एक्सप्लोरर

Online Qurbani: क्या है ऑनलाइन कुर्बानी? यूएई और सऊदी अरब में तेजी से बढ़ रहा चलन- भारत क्यों है अछूता

Online Qurbani: ऑनलाइन कुर्बानी एक डिजिटल तरीका है जिसमें लोग घर बैठे ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी बुक करते हैं. यह ट्रेंड यूएई और सऊदी अरब में तेजी से बढ़ रहा है, जबकि भारत में अभी सीमित है.

Online Qurbani: आजकल ईद-उल-अजहा के मौके पर एक नया तरीका तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, जिसे ऑनलाइन कुर्बानी कहा जाता है. इसमें लोग घर बैठे मोबाइल या वेबसाइट के जरिए अपनी कुर्बानी बुक करते हैं और फिर किसी भरोसेमंद संस्था के जरिए जानवर की कुर्बानी करवाई जाती है. साथ ही खास बात यह है कि पूरा काम नियमों के हिसाब से होता है और मीट जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है.

ऑनलाइन कुर्बानी कैसे होती है? 

इसमें लोग किसी भरोसेमंद वेबसाइट, ऐप या चैरिटी संस्था पर जाकर एक जानवर (जैसे बकरी, गाय या भेड़) चुनते हैं. फिर वे ऑनलाइन पेमेंट करते हैं. इसके बाद तय जगह जैसे स्लॉटर हाउस में इस्लामी नियमों के अनुसार जानवर की कुर्बानी की जाती है. कई संस्थाएं इसका वीडियो या फोटो भी शेयर करती हैं ताकि लोग भरोसा कर सकें कि कुर्बानी सही तरीके से हुई है. इसके बाद मीट पैक करके जरूरतमंद लोगों, गरीब परिवारों या चैरिटी में बांट दिया जाता है. इस पूरे प्रोसेस में व्यक्ति को खुद मौजूद रहने की जरूरत नहीं होती, इसलिए इसे आसान और समय बचाने वाला तरीका माना जाता है.

यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों में यह ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है. वहां लोग अपनी सुविधा और समय की कमी की वजह से ऑनलाइन कुर्बानी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़े शहरों में अब लोग खुद जानवर खरीदने और रखने के बजाय ऑनलाइन बुकिंग को आसान और सुरक्षित तरीका मानते हैं. 

यह भी पढ़ेंः क्या पैरोल की मुद्दत से घटती है जेल की मियाद? आसाराम मामले के बीच जानें क्या हैं अदालत के नियम

यूएई और सऊदी अरब में क्यों बढ़ रहा है यह चलन?

यूएई और सऊदी अरब में सरकार और संस्थाएं पहले से ही कुर्बानी के लिए तय स्लॉटर हाउस सिस्टम को फॉलो करती हैं. वहां शहरों में घरों के पास जानवर रखना या खुले में कुर्बानी करना आसान नहीं होता, इसलिए लोग पहले से ही व्यवस्थित सिस्टम पर निर्भर रहते हैं. इसी वजह से ऑनलाइन कुर्बानी वहां लोगों के लिए बहुत आसान विकल्प बन गया है. इसमें लोग सिर्फ भुगतान करते हैं और बाकी पूरा काम तय जगहों पर सुरक्षित तरीके से हो जाता है. साथ ही इससे समय भी बचता है और साफ-सफाई भी बनी रहती है. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म अब कुर्बानी को ज्यादा आसान और तेज बना रहे हैं. 

भारत में ऑनलाइन कुर्बानी क्यों कम दिखाई देती है?

भारत में ऑनलाइन कुर्बानी का चलन अभी यूएई और सऊदी अरब जितना बड़ा नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां लोग अभी भी पारंपरिक तरीके से कुर्बानी करना ज्यादा पसंद करते हैं. यानी जानवर खुद खरीदना, देखभाल करना और फिर कुर्बानी करना. इसके अलावा भारत में अलग-अलग राज्यों के नियम और धार्मिक परंपराएं भी इस पर असर डालती हैं. हालांकि कोविड के बाद भारत में भी ऑनलाइन कुर्बानी का चलन बढ़ा है, लेकिन अभी यह पूरी तरह मुख्य धारा में नहीं आया है. कई जगह लोग अभी भी अपने आसपास ही यह रस्म पूरी करते हैं. 

आगे आने वाले समय में क्या बदल सकता है?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में ऑनलाइन कुर्बानी और भी बढ़ सकती है, क्योंकि लोग अब डिजिटल सुविधाओं के आदी हो रहे हैं. खासकर शहरों में रहने वाले लोग इसे आसान और सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं. साथ ही ईद जैसे मौके पर लोग चाहते हैं कि काम जल्दी, साफ और सही तरीके से हो, इसलिए ऑनलाइन सिस्टम धीरे-धीरे लोगों की पहली पसंद बन सकता है. हालांकि भारत में यह पूरी तरह तभी बढ़ेगा जब लोगों की सोच और सिस्टम दोनों और ज्यादा आसान होंगे. फिलहाल यूएई और सऊदी अरब इस डिजिटल कुर्बानी ट्रेंड में सबसे आगे हैं.

यह भी पढ़ेंः World Bank Countries Loan : दुनिया के सभी देशों को अब तक कितना कर्ज बांट चुका वर्ल्ड बैंक? रकम सुनकर पकड़ लेंगे माथा

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Online Qurbani: क्या है ऑनलाइन कुर्बानी? यूएई और सऊदी अरब में तेजी से बढ़ रहा चलन- भारत क्यों है अछूता
क्या है ऑनलाइन कुर्बानी? यूएई और सऊदी अरब में तेजी से बढ़ रहा चलन- भारत क्यों है अछूता
संविधान निर्माण में आंबेडकर ही नहीं नेहरू का भी था योगदान, जानें किस आर्टिकल से जुड़ा है उनका नाम
संविधान निर्माण में आंबेडकर ही नहीं नेहरू का भी था योगदान, जानें किस आर्टिकल से जुड़ा है उनका नाम
कभी पुण्य का काम था पानी पिलाना... कुएं-मटकों से बाजार की बोतल में कैसे कैद हुई यह परंपरा?
कभी पुण्य का काम था पानी पिलाना... कुएं-मटकों से बाजार की बोतल में कैसे कैद हुई यह परंपरा?
S-400 Air Defense System: क्या है S-400? जिसे रूस से खरीदने जा रहा भारत, जानिए कितनी है इसकी मारक क्षमता
क्या है S-400? जिसे रूस से खरीदने जा रहा भारत, जानिए कितनी है इसकी मारक क्षमता
Advertisement

वीडियोज

Jackie Shroff ने बताया ‘Bhidu’ का असली मतलब, पर्यावरण और पेड़ लगाने को लेकर की खास अपील
Bakrid 2026: Varanasi में नगर निगम का बड़ा एक्शन, बंद कराई बकरा मंडी | Qurbani Controversy |Breaking
Honda City facelift 2026 HEV hybrid first look | #honda #hondacity #autolive
The Most Affordable Chetak | #chetak #bajajchetak #affordable #autolive
West Bengal Politics: घुसपैठियों पर CM Suvendu Adhikari का ताबड़तोड़ एक्शन | TMC | Breaking
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Explained: बकरीद से पहले तनाव क्यों? मुंबई में चाकूबाजी, जयपुर में जुबान काटने की धमकी और UP में सख्त पाबंदियों समेत कहां क्या बवाल
बकरीद से पहले तनाव क्यों? मुंबई में चाकूबाजी और UP में सख्त पाबंदियों समेत कहां क्या
कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में कांग्रेस? राहुल गांधी के करीबी नेता के बयान से मची हलचल
कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में कांग्रेस? राहुल गांधी के करीबी नेता के बयान से मची हलचल
नीट पेपर लीक विवाद पर कमेंट की वजह से विशाल ददलानी को इंडियन आइडल से निकाला गया? कंपोजर ने किया रिएक्ट
नीट पेपर लीक विवाद पर कमेंट की वजह से विशाल ददलानी को इंडियन आइडल से निकाला गया?
केरलम के पूर्व सीएम पी. विजयन के घर ईडी रेड का विरोध, CPM वर्कर्स ने गाड़ियों पर किया हमला, देखें Video
पूर्व सीएम पी. विजयन के घर ईडी रेड का विरोध, CPM वर्कर्स ने गाड़ियों पर किया हमला, देखें Video
IPL 2027 में चेन्नई के कोच बनकर लौटेंगे एमएस धोनी! CSK ने दिया बड़ा हिंट; रिटायरमेंट कंफर्म?
IPL 2027 में चेन्नई के कोच बनकर लौटेंगे एमएस धोनी! CSK ने दिया बड़ा हिंट; रिटायरमेंट कंफर्म?
ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, शुभेंदु अधिकारी से भेंट के बाद लिया फैसला
ममता की करीबी काकोली घोष का पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा, शुभेंदु से मुलाकात के बाद लिया फैसला
Explained: US-ईरान जंग के तीन महीने पूरे! कैसे होर्मुज से दुनिया की नसों में घुला जहर, भारत पर चौतरफा मार और IMF की चौंकाने वाली रिपोर्ट
ईरान जंग के तीन महीनों में कैसे होर्मुज से दुनिया में घुला जहर? भारत पर चौतरफा मार, IMF की...
बहू को ससुराल में 'एडजस्ट' करने की सलाह देना क्रूरता नहीं, आपसी रंजिश के लिए कानून का दुरुपयोग गलत : सुप्रीम कोर्ट
बहू को ससुराल में 'एडजस्ट' करने की सलाह देना क्रूरता नहीं, आपसी रंजिश के लिए कानून का दुरुपयोग गलत : सुप्रीम कोर्ट
Embed widget