लोकसभा या राज्यसभा, किसके सांसदों के पास है ज्यादा पैसा? यहां देखें हिसाब-किताब
संसद में करोड़पति सांसदों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय सांसदों के पास कितना पैसा है. चलिए जानें वे कितने अमीर हैं.

भारतीय संसद में कानून बनाने वाले हमारे जनप्रतिनिधियों की संपत्ति इन दिनों नए रिकॉर्ड बना रही है. लोकतंत्र के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा में करोड़पति नेताओं की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है. लेकिन जब बात अमीरी और अकूत धन-संपत्ति की आती है तो उच्च सदन यानी राज्यसभा के माननीय सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाने वाले लोकसभा सांसदों को काफी पीछे छोड़ देते हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ताजा रिपोर्ट के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो राज्यसभा सांसदों की औसतन संपत्ति लोकसभा सांसदों के मुकाबले करीब ढाई गुना ज्यादा है.
दोनों सदनों की अमीरी में कितना भारी अंतर?
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के मुताबिक, राज्यसभा के मौदूजा सांसदों की औसत घोषित संपत्ति 115.25 करोड़ रुपये है. इसकी तुलना में लोकसभा चुनाव में जीतकर आए सांसदों की औसत संपत्ति 46.34 करोड़ रुपये बैठती है. इस तरह से दोनों सदनों के सांसदों के बीच प्रति सांसद औसत करीब 69 करोड़ रुपये का एक बहुत बड़ा फासला है. अगर कुल संपत्ति के लिहाज से देखा जाए तो राज्यसभा के 226 वर्तमान सदस्यों के पास कुल मिलाकर 26,047 करोड़ रुपये की अकूत धन-दौलत मौजूद है, जो कि देश की राजनीति में बड़े धनबल को दर्शाती है.
15 सालों में तेजी से बदले आंकड़े
भले ही औसत धन-दौलत के मामले में राज्यसभा आगे हो, लेकिन लोकसभा के अंदर भी करोड़पतियों की संख्या में विस्फोटक बढ़ोतरी हुई है. संसद के निचले सदन में कुल 543 में से 504 सदस्य करोड़पति हैं, यानी हर 100 में 93 सांसदों के पास एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है. अगर पिछले 15 सालों का इतिहास टटोलें तो साल 2009 में केवल 58% लोकसभा सांसद करोड़पति थे. इसके बाद साल 2014 में यह आंकड़ा बढ़कर 82% हुआ, यह 2019 में 88% तक पहुंचा और अब यह सर्वकालिक उच्च स्तर 93% पर जाकर टिक गया है.
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राज्यसभा में किस पार्टी के सांसद धन कुबेर?
उच्च सदन में क्षेत्रीय दलों के सांसदों की औसत संपत्ति राष्ट्रीय दलों के मुकाबले काफी हैरान करने वाली है. राज्यसभा में भारत राष्ट्र समिति BRS के महज 3 सांसदों की औसत संपत्ति 1841.39 करोड़ रुपये है. इसके बाद समाजवादी पार्टी के सांसदों की औसतन संपत्ति 399.71 करोड़, टीडीपी के सांसदों की 251.95 करोड़ और YSRCP के माननीय सदस्यों की औसत संपत्ति 170.88 करोड़ रुपये है. वहीं देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के राज्यसभी सांसदों की औसत संपत्ति 76.46 करोड़ और कांग्रेस के सदस्यों की औसतन संपत्ति 130.37 करोड़ रुपये है.
किस पार्टी के लोकसभा सांसदों ने अमीरी में सबको पछाड़ा
लोकसभा के अंदर अगर राजनीतिक दलों के हिसाब से औसत धन-दौलत का आकलन करें तो आंध्र प्रदेश ती तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सबसे अमीर पायदान पर खड़ी है. टीडीपी के 16 लोकसभा सांसदों की औसत संपत्ति 442.26 करोड़ रुपये है. वहीं भारतीय जनता पार्टी के 240 सांसदों की औसतन संपत्ति 50.04 करोड़, कांग्रेस के 99 सांसदों की 22.93 करोड़, डीएमके के 22 सांसदों की 31.22 करोड़ और समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों की औसत संपत्ति 15.24 करोड़ रुपये है. टीडीपी, जेडीयू और शिवसेना जैसी कई पार्टियों के तो 100 फीसदी सांसद करोड़पति हैं.
भारतीय संसद के सबसे अमीर सांसद
अब बात करते हैं सबसे अमीर सांसदों की, जिनके सामने बड़े-बड़े कारोबारी भी पीछे छूट जाएं. लोकसभा में सबसे धनी सांसद टीडीपी के डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 5705 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. इसके बाद बीजेपी के कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी 4568 करोड़ के साथ दूसरे नंबर पर बने हुए हैं. वहीं राज्यसभा की बात की जाए तो बीआरएस के डॉ. बंदी पार्थ सारथी 5300 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि बीजेपी के राजिंदर गुप्ता 5053 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के साथ दूसरे पायदान पर काबिज हैं.
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