Rules: ITR फाइलिंग में दी गलत जानकारी, कितनी हो सकती है सजा?
ITR फाइलिंग में दी गलत जानकारी, कितनी हो सकती है सजा?
आवारा पशु से हादसे पर कौन देगा मुआवजा, सरकार या इंश्योरेंस कंपनी?
आवारा पशु से हादसे पर कौन देगा मुआवजा, सरकार या इंश्योरेंस कंपनी?
वक्त से पहले प्रोजेक्ट पूरा हुआ तो कितना बचता है पैसा?, जानें पूरा हिसाब-किताब
वक्त से पहले प्रोजेक्ट पूरा हुआ तो कितना बचता है पैसा?, जानें पूरा हिसाब-किताब

वीडियोज

Aaradhya Bachchan को था Ranbir Kapoor पर Crush, Aishwarya Rai ने बताया मजेदार किस्सा
Mannat:😱Vikrant की सुरक्षा की बड़ी जंग, अपनों के ही खिलाफ Mannat ने उठाया बड़ा कदम #sbs
Bollywood News: क्या राम गोपाल वर्मा और उर्मिला मातोंडकर ने गुप्त चुप तरीके से कर ली थी शादी? दिग्गज पत्रकार का दावा, चिरंजीवी ने कैसे खोला था राज? (01.08.26)
जंतर मंतर की पुलिस फाइल्स!
Nia Sharma ने किया Relationship Soft Launch? Sikander Singh संग Photos ने मचाई हलचल

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
नेताओं को फंसाने की 'हनी ट्रैप साजिश' बेनकाब! JeM संदिग्ध-महिला को STF ने पकड़ा
नेताओं को फंसाने की 'हनी ट्रैप साजिश' बेनकाब! JeM संदिग्ध-महिला को STF ने पकड़ा
पवर्तारोही निर्मल पुर्जा की मौत, ब्रॉड पीक पर बर्फीले तूफान ने ली जान
पवर्तारोही निर्मल पुर्जा की मौत, ब्रॉड पीक पर बर्फीले तूफान ने ली जान
प्रधानमंत्री के वीडियो पर रोहिणी आचार्य, 'जरूर मोदी जी…'
प्रधानमंत्री के वीडियो पर रोहिणी आचार्य, 'जरूर मोदी जी…'
Prime Video Top Series: वीकेंड पर फ्री में देख डालिए प्राइम वीडियो की टॉप 7 सीरीज, देखिए लिस्ट
वीकेंड पर फ्री में देख डालिए प्राइम वीडियो की टॉप 7 सीरीज, देखिए लिस्ट
CWG: फाइनल में डरे हुए थे नीरज चोपड़ा, बताया क्यों नहीं जीत पाए गोल्ड मेडल
फाइनल में डरे हुए थे नीरज चोपड़ा, बताया क्यों नहीं जीत पाए गोल्ड मेडल
‘आतंकियों ने पूछे जाति और धर्म’, कुलगाम में गोली मारने से पहले की गई पहचान
‘आतंकियों ने पूछे जाति और धर्म’, कुलगाम में गोली मारने से पहले की गई पहचान
'वैचारिक छाप छोड़ने की जल्दी', हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष
'वैचारिक छाप छोड़ने की जल्दी', हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष
NDA में गए टीएमसी सांसद अब…, सौगत रॉय का बागी नेताओं को लेकर बड़ा दावा
NDA में गए टीएमसी सांसद अब…, सौगत रॉय का बागी नेताओं को लेकर बड़ा दावा
Embed widget