India UNSC Seat: UN की स्थायी सदस्यता मिल जाने से कितना पावरफुल हो जाएगा भारत, कैसे बदल जाएगी एशिया की पॉलिटिक्स
India UNSC Seat: दशकों से भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है. लेकिन सदस्यता मिलने के बाद क्या फायदा होगा और एशियाई राजनीति में क्या बदलाव आएंगे. आइए जानते हैं.

India UNSC Seat: संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र न्यूयॉर्क में शुरू हो चुका है. इस सत्र में कई विश्व नेता शामिल हुए. सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरतों पर जोर दिया. दशकों से भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है. आपको बता दें कि वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य हैं. अमेरिका, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, रूस और चीन. भारत के साथ-साथ ब्राजील और जापान भी स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे हैं. लेकिन सवाल यह उठता है की सदस्यता मिलने के बाद भारत को क्या फायदा होगा. आइए जानते हैं.
कितना शक्तिशाली हो जाएगा भारत
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट मिलने के बाद भारत का वैश्विक और प्रभाव काफी ज्यादा बढ़ जाएगा. सबसे अहम और जरूरी लाभ जो मिलेगा वह है वीटो पावर. इस वीटो पावर की मदद से भारत अपने राष्ट्रीय हितों के खिलाफ किसी भी प्रस्ताव को रोक पाएगा. इसी के साथ भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति भी काफी ज्यादा मजबूत होगी. साथ ही उभरते हुए महाशक्ति के रूप में भारत की छवि और भी मजबूत हो जाएगी. एक स्थायी सीट के साथ भारत अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से संबंधित फसलों में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है. इतना ही नहीं बल्कि इसके बाद एशिया और हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने में भी काफी मदद मिलेगी और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ बड़े फैसले भी लिए जा सकेंगे.
एशियाई राजनीति में बदलाव
फिलहाल चीन एशिया से इकलौता स्थायी सदस्य है. यही कारण है कि उसे क्षेत्रीय मामलों में काफी ज्यादा प्रभाव मिला हुआ है. भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शामिल होने एक शक्ति संतुलन बनेगा और चीन का दबदबा कम होगा. इसी के साथ भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को सीधे संबोधित करने की अनुमति मिलेगी, इसके बाद पाकिस्तान और चीन जैसे देशों पर दबाव बनेगा. इसी के साथ वीटो पावर की मदद से भारत, चीन या फिर पाकिस्तान द्वारा लाए गए किसी भी प्रस्ताव को रोका जा सकेगा.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीट पहली प्राथमिकता
पिछले साल विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद को बताया था कि भारत यूएनएससी में स्थाई सदस्यता को काफी ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है. उन्होंने कहा था कि भारत को पूरा विश्वास है कि उसके पास यूएनएससी का स्थायी सदस्य बनने के लिए सभी योग्यताएं हैं.
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Source: IOCL























