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Iran Nuclear Bomb: ईरान के पास कितना यूरेनियम, उससे कितने परमाणु बम बन सकते हैं?

ईरान के परमाणु ठिकानों में इस समय एक खास स्तर का यूरेनियम भंडार मौजूद है, जिसकी शुद्धता मानकों से काफी आगे निकल चुकी है. अगर ईरान तकनीकी रूप से इसके अगले पड़ाव पर पहुंचा तो मिडिल ईस्ट का पूरा रणनीतिक नक्शा बदल सकता है.

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  • अमेरिकी खुफिया के अनुसार, ईरान हफ्तों में बम बना सकता.

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा रखी है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार यह सवाल गूंज रहा है कि ईरान के पास इस समय कुल कितना यूरेनियम जमा हो चुका है और वह इससे कितने परमाणु बम तैयार कर सकता है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA की लगातार आती रिपोर्टों ने इस चिंता को और ज्यादा गहरा कर दिया है. हालांकि ईरान हमेशा यही कहता आया है कि उसका यह पूरा तामझाम सिर्फ बिजली बनाने और मेडिकल रिसर्च जैसे शांतिपूर्ण कामों के लिए है, लेकिन जमीनी आंकड़े कुछ और ही गवाही दे रहे हैं. आइए जानें कि ईरान के पास कितना यूरेनियम है और उससे कितने परमाणु हथियार बन सकते हैं.

यूरेनियम के संवर्धन का खतरनाक स्तर और उसकी हकीकत

किसी भी देश को परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम को एक खास लेवल तक रिफाइन यानी संवर्धित करना पड़ता है. आम तौर पर बिजली बनाने के लिए सिर्फ 3.6% संवर्धित यूरेनियम की जरूरत होती है. लेकिन ईरान इस मामूली जरूरत की सीमा को बहुत पीछे छोड़ चुका है. तकनीकी जानकारों का कहना है कि ईरान ने नागरिक उपयोग की सभी सीमाओं को लांघकर अपने यूरेनियम को बहुत ऊंचे स्तर तक संवर्धित कर लिया है. यह स्थिति पूरी दुनिया के लिए इसलिए डरावनी है क्योंकि अब ईरान वेपन-ग्रेड यानी हथियार बनाने वाले स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है.

क्या कहता है 60% शुद्धता वाले यूरेनियम का आंकड़ा?

ताजा अंतरराष्ट्रीय आकलनों के मुताबिक, ईरान के पास इस समय लगभग 440 किलो ऐसा यूरेनियम मौजूद है जिसे 60% की खतरनाक हद तक संवर्धित किया जा चुका है. परमाणु वैज्ञानिकों का मानना है कि 60% तक पहुंचे यूरेनियम को हथियार बनाने के लिए जरूरी 90% के स्तर तक ले जाने में बहुत ही कम समय और बेहद मामूली तकनीकी प्रक्रिया की जरूरत होती है. यही वजह है कि दुनिया भर की खुफिया एजेंसियां ईरान के इस 440 किलो के स्टॉक पर चौबीसों घंटे अपनी नजरें गड़ाए बैठी हैं.

यह भी पढ़ें: Iran Conflict: जंग अमेरिका और इजरायल से, लेकिन खाड़ी देशों को क्यों तबाह कर रहा ईरान, जान लीजिए वजह

ईरान के पास कितना यूरेनियम मौजूद

ईरान के परमाणु ठिकानों में सिर्फ 60% वाला यूरेनियम ही नहीं है, बल्कि उसके पास अलग-अलग स्तरों का एक बड़ा भंडार है. आंकड़ों के मुताबिक, ईरान के पास करीब 1,000 किलो यूरेनियम 20% तक संवर्धित रूप में तिजोरियों में बंद है. इसके अलावा, उसके पास लगभग 8,500 किलो यूरेनियम 3.6% के स्तर पर संवर्धित हालत में मौजूद है. भले ही यह 3.6% वाला हिस्सा नागरिक काम के लिए हो, लेकिन इतनी बड़ी कुल मात्रा यह बताती है कि ईरान के पास कच्चे माल की कोई कमी नहीं है.

मौजूदा भंडार से कितने एटमी बम बना सकता है ईरान?

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि ईरान के पास मौजूद इस पूरे स्टॉक से कुल कितने परमाणु बम तैयार हो सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के साझा आकलन के मुताबिक, अगर ईरान अपने इस पूरे संवर्धित यूरेनियम भंडार को 90% की शुद्धता पर ले जाता है, तो वह आराम से 5 से 8 परमाणु हथियार बना सकता है. इतने बम पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा के लिए तहस-नहस करने और दुनिया का पावर बैलेंस बदलने के लिए काफी हैं.

इस्फहान संयंत्र और परमाणु ठिकानों की सुरक्षा

ईरान ने अपने इस बेशकीमती और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के ज्यादातर हिस्से को इस्फहान नाम के बेहद सुरक्षित इलाके में छिपाकर रखा है. इस्फहान ईरान के उन 3 प्रमुख भूमिगत परमाणु ठिकानों में से एक है, जिन्हें अमेरिकी और इजरायली रणनीतिक हमलों का सामना भी करना पड़ा है. इन ठिकानों को जमीन के नीचे नतान्ज जैसी बेहद सुरक्षित जगहों पर बनाया गया है, ताकि किसी भी बाहरी हवाई हमले या बमबारी से इस यूरेनियम भंडार को पूरी तरह बचाया जा सके.

अमेरिकी खुफिया एजेंसी का चौंकाने वाला बड़ा दावा

अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी यानी डीआईए की रिपोर्ट में ईरान की रफ्तार को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली बात कही गई है. इस खुफिया आकलन के मुताबिक, ईरान अगर आज की तारीख में तय कर ले, तो वह 1 हफ्ते से भी कम समय के भीतर एक पूरे परमाणु बम के लिए जरूरी वेपन-ग्रेड यानी 90% शुद्धता वाला यूरेनियम आराम से तैयार कर सकता है. यह रिपोर्ट बताती है कि तकनीकी तौर पर अब ईरान को रोक पाना दुनिया के लिए कितना मुश्किल हो चुका है.

क्या वाकई एटमी हथियार बना रहा है ईरान?

इस बेहद संवेदनशील मोड़ पर भी अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का मानना है कि ईरान रणनीतिक रूप से इस समय सीधे तौर पर परमाणु बम का निर्माण नहीं कर रहा है. उसने केवल वे तमाम जरूरी कदम उठाकर तैयारी पुख्ता कर ली है, जिनकी मदद से वह जब चाहे, परमाणु बटन दबाकर बम बना सकता है. दूसरी तरफ, इजरायल का दावा बिल्कुल अलग है. इजरायली खुफिया एजेंसियों का साफ कहना है कि उनके पास ऐसे पुख्ता सबूत हैं जो बताते हैं कि ईरान ने परमाणु बम के कल-पुर्जे बनाने में ठोस प्रगति कर ली है.

यह भी पढ़ें: Iran Nuclear Weapon: ईरान के पास अगर आ जाए परमाणु बम तो कितना बदल जाएगा मिडिल ईस्ट, क्या ग्लोबल ऑर्डर में भी आएगा चेंज?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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