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दुनिया के इस देश में सबसे पहले निकलता है चांद, वहां हो करवाचौथ तो कितनी पहले हो जाएगी पूजा?

क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के जिस देश में सबसे पहले चांद निकलता है, अगर वहां करवाचौथ मनाया गया तो महिलाएं कितनी जल्दी पूजा कर लेंगी? आइए आपको बताते हैं इस बारे में.

भारत में करवाचौथ का त्योहार सभी शादीशुदा महिलाओं के लिए बेहद खास होता है. इस दिन औरतें अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं और उनकी लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखती हैं. इसके बाद रात को पत्नियां चांद को अर्घ्य देती हैं और पति अपने हाथों से पानी पिलाकर उनका व्रत खोलते हैं. ऐसे कई बार चांद के देर से निकलने पर महिलाओं को काफी परेशानी होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां चांद सबसे जल्दी निकलता है. तो आइए जानते हैं कि अगर वहां करवाचौथ मनाया जाता तो औरतें कितने पहले पूजा कर पाती?

यहां निकलता है सबसे पहले चांद

दुनिया में सबसे पहले चांद उसी जगह निकलता है, जहां पर सूरज सबसे पहले डूबता है. ऐसे में सूरज सबसे पहले न्यूजीलैंड देश के पास स्थित किरिबाती आयलैंड पर दिखाई देता है और ढलता भी वहीं है, जिस कारण सबसे पहले चांद भी किरिबाती आयलैंड में ही दिखाई देता है. 

किरिबाती में कितने बजे हो जाता करवाचौथ?

सबसे पहले सूरज किरिबाती में निकलता है. इसलिए ये  UTC+14 टाइम जोन में आता है और दुनिया में सबसे आगे यहीं का टाइम चलता है. ऐसे में बारत के मुकाबले किरिबाती में समय 8 घंटे और 30 मिनट आगे रहता है. यानी भारत में अगर रात के 9 बजे चांद निकले तो किरिबात में उस समय अगले दिन की सुबह के 5:30 बज रहे होंगे. इस हिसाब से किरिबाती में 8 घंटे पहले ही महिलाएं करवाचौथ का व्रत पूरी कर लेतीं.

कब देखेंगी चांद को?

ऐसे में भारत और किरिबाती के टाइम गैप के मुताबिक, अगर किरिबाती में भी करवाचौथ मनाया जाता तो वहां पर महिलाओं को तकरीबन दिन के 12:30 बजे ही चांद की पूजा करनी होती (भारत के टाइम के मुताबिक). लेकिन अगर कोई ये समझें कि वहां जल्दी चांद निकल जाएगा तो ऐसा कुछ भी नहीं है. किरिबाती में समय आगे चलता है तो वहां भी महिलाओं को उतना ही समय व्रत रखना पड़ता, बस भारत ले कंपेयर करने पर ये समय जल्दी नजर आता है.

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आंखों में सपने लिए, घर से हम चल तो दिए, जानें ये राहें अब ले जाएंगी कहां... कहने को तो ये सिंगर शान के गाने तन्हा दिल की शुरुआती लाइनें हैं, लेकिन दीपाली की जिंदगी पर बखूबी लागू होती हैं. पूरा नाम दीपाली बिष्ट, जो पहाड़ की खूबसूरत दुनिया से ताल्लुक रखती हैं. किसी जमाने में दीपाली के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ कंधे पर झोला टांगकर और हाथों में अखबार लेकर घूमने वाले लोग होते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी आंखों में इसी दुनिया का सितारा बनने के सपने पनपने लगे और वह भी पत्रकारिता की दुनिया में आ गईं. उन्होंने अपने इस सफर का पहला पड़ाव एबीपी न्यूज में डाला है, जहां वह ब्रेकिंग, जीके और यूटिलिटी के अलावा लाइफस्टाइल की खबरों से रोजाना रूबरू होती हैं. 

दिल्ली में स्कूलिंग करने वाली दीपाली ने 12वीं खत्म करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और सत्यवती कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में ग्रैजुएशन किया. ग्रैजुएशन के दौरान वह विश्वविद्यालय की डिबेटिंग सोसायटी का हिस्सा बनीं और अपनी काबिलियत दिखाते हुए कई डिबेट कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की. 

साल 2024 में दीपाली की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने गुलशन कुमार फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (नोएडा) से टीवी जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उस दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, एडिटिंग, कंटेंट राइटिंग, रिसर्च और एंकरिंग की बारीकियां सीखीं. कॉलेज खत्म करने के बाद वह एबीपी नेटवर्क में बतौर कॉपीराइटर इंटर्न पत्रकारिता की दुनिया को करीब से समझ रही हैं. 

घर-परिवार और जॉब की तेज रफ्तार जिंदगी में अपने लिए सुकून के पल ढूंढना दीपाली को बेहद पसंद है. इन पलों में वह पोएट्री लिखकर, उपन्यास पढ़कर और पुराने गाने सुनकर जिंदगी की रूमानियत को महसूस करती हैं. इसके अलावा अपनी मां के साथ मिलकर कोरियन सीरीज देखना उनका शगल है. मस्ती करने में माहिर दीपाली को घुमक्कड़ी का भी शौक है और वह आपको दिल्ली के रंग-बिरंगे बाजारों में शॉपिंग करती नजर आ सकती हैं.

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