Lucknow Gaming Zone Fire: गुजरात से लेकर लखनऊ तक... गेमिंग जोन में जल्दी क्यों लगती है आग? जान लें वजह
Lucknow Gaming Zone Fire: हाल ही में लखनऊ के अलीगंज इलाके के एक गेमिंग जोन में आग लग गई. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर गेमिंग जोन में इतनी जल्दी आग क्यों लग जाती है.

- लखनऊ के अलीगंज गेमिंग जोन में आग लगने से हड़कंप मचा.
- ज्वलनशील आंतरिक सामग्री, बिजली ओवरलोड आग के मुख्य कारण हैं.
- ईंधन भंडारण, मरम्मत कार्य, सुरक्षा नियमों की अनदेखी घातक होती है.
Lucknow Gaming Zone Fire: सोमवार को लखनऊ के अलीगंज इलाके के पूर्णिया में एक गेमिंग जोन में आग लगने की घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक आग के लपटें और घना धुआं तेजी से पूरी इमारत में फैलता चला गया. इसके बाद वहां मौजूद लोग जान बचाने के लिए भागने लगे. ऐसा ही एक हादसा गुजरात के राजकोट में भी हुआ था. आइए जानते हैं कि आखिर गेमिंग जोन में जल्दी क्यों लग जाती है आग.
गेमिंग जोन में आग लगने का खतरा ज्यादा क्यों होता है?
गेमिंग जोन को लाइटिंग इफेक्ट, साउंड प्रूफिंग, थीम आधारित इंटीरियर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए शानदार अनुभव के लिए डिजाइन किया जाता है. अगर सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज कर दिया जाता है तो इन आकर्षणों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई चीजें और सिस्टम जानलेवा साबित हो सकते हैं. पिछली घटनाओं की जांच में बार-बार उन्हीं खतरों का पता चला है जिनकी वजह से आग काफी तेजी से फैलती है.
आसानी से आग पकड़ने वाले इंटीरियर
आग की तेजी से फैलने की सबसे बड़ी वजह है यह है कि गेमिंग जोन में कुछ ऐसी चीजें रखी होती हैं जो तेजी से आग पकड़ सकती हैं. गेमिंग जोन में आमतौर पर थर्मोकोल, सिंथेटिक कपड़े , प्लास्टिक की सजावट, फाइबर पैनल और साउंड प्रूफिंग सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. इस तरह की चीजें कुछ ही सेकंड के अंदर आग पकड़ सकती हैं और काफी जहरीला धुआं भी पैदा कर सकती हैं.
बिजली का ज्यादा लोड
गेमिंग सुविधाओं में दर्जनों हाई पावर वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है. यह सभी एक साथ चलते हैं. गेमिंग कंसोल, कंप्यूटर, वर्चुअल रियलिटी सिस्टम, एलईडी डिस्पले, एयर कंडीशनर, लाइटनिंग सिस्टम और साउंड उपकरण बिजली के नेटवर्क पर काफी ज्यादा दबाव डालते हैं. अगर वायरिंग पुरानी है और ठीक से नहीं लगाई गई या फिर उस पर काफी ज्यादा लोड है तो शॉर्ट सर्किट हो सकता है. बिजली की चिंगारी से आसपास मौजूद आसानी से आग पकड़ने वाली चीजों में तुरंत आग लग सकती है.
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डीजल और ईंधन का भंडारण
कई गेमिंग जोन बिना रुकावट बिजली सप्लाई के लिए डीजल जनरेटर पर निर्भर होते हैं. ऐसा कहा जाता है कि गेमिंग सुविधाओं के अंदर या फिर आस-पास बड़ी मात्रा में ईंधन रखने से आग लगने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है.
इसी के साथ वेल्डिंग, कोटिंग या फिर मरम्मत के काम से अक्सर चिंगारी निकलती रहती है. अगर ऐसे काम फोम शीट, कपड़े, प्लास्टिक के ढांचे या फिर ईंधन रखने की जगह के पास किए जाते हैं तो तुरंत आग लग सकती है.
फायर एनओसी और सुरक्षा उपकरणों की कमी
एक और काफी ज्यादा आम समस्या आग से सुरक्षा की मंजूरी न होना है. रिपोर्ट के मुताबिक कुछ गेमिंग जोन बिना वैध फायर डिपार्टमेंट नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के चलते हैं. कई मामलों में आग बुझाने वाले यंत्र, स्मोक डिटेकटर, स्प्रिंकल सिस्टम का इमरजेंसी में काम आने वाले उपकरण या तो काफी कम होते हैं या फिर काम ही नहीं कर रहे होते. ऐसे मामले में छोटी सी आग भी तेजी से बड़ी तबाही में बदल सकती है.
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