India Sri Lanka Loan: श्रीलंका को कितना उधार देता है भारत, कैसे की जाती है इसकी वसूली?
India Sri Lanka Loan: हाल ही में भारत ने श्रीलंका को चक्रवात के बाद एक पुनर्निर्माण पैकेज देने की घोषणा की है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत श्रीलंका को कितना उधार देता है.

India Sri Lanka Loan: संकट के वक्त भारत श्रीलंका के सबसे भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में उभर रहा है. 2022 में जब इस द्वीपीय देश पर गंभीर वित्तीय संकट आए थे तो नई दिल्ली ने अपने पड़ोसी को स्थिर करने के लिए बड़े पैमाने पर मदद की थी. ठीक इसी तरह 2025 में भी एक समर्थन जारी किया गया जब भारत ने चक्रवात दितवाह के बाद एक नए पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा की. इसी बीच आइए जानते हैं कि श्रीलंका को कितना उधार देता है भारत और इसकी वसूली कैसे की जाती है.
भारत द्वारा दी गई कुल वित्तीय सहायता
भारत ने श्रीलंका को काफी ज्यादा वित्तीय समर्थन दिया है. 2022 के आर्थिक संकट के दौरान भारत ने लगभग चार बिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता दी थी. इसमें ईंधन, भोजन, दवाओं के लिए क्रेडिट लाइन और विदेशी मुद्रा भंडार का समर्थन करने के लिए करेंसी स्वैप भी शामिल थे. इस सहायता ने श्रीलंका के सबसे बुरे आर्थिक दौर में कमी और सामाजिक अशांति को रोकने में एक बड़ी भूमिका निभाई थी.
इसी के साथ दिसंबर 2025 में भारत ने श्रीलंका को चक्रवात से उभरने में मदद करने के लिए 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अलावा पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा की है. इस राशि में से 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर रियायती क्रेडिट लाइन है. बाकी के 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर अनुदान के रूप में दिए गए हैं. इस अनुदान को श्रीलंका को चुकाना नहीं होगा.
बजटीय समर्थन
2025 के लिए भारत सरकार ने खास तौर से श्रीलंका के लिए लगभग 300 करोड़ रुपए आवंटित किए. यह पिछले सालों की तुलना में काफी ज्यादा है. यह आवंटन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सामुदायिक विकास और क्षमता निर्माण के समर्थन के लिए किया गया था.
भारत श्रीलंका से अपने ऋण कैसे वसूल करता है
अब क्योंकि श्रीलंका ने 2022 में आधिकारिक तौर पर खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था इस वजह से भारत आक्रमक ऋण वसूली नहीं कर रहा है. इसके बजाय ध्यान ऋण पुनर्गठन पर है. भारत आधिकारिक लेनदार समिति का हिस्सा है जो आईएमएफ और बाकी लेनदारों के साथ कोऑर्डिनेटर करके श्रीलंका के पुनर्भुगतान कार्यक्रम को फिर से डिजाइन करती है. इसमें ऋण की अवधि बढ़ाना, ब्याज दर कम करना और अस्थायी पुनर्भुगतान राहत देना करना शामिल है.
ऋणों को अनुदान में बदला
भारत ने अपने कुछ पुराने लोन को अनुदान में बदलकर एक कदम और आगे बढ़ाया है. अक्टूबर 2024 में श्रीलंका के कर्ज का बोझ कम करने के लिए 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर के परियोजनाओं को ग्रांट में बदल दिया गया. इंटरनेशनल लैंडिंग में यह तरीका काफी कम देखने को मिलता है और यह सख्त फाइनेंशियल रिकवरी के बजाय इस क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता के लिए भारत की एक बड़ी पहल है.
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