जंग के बीच से कैसे अपने नागरिकों को निकालते हैं देश, क्या रुकवानी पड़ती है वॉर?
Countries How To Escape Their Citizens From War: जब दो देशों के बीच में जंग चल रही हो और कोई तीसरा देश अपने नागरिकों को वहां से निकालना चाहे तो यह बहुत कठिन होता है. चलिए इसके बारे में जानें.

इजराइल और ईरान के बीच लगातार जंग जारी है. पिछले हफ्ते से बढ़े हुए तनाव के बाज दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार मिसाइलें दाग रहे हैं. इसी बीच इजराइली हमलों के बाद ईरान में स्थिति गंभीर हो चुकी है. यहां पर 200 लोगों से ज्यादा की मौत हो चुकी है. तनाव चरम पर पहुंचने के बाद ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं शुरू हो गई हैं. ईरान अपनी हवाई सीमाएं बंद कर चुका है, जिससे भारतीयों की मुसीबतें बढ़ चुकी हैं. लेकिन भारत सरकार अपने नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाल रहा है. यहां समझने की बात यह है कि आखिर कोई देश कैसे जंग के बीच से अपने नागरिकों को बाहर निकालता है. चलिए जानें.
भारत ने ईरान सरकार से की थी अपील
अगर भारत और ईरान के उदाहरण से देखा जाए तो भारत ने अपने नागरिकों को वहां से निकालने के लिए पहले ईरान सरकार से अपील की थी. ईरानी सरकार ने उस अपील को माना और भारतीय छात्रों को जमीनी रास्तों के जरिए अजरबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान की ओर जाने के लिए कहा है. ऐसे में बिना जंग रुकवाए इन छात्रों के लिए विशेष बस की व्यवस्था कराई गई थी और जहां-जहां पर भी भारतीय छात्र फंसे हुए थे उनको सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.
कैसे अपने लोगों को बाहर निकालते हैं देश
इसके अलावा ऐसी परिस्थितियों में विदेश में बना उस देश का दूतावास सबसे काम का होता है. उस देश के नागरिकों को बिना किसी देरी के अपने दूतावास से संपर्क करना होता है और उनके सोशल मीडिया या फिर फोन के जरिए लगातार अपडेट लेनी होती है. वो देश लगातार जंग के क्षेत्र में फंसे अपने देश के लोगों पर नजर बनाए रखता है. ऐसी सिचुएशन में हवाई सीमाएं बंद कर दी जाती हैं, तो वो देश दुश्मन देश के नागरिकों को किसी भी तरह जमीन या फिर पानी के रास्ते अपने देश में पहुंचाने में मदद करते हैं.
दूसरे देश को देनी होती है मंजूरी
हालांकि अपने लिए उस देश को दूसरे देश से बात करनी पड़ती है और उससे अपील करनी होती है कि उनके नागरिकों को सुरक्षित रखा जाए. इसके लिए दूसरा देश मंजूरी दे देता है, क्योंकि आम नागरिकों का जंग से लेना-देना नहीं होता है और खासतौर से किसी दूसरे देश के नागरिकों का.
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान, ईरान या फिर इजरायल... किसके पास हैं सबसे ज्यादा ड्रोन?
Source: IOCL





















