कितनी तबाही मचा सकते हैं 9 देशों के न्यूक्लियर बम, कितनी बार नेस्तनाबूद हो सकती है दुनिया?
Nuclear Arms: ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमले और यरूशलेम में गिरती मिसाइलों ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़ा कर दिया है. आइए जानें कि परमाणु बमों से कितनी बार दुनिया खत्म हो सकती है.

- ईरान-इजरायल युद्ध के बीच नतांज पर हमले की खबर.
- 9 देशों के पास 12,041 परमाणु हथियार हैं.
- 8 अरब आबादी मिटाने को 500 बम काफी हैं.
- रूस का 'डेड हैंड' सिस्टम आत्मघाती हमले सुनिश्चित करता है.
ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध को आज 23 दिन हो चुके हैं और शांति की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है. ईरानी मीडिया के दावों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण परमाणु केंद्र नतांज पर हमला कर दिया है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई है. ईद के मौके पर यरूशलेम की अल-अक्सा मस्जिद के करीब गिरी ईरानी मिसाइल ने दुनिया भर के देशों की सांसें अटका दी हैं. इस बीच इजरायल ने भी अगले हफ्ते और भी भीषण जवाबी हमले करने के संकेत दिए हैं. इन तमाम परमाणु धमकियों और बिगड़ते हालातों के बीच यह समझना जरूरी हो गया है कि दुनिया के 9 परमाणु शक्ति संपन्न देशों के पास आखिर कितनी तबाही का सामान मौजूद है और वे इस धरती को कितनी बार नेस्तनाबूद कर सकते हैं.
परमाणु हथियारों का डरावना गणित और देशों की ताकत
बुलेटिन ऑफ एटोमिक साइंटिस्ट्स की ताजा रिपोर्ट के आंकड़े किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकते हैं. वर्तमान में दुनिया के 9 देशों के पास कुल मिलाकर 12,041 परमाणु हथियार मौजूद हैं. इसमें रूस 5,500 बमों के साथ सबसे ऊपर है, जबकि अमेरिका 5,044 बमों के साथ दूसरे नंबर पर है. चीन के पास 500, फ्रांस के पास 290 और ब्रिटेन के पास 225 परमाणु हथियार हैं. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत के पास 172 और पाकिस्तान के पास 170 परमाणु बम हैं. वहीं, इजरायल के पास 90 और उत्तर कोरिया के पास 50 परमाणु बम होने का अनुमान है. यह जखीरा इतना बड़ा है कि दुनिया के हर बड़े शहर को कई बार मलबे में तब्दील किया जा सकता है.
इससे पूरी पृथ्वी को कितनी बार मिटाया जा सकता है?
अक्सर यह कहा जाता है कि परमाणु युद्ध से पूरी पृथ्वी ही खत्म हो जाएगी, लेकिन वैज्ञानिक तथ्य थोड़े अलग हैं. रिपोर्ट बताती है कि अगर 30 से 40 किलोटन क्षमता वाले केवल 500 परमाणु बमों का इस्तेमाल किया जाए, तो यह दुनिया की पूरी 8 अरब आबादी को खत्म करने के लिए काफी है. हालांकि, अगर हम पूरी पृथ्वी की 15 करोड़ वर्ग किलोमीटर जमीन को भौतिक रूप से मिटाने की बात करें, तो इसके लिए करीब 1 लाख 28 हजार परमाणु बमों की जरूरत होगी. यानी मौजूदा 12 हजार बम इंसानियत को तो पूरी तरह मिटा सकते हैं और दुनिया को पाषाण युग में भेज सकते हैं, लेकिन पूरी भौगोलिक धरती को नष्ट करने के लिए अभी भी यह संख्या कम है.
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गुपचुप तरीके से परमाणु शक्ति बनने की रेस में कौन शामिल?
परमाणु हथियारों की इस दौड़ में केवल ये 9 देश ही शामिल नहीं हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कई अन्य देश भी पर्दे के पीछे से परमाणु बम बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं. इस लिस्ट में ईरान, अर्जेंटीना और ब्राजील सबसे आगे माने जाते हैं. इनके अलावा स्वीडन, लीबिया, रोमानिया, इजिप्ट, ताइवान, अल्जीरिया, इराक और सीरिया जैसे देशों का नाम भी इस गुप्त अभियान में सामने आता रहा है. जापान के पास तो ऐसी उन्नत तकनीक पहले से मौजूद है कि वह बहुत कम समय में परमाणु बम तैयार कर सकता है, लेकिन वह फिलहाल शांति का रास्ता अपनाए हुए है. ईरान पर हालिया हमले इसी रेस को रोकने की एक कोशिश माने जा रहे हैं.
रूस का डेड हैंड
परमाणु युद्ध की चर्चा 'डूम्स डे डिवाइस' यानी रूस के 'डेड हैंड' सिस्टम के बिना अधूरी है. यह रूस का एक ऐसा ऑटोमेटिक न्यूक्लियर कमांड सिस्टम है, जिसे शीत युद्ध के दौरान बनाया गया था. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि अगर दुश्मन देश अचानक परमाणु हमला कर रूस के पूरे नेतृत्व और कमांड सेंटर को तबाह कर दे, तब भी रूस का सिस्टम अपने आप दुश्मन पर परमाणु मिसाइलें दाग देगा. यानी अगर रूस पूरी तरह मिट भी जाए, तो भी उसका यह 'डेड हैंड' सिस्टम दुश्मन को जिंदा नहीं छोड़ेगा. यह तकनीक आज भी दुनिया के लिए सबसे बड़ा रहस्य और डर बनी हुई है.
परमाणु युद्ध का सामाजिक और पर्यावरण पर असर
अगर कभी इन हथियारों का इस्तेमाल होता है, तो केवल धमाका ही जान नहीं लेगा, बल्कि उसके बाद आने वाली परमाणु सर्दियों से दुनिया खत्म हो जाएगी. धमाकों से निकलने वाला धुआं और राख आसमान को ढक लेगी, जिससे सूरज की रोशनी सालों तक धरती पर नहीं पहुंच पाएगी. तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे गिर जाएगा, खेती पूरी तरह ठप हो जाएगी और भुखमरी से वो लोग भी मारे जाएंगे जो धमाके से बच गए थे. हिरोशिमा और नागासाकी की तबाही तो बस एक छोटा सा ट्रेलर थी, आज के आधुनिक परमाणु बम उससे हजारों गुना ज्यादा शक्तिशाली और विनाशकारी हैं.
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