एक्सप्लोरर

भारत में बहती हैं कई प्रकार की हवाएं, जानें सबके नाम और काम

भारत में अलग-अलग महीने में अलग-अलग तरह की हवाएं बहती हैं. हालांकि, आम आदमी को इसके बारे में नहीं पता होता. इस खबर में आपको भारत में बहने वाली कई हवाओं के बारे में पता चल जाएगा.

भारत में हवाओं का बहना अलग-अलग मौसमों, भौगोलिक स्थितियों और जलवायु पैटर्न के आधार पर निर्धारित होता है. देखा जाए तो भारत में खासतौर से चार प्रकार की हवाएं बहती हैं. इन्हीं हवाओं का प्रभाव, यहां रहने वाले लोगों की जीवनशैली, भारतीय मौसम और कृषि पर पड़ता है. इन्हीं हवाओं की वजह से भारत में गर्मी, मानसून और सर्दी जैसे मौसम आते हैं. हालांकि, इन चार हवाओं के अलावा भी भारत में कई और हवाएं भी बहती हैं. चलिए आज इस खबर में इसके बारे में विस्तार से समझते हैं.

भारत में हवाओं के प्रकार

पहला स्थायी हवाएं (Permanent Winds).ये वो हवाएं हैं, जो पृथ्वी के वायुदाब और तापमान की असमानता के कारण निरंतर एक निश्चित दिशा में बहती रहती हैं.

दूसरी ट्रेड विंड. ये हवाएं भूमध्य रेखा से 30° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांश तक बहती हैं. ये हवाएं भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम पर प्रभाव डालती हैं. आसान भाषा में कहें तो ये हवाएं मानसून के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में बारिश लाने में सहायक होती हैं.

पश्चिमी शीतल हवाएं (Westerlies). ये हवाएं 30° और 60° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के बीच बहती हैं. ये हवाएं पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर बहती हैं और सर्दी के मौसम में भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवेश करती हैं. इन हवाओं के बारे में कहा जाता है कि ये ठंडे और शुष्क मौसम को लाती हैं. खासतौर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में, जिससे सर्दी बढ़ जाती है.

पूरब-पश्चिमी हवाएं (Polar Easterlies). ये हवाएं ध्रुवीय क्षेत्रों से उठती हैं और 60° अक्षांश के आस-पास बहती हैं. ये हवाएं ज्यादा ठंडी होती हैं और सर्दी में भारत में ठंडी हवा को बढ़ाती हैं.

मानसूनी हवाएं (Monsoon Winds). मानसून हवाएं दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व मानसून के रूप में भारतीय उपमहाद्वीप में आती हैं. ये हवाएं जून से सितंबर महीने तक भारतीय उपमहाद्वीप में आ जाती हैं. इन हवाओं का काम होता है कि ये हवाएं भारतीय महासागर से पानी और नमी लेकर आती हैं और भारी वर्षा कराती हैं.

उत्तर-पूर्व मानसून हवाएं. उत्तर-पूर्व मानसून हवाएं, नवंबर से दिसंबर तक दक्षिण भारत में सक्रिय रहती हैं, जो मुख्य रूप से तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का कारण बनती हैं.

सर्दी की हवाएं (Winter Winds). सर्दी की हवाएं मुख्य रूप से उत्तर से दक्षिण की दिशा की ओर बहती हैं. सर्दी में ये हवाएं ठंडी और शुष्क होती हैं, जो भारत के उत्तर और मध्य क्षेत्रों में सर्दी के मौसम को बढ़ाती हैं.

ये भी पढ़ें: भारतीयों के लिए कई देशों में वीजा फ्री एंट्री, क्या इसके बाद फ्लाइट टिकट के अलावा नहीं होता कोई भी खर्च?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Delhi First Hindu Emperor: कौन था दिल्ली का पहला हिंदू सम्राट, जानें कितने वक्त तक किया था राज?
कौन था दिल्ली का पहला हिंदू सम्राट, जानें कितने वक्त तक किया था राज?
Venezuela Earthquak: भूकंप से वेनेजुएला के किस शहर में सबसे ज्यादा हुई तबाही? जानें राजधानी कराकस के हालात
भूकंप से वेनेजुएला के किस शहर में सबसे ज्यादा हुई तबाही? जानें राजधानी कराकस के हालात
Venezuela Earthquake: आंधी से लेकर तूफान, बारिश से लेकर सुनामी तक... सबकी भविष्यवाणी कर लेते हैं वैज्ञानिक, लेकिन भूकंप की क्यों नहीं?
आंधी से लेकर तूफान, बारिश से लेकर सुनामी तक... सबकी भविष्यवाणी कर लेते हैं वैज्ञानिक, लेकिन भूकंप की क्यों नहीं?
Funeral Meal: हिंदुओं में तेहरवीं तो मुस्लिमों में चहल्लुम, क्रिश्चियन और यहूदी मौत के बाद कौन सा भोज करते हैं? जानिए जवाब
हिंदुओं में तेहरवीं तो मुस्लिमों में चहल्लुम, क्रिश्चियन और यहूदी मौत के बाद कौन सा भोज करते हैं? जानिए जवाब

वीडियोज

Sansani | Ketan Agrawal Murder Case:मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन ने रची थी ये साजिश!
Ketan Murder Case: 350 फीट गहरी खाई...'क्राइम कुंडली' सामने आई! | Bharat ki Baat
Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Champat Rai | Sandeep Chaudhary:राम नाम की लूट का पूरा सच!
Ketan Murder Case | Siya Goyal | ABP News | ABP Report : मर्डर के बाद सिया ने मनाया था जश्न
Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Mahadangal: क्या खतरे में है हिंदुओं की आस्था?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
नागरिकता का प्रमाण, पहचान और मीडिया से सोशल मीडिया तक बहस…, पासपोर्ट क्यों नहीं मजबूत दस्तावेज?
नागरिकता का प्रमाण, पहचान और मीडिया से सोशल मीडिया तक बहस…, पासपोर्ट क्यों नहीं मजबूत दस्तावेज?
भरत तिवारी केस: न्यायिक जांच शुरू होते ही पुलिस का यू-टर्न! FIR से पिता और भाई का नाम हटाया
भरत तिवारी केस: न्यायिक जांच शुरू होते ही पुलिस का यू-टर्न! FIR से पिता और भाई का नाम हटाया
टेस्ट क्रिकेट का 96 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर ने जड़े शतक; साझेदारी 300 रनों के पार
टेस्ट क्रिकेट का 96 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर ने शतक जड़कर रचा इतिहास
OTT Releases: एक्शन से एडवेंचर तक, भूलकर भी मिस ना करें नेटफ्लिक्स की ये 6 धांसू फिल्में, एक ने तो की थी रिकॉर्ड तोड़ कमाई
एक्शन से एडवेंचर तक, भूलकर भी मिस ना करें नेटफ्लिक्स की ये 6 धांसू फिल्में, एक ने तो की थी रिकॉर्ड तोड़ कमाई
पासपोर्ट मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा, उठाए सवाल? पूछा-किस दस्तावेज पर करें यकीन
पासपोर्ट मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा, उठाए सवाल? पूछा-किस दस्तावेज पर करें यकीन
अलर्ट: भारत के 'चिकन नेक' तक पहुंचा चीन! नई दिल्ली से बौखलाए ढाका के साथ ड्रैगन ने की बड़ी डील
अलर्ट: भारत के 'चिकन नेक' तक पहुंचा चीन! नई दिल्ली से बौखलाए ढाका के साथ ड्रैगन ने की बड़ी डील
‘अमेरिका के साथ कोई समझौता तब तक नहीं होगा, जब तक...’, US-भारत ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा बयान
‘अमेरिका संग समझौता तब तक नहीं होगा, जब तक...’, US-भारत ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान
गूगल से लेकर अमेजन तक, जानिए क्यों भारत में चेक बुक लेकर कतार में खड़े हैं दुनिया के दिग्गज
गूगल से लेकर अमेजन तक, जानिए क्यों भारत में चेक बुक लेकर कतार में खड़े हैं दुनिया के दिग्गज
Embed widget