क्या passport verification के लिए थाने बुला सकती है पुलिस? जानें नियम
पासपोर्ट बनवाने की प्रोसेस में पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी होने पर अधिकारी पते और पहचान की जांच कर सकते हैं. ऐसे में जानिए पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए थाने कब बुलाती है पुलिस.

पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि पुलिस वेरिफिकेशन के लिए क्या पुलिस घर आती है या आवेदक को थाने बुलाया जाता है. पासपोर्ट जारी करने की प्रोसेस में पुलिस वेरिफिकेशन एक अहम हिस्सा है और इसका तरीका स्थानीय पुलिस व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकता है. पासपोर्ट सेवा की मौजूदा गाइडलाइन के मुताबिक, नए पासपोर्ट के ज्यादातर मामलों में प्री-पुलिस वेरिफिकेशन किया जाता है. वहीं कई री-इश्यू मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती या पासपोर्ट जारी होने के बाद पोस्ट-पुलिस वेरिफिकेशन किया जाता है. जानिए पासपोर्ट वेरिफिकेशन से जुड़ी अन्य जानकारी के बारे में.
पुलिस वेरिफिकेशन में क्या जांच होती है?
पुलिस वेरिफिकेशन का मुख्य उद्देश्य आवेदन में दी गई जानकारी की जांच करना होता है. इसमें आवेदक का वर्तमान पता, पिछले पते और अन्य जरूरी चिजों की जांच करना होता है. पासपोर्ट आवेदन में आम तौर पर पिछले एक साल के निवास पते की जानकारी देना जरूरी होता है. पुलिस संबंधित पते और आवेदन में दी गई जानकारी की जांच करती है. पासपोर्ट सेवा की सलाह के मुताबिक, आवेदक को आवेदन के साथ जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स की कॉपी और जरूरत पड़ने पर उनके ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स पुलिस अधिकारी को दिखाने होते हैं.
थाने बुलाया जा सकता है
पुलिस वेरिफिकेशन का मतलब यह जरूरी नहीं है कि हर मामले में पुलिस अधिकारी घर पर ही आएगा. स्थानीय पुलिस द्वारा जांच की प्रोसेस में आवेदक से संपर्क किया जा सकता है और जरूरत के अनुसार उसे पुलिस स्टेशन या जांच अधिकारी से मिलना पड़ सकता है. हालांकि, पासपोर्ट सेवा की केंद्रीय गाइडलाइन में ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है कि हर आवेदक को अनिवार्य रूप से थाने जाकर वेरिफिकेशन कराना होगा. पुलिस वेरिफिकेशन का तरीका स्थानीय पुलिस की प्रोसेस और मामले की जरूरत के अनुसार होता है.
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थाने जाने पर यह डॉक्यूमेंट्स साथ रखें
अगर पुलिस अधिकारी आपको वेरिफिकेशन के लिए बुलाते हैं, तो आवेदन से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट्स साथ रखना बेहतर होता है. इनमें पहचान और पते से संबंधित डॉक्यूमेंट, पासपोर्ट आवेदन की जानकारी तथा पहले जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स की कॉपी शामिल होनी चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन में दिया गया नाम, जन्मतिथि और पता सही होना चाहिए. खास तौर पर पिछले एक साल में जहां-जहां रहे हैं, उन पतों की जानकारी सही तरीके से देना जरूरी है. गलत या अधूरी जानकारी पुलिस वेरिफिकेशन में परेशानी पैदा कर सकती है.
हर पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी है?
हर आवेदन में एक जैसी प्रोसेस नहीं होती. पासपोर्ट सेवा की मौजूदा गाइडलाइन के अनुसार, फ्रेश पासपोर्ट के ज्यादातर मामलों में प्री-पुलिस वेरिफिकेशन होता है. कुछ मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती, जबकि री-इश्यू के कई मामलों में पोस्ट-पुलिस वेरिफिकेशन किया जा सकता है. तत्काल पासपोर्ट में भी प्रोसेस अलग हो सकती है.
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