प्रधानमंत्री के फास्ट ट्रैक कोर्ट वाले बयान पर RJD का रिएक्शन, 'यदि आपकी सरकार…'
PM Modi Fast Track Court News: आरजेडी ने सवाल उठाया है कि देश का युवा पूछ रहा है कि क्या सरकार की मंशा सचमुच पेपर लीक माफिया को सजा दिलाने की है, या उन्हें बचाने की? पढ़िए पूरी खबर.

नीट पेपर लीक मामले में जारी प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा है कि जांच और कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) का गठन होगा. पीएम मोदी के ऐलान पर आरजेडी (RJD) का रिएक्शन आया है. आरजेडी के सांसद सुधाकर सिंह (RJD MP Sudhakar Singh) ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन पर भी सवाल उठाया है.
सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक्स पर टैग करते हुए कहा, "फिर वही पुराना तरीका, सरकार की नाकामी, और जिम्मेदारी कोर्ट के कंधों पर…"
सुधाकर सिंह ने पीएम मोदी से कहा कि आप कहते हैं कि पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, लेकिन सवाल यह है कि कोर्ट करेगा क्या, जब सरकार समय पर जांच पूरी नहीं करेगी, आरोपियों को नहीं पकड़ेगी, चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी? उन्होंने कहा कि NEET-2024 घोटाले का सरगना संजीव मुखिया चार्जशीट समय पर दाखिल न होने के कारण बरी हो गया. यह जांच एजेंसियों और सरकार की नाकामी है.
प्रधानमंत्री @narendramodi जी,
— Sudhakar Singh (रोज़गार जहाँ, वोट वहाँ) (@_Sudhaker_singh) July 23, 2026
फिर वही पुराना तरीका—सरकार की नाकामी, और जिम्मेदारी कोर्ट के कंधों पर।
आप कहते हैं कि पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। लेकिन सवाल यह है कि कोर्ट करेगा क्या, जब सरकार समय पर जांच पूरी नहीं करेगी, आरोपियों को नहीं पकड़ेगी,… https://t.co/TAhH2qS0WF
'आप अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते'
प्रधानमंत्री को घेरते हुए आरजेडी सांसद ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर आप अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. गिरफ्तारी करना, एफआईआर दर्ज करना, निष्पक्ष जांच कराना, सबूत जुटाना और समय पर चार्जशीट दाखिल करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है. यदि यही काम नहीं होगा, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट केवल एक राजनीतिक जुमला बनकर रह जाएगा.
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'यदि आपकी सरकार...'
सुधाकर सिंह ने कहा कि देश का युवा पूछ रहा है कि क्या सरकार की मंशा सचमुच पेपर लीक माफिया को सजा दिलाने की है, या उन्हें बचाने की? यदि आपकी सरकार अपनी जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है, तो फिर सत्ता में बैठने का औचित्य क्या है? केवल घोषणाएं करने के लिए?
उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य भाषणों से नहीं, कार्रवाई से सुरक्षित होगा. जब तक पेपर लीक के असली गुनहगारों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हर नई घोषणा युवाओं के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी लगेगी.
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