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Keir Starmer Resignation: इस्तीफा देने के बाद ब्रिटेन के पीएम को कितनी मिलती है पेंशन, जानें क्या हैं नियम?

Keir Starmer Resignation: ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने इस्तीफा दे दिया है. आइए जानते हैं कि अब पद छोड़ने के बाद उन्हें कितनी पेंशन मिलेगी.

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  • पूर्व प्रधानमंत्रियों को कोई विशेष आजीवन पेंशन नहीं मिलती।
  • वे सामान्य संसदीय अंशदायी पेंशन फंड के तहत आते हैं।
  • सार्वजनिक कार्य खर्च के लिए £115000 वार्षिक अलाउंस मिलता है।
  • मंत्रिस्तरीय वार्षिक वेतन का 25% सेवरेंस भुगतान मिलता है।

Keir Starmer Resignation: ब्रिटिश प्राइम मिनिस्टर कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही उन्होंने यह घोषणा भी की है कि जब तक नया प्राइम मिनिस्टर नहीं चुना जाता तब तक वह अपने पद पर बने रहेंगे. प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के साथ ही उन्होंने लेबर पार्टी के लीडर के पद से भी इस्तीफा दे दिया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि पद छोड़ने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को कितनी पेंशन मिलेगी.

कोई स्पेशल लाइफ लॉन्ग प्रधानमंत्री पेंशन नहीं 

मौजूदा ब्रिटिश नियमों के तहत किसी भी पुराने प्रधानमंत्री को अपने आप प्राइम मिनिस्टर के ऑफिस से जुड़ी अलग लाइफ लॉन्ग पेंशन नहीं दी जाती. पब्लिक सर्विस पेंशन एक्ट 2013 के जरिए लाए गए सुधारों के बाद पुराने प्राइम मिनिस्टर्स अब पार्लियामेंट कंट्रीब्यूशन पेंशन फंड के अंदर आते हैं. दरअसल यह वही कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम है जिसका इस्तेमाल एमपी और मिनिस्टर्स करते हैं. उनके रिटायरमेंट बेनिफिट उनके सर्विस के साल और पेंशन कंट्रीब्यूशन पर तय होते हैं ना कि उनके पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर स्टेटस पर.

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पब्लिक ड्यूटी कॉस्ट अलाउंस 

पूर्व प्राइम मिनिस्टर को मिलने वाले सबसे बड़े फायदों में से एक पब्लिक ड्यूटी कॉस्ट अलाउंस है. मार्गेट थैचर के इस्तीफे के बाद 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री जॉन मेजर ने इसकी शुरुआत की थी. इसके तहत पूर्व प्रधानमंत्री सालाना £115000 यानी लगभग 1.1 करोड़ रुपये तक क्लेम कर सकते हैं. यह पैसा ऑफिस के खर्चों, स्टाफ की सैलरी, कॉरेस्पोंडेंस और पब्लिक इंगेजमेंट के लिए है.

खास बात यह है कि यह अलाउंस सीधे पर्सनल इनकम के तौर पर नहीं दिया जाता. पूर्व प्रधानमंत्रियों को बिल जमा करने होंगे और एलिजिबल खर्चों के लिए री-इंबर्समेंट क्लेम भी करना होगा. 

अनाउंस पाने की शर्त

अगर कोई भी पूर्व प्रधानमंत्री बाद में अपोजिशन का लीडर बन जाता है या फिर कोई दूसरा सरकारी ऑफिस संभालता है तो वह इस फायदे को क्लेम नहीं कर सकता. यह अलाउंस खास तौर पर उन पूर्व प्रधानमंत्रियों को सपोर्ट करने के लिए बनाया गया है जो सरकार के बाहर पब्लिक एक्टिविटीज जारी रखते हैं.

ब्रिटेन सरकार के दूसरे मंत्रियों के तहत जाने वाला प्रधानमंत्री भी सेवरेंस पेमेंट के लिए एलिजिबल होता है. यह पेमेंट व्यक्ति की सालाना मिनिस्टीरियल तनख्वाह का लगभग 25% होता है. यह आमतौर पर लगभग 20 लाख रुपये तक होता है. यह पेमेंट भी तभी मिलती है जब पूर्व प्रधानमंत्री को ऑफिस छोड़ने के तीन हफ्ते के अंदर किसी दूसरे मिनिस्टरियल रोल में दोबारा अप्वॉइंट नहीं किया जाता.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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