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समंदर से जमीन तक किन देशों से घिरा है ईरान, जानें भारत से कितनी दूर है जंग का यह मैदान?

ईरान का भूगोल उसे एक ऐसी रणनीतिक ताकत देता है जो दुनिया के बड़े देशों को प्रभावित करने का माद्दा रखती है. इसकी सरहदें इसे व्यापार और सुरक्षा के नजरिए से देश को बेहद संवेदनशील बनाती हैं.

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  • ईरान सात देशों से घिरा, भू-राजनीति में अहम स्थान रखता है.
  • फारस और ओमान की खाड़ी पर नियंत्रण, वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति, मित्र देशों को आवाजाही की अनुमति.
  • दिल्ली से 2500-2700 किमी दूर, भारत-ईरान के पुराने संबंध.

मिडिल ईस्ट की राजनीति और भूगोल में ईरान एक ऐसा नाम है, जिसके बिना दुनिया का नक्शा अधूरा सा लगता है. अपनी मजबूत भौगोलिक स्थिति और ऐतिहासिक विरासत के कारण यह देश हमेशा से चर्चा में रहता है. समंदर की लहरों से लेकर ऊंची पहाड़ियों और रेगिस्तानों तक फैला ईरान आज युद्ध और कूटनीति का केंद्र बना हुआ है. इसके पड़ोस में कौन से देश बसते हैं और यह भारत से कितनी दूर है, यह समझना आज के वैश्विक हालात में बेहद जरूरी है.

सात देशों की सरहदों से सटा भूगोल

ईरान मध्य पूर्व (Middle East) का एक ऐसा शक्तिशाली देश है, जिसकी जमीनी सीमाएं सात अलग-अलग देशों के साथ साझा होती हैं. अगर आप नक्शे पर नजर डालेंगे, तो पाएंगे कि इसके पश्चिम में इराक और तुर्की जैसे महत्वपूर्ण देश हैं. वहीं उत्तर की ओर बढ़ने पर अजरबैजान और आर्मेनिया की सीमाएं ईरान को स्पर्श करती हैं. उत्तर-पूर्व में तुर्कमेनिस्तान और पूर्व की ओर अफगानिस्तान व पाकिस्तान इसके पड़ोसी हैं. इन सात देशों के बीच स्थित ईरान इस पूरे क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित करने की क्षमता रखता है.

समुद्र की लहरों पर ईरान का दबदबा

जमीनी सीमाओं के अलावा ईरान का समुद्री विस्तार उसे वैश्विक व्यापार का किंगमेकर बनाता है. इसके दक्षिण में फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) स्थित हैं. यह समुद्री हिस्सा न केवल प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का मुख्य मार्ग भी है. ईरान की समुद्री सीमाएं इसे दुनिया के अन्य हिस्सों से जोड़ती हैं और सामरिक रूप से इसे एक मजबूत बढ़त प्रदान करती हैं, जिससे यह देश अपनी सुरक्षा और व्यापार दोनों को मजबूती से संभालता है.

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होर्मुज जलडमरूमध्य की चाबी है पास

ईरान की सबसे बड़ी ताकत 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) पर उसका नियंत्रण है. यह दुनिया का वह संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से पूरी दुनिया के ईंधन और कच्चे तेल की सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है. हालिया तनाव के बीच ईरान ने इस रास्ते पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. वर्तमान में ईरान केवल अपने मित्र देशों जैसे भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया के जहाजों को ही यहां से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे रहा है, जिसने वैश्विक बाजार में खलबली मचा दी है.

दिल्ली से तेहरान की हवाई दूरी

अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि जंग की आहटों के बीच रहने वाला यह देश भारत से आखिर कितनी दूर है. भारत की राजधानी दिल्ली से ईरान की राजधानी तेहरान की दूरी लगभग 2500 से 2700 किलोमीटर के बीच है. हालांकि शहरों के हिसाब से इस दूरी में थोड़ा अंतर आ सकता है, लेकिन एक सीधी उड़ान के जरिए आप मात्र 3 से 4 घंटे में दिल्ली से तेहरान पहुंच सकते हैं. यह कम दूरी ही भारत और ईरान के बीच पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का एक बड़ा कारण रही है.

जंग के मैदान में ईरान की स्थिति

ईरान केवल भौगोलिक रूप से ही बड़ा नहीं है, बल्कि इसकी स्थिति इसे एक अभेद्य किले जैसा बनाती है. एक तरफ पहाड़ियों से घिरी सीमाएं और दूसरी तरफ विशाल समंदर इसे किसी भी हमले के खिलाफ कुदरती सुरक्षा प्रदान करते हैं. पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसियों के साथ इसके संबंध दक्षिण एशिया की सुरक्षा व्यवस्था को भी सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं. यही वजह है कि जब भी ईरान में युद्ध की स्थिति बनती है, तो उसकी आंच भारत समेत दुनिया के तमाम बड़े देशों तक महसूस की जाती है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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