एक्सप्लोरर

जब भारत में भी हैं तेल के कुएं तो विदेश से क्यों मंगाता है क्रूड ऑयल, क्या है जरूरत?

भारत में असम, गुजरात और मुंबई हाई जैसे क्षेत्रों में तेल का उत्पादन होने के बावजूद घरेलू आपूर्ति मांग के मुकाबले बेहद कम है. इसके अलावा भी कई अन्य वजहों से भारत को विदेशी तेल पर निर्भर रहना पड़ता है.

भारत के नक्शे पर नजर डालें तो असम के डिगबोई से लेकर मुंबई के समंदर (मुंबई हाई) और गुजरात के तटों तक तेल के कुएं मौजूद हैं. इसके बावजूद एक बड़ा सवाल अक्सर आम आदमी के मन में कौंधता है कि जब हमारे पास अपनी जमीन और समंदर में तेल है, तो हम अरब देशों या रूस के सामने हाथ क्यों फैलाते हैं? भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल विदेशों से क्यों मंगाता है और क्या हमारे कुएं सूख रहे हैं? आइए, इस जटिल गणित को बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं.

घरेलू उत्पादन और बढ़ती खपत के बीच का बड़ा अंतर

भारत में कच्चे तेल के उत्पादन का इतिहास काफी पुराना है, लेकिन समस्या यह है कि हमारा उत्पादन हमारी बढ़ती भूख के सामने बहुत छोटा है. वर्तमान में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है. हमारी रिफाइनरियों को चलाने और देश की गाड़ियों के पहिए घुमाने के लिए रोजाना लाखों बैरल तेल की जरूरत होती है. भारत की अपनी जमीन और समंदर से निकलने वाला तेल कुल खपत का महज 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा ही पूरा कर पाता है. यही वजह है कि बाकी के 80 से 85 प्रतिशत हिस्से के लिए हमें वैश्विक बाजार पर निर्भर रहना पड़ता है.

नए भंडारों की खोज और सीमित संसाधन की चुनौती

ऐसा नहीं है कि भारत में तेल खोजने की कोशिशें नहीं हो रही हैं, लेकिन कच्चे तेल की खोज एक खर्चीली और अनिश्चित प्रक्रिया है. भारत में ओएनजीसी (ONGC) और ऑयल इंडिया जैसी कंपनियां लगातार नए कुएं खोद रही हैं, लेकिन नए भंडारों के मिलने की गति हमारी खपत बढ़ने की रफ्तार से बहुत धीमी है. पुराने तेल क्षेत्र जैसे मुंबई हाई अब अपनी मैच्योरिटी की उम्र पार कर रहे हैं, जिससे वहां से तेल निकालने की लागत बढ़ रही है और उत्पादन धीरे-धीरे कम हो रहा है. इसके मुकाबले इराक या सऊदी अरब जैसे देशों में तेल निकालना काफी आसान और सस्ता पड़ता है.

यह भी पढ़ें: World Largest LPG Producer: दुनिया के किस देश में होता है सबसे ज्यादा LPG प्रोडक्शन, भारत किस नंबर पर?

तेल की क्वालिटी और रिफाइनरी की तकनीकी जरूरत

हर देश की जमीन से निकलने वाला कच्चा तेल एक जैसा नहीं होता है. कुछ तेल 'स्वीट' (कम सल्फर वाले) होते हैं और कुछ 'सौर' (ज्यादा सल्फर वाले) होते हैं. भारत की आधुनिक रिफाइनरियां, जो अब BS-VI मानक का पेट्रोल-डीजल बनाती हैं, उन्हें एक खास तरह के मिश्रण की जरूरत होती है. कई बार घरेलू तेल की गुणवत्ता वैसी नहीं होती जो उच्च स्तर के ईंधन बनाने के लिए जरूरी है. इसलिए रिफाइनरियां अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल करने और अंतरराष्ट्रीय मानक का ईंधन तैयार करने के लिए विदेशों से अलग-अलग ग्रेड का तेल मंगाती हैं.

आर्थिक समीकरण और रणनीतिक तेल खरीद का गणित

विदेशी तेल मंगाना केवल मजबूरी नहीं, कई बार यह बड़ा आर्थिक फायदा भी होता है. हाल के दिनों में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने रूस से भारी डिस्काउंट पर तेल खरीदा है. जब विदेशी बाजार में कच्चा तेल हमें अपनी उत्पादन लागत से कम या प्रतिस्पर्धी कीमत पर मिलता है, तो वह देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार के लिए बेहतर साबित होता है. इसके अलावा, खाड़ी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने और अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी भारत को वैश्विक तेल व्यापार का हिस्सा बने रहना पड़ता है.

भविष्य की तैयारी और स्ट्रैटेजिक रिजर्व का महत्व

भारत जानता है कि पूरी तरह आयात पर निर्भर रहना जोखिम भरा है, इसलिए सरकार 'स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व' यानी आपातकालीन तेल भंडार बना रही है. इसके तहत विशाखापत्तनम और मंगलुरु जैसी जगहों पर जमीन के नीचे विशाल टैंकों में तेल जमा किया गया है, जो युद्ध या सप्लाई रुकने की स्थिति में काम आता है. साथ ही, सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर जोर दे रही है ताकि कच्चे तेल के आयात बिल को कम किया जा सके. जब तक भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के वैकल्पिक रास्ते पूरी तरह तैयार नहीं कर लेता, तब तक विदेशी तेल हमारी मजबूरी बना रहेगा.

यह भी पढ़ें: LPG, CNG और PNG गैस में क्या होता है अंतर, जान लीजिए सभी का काम

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Plastic Currency India: प्लास्टिक की करेंसी आई तो कागज के नोटों का क्या होगा, कैसे होंगे एक्सचेंज?
प्लास्टिक की करेंसी आई तो कागज के नोटों का क्या होगा, कैसे होंगे एक्सचेंज?
क्या भारत के राष्ट्रपति का भी ड्राइविंग लाइसेंस बनता है, वो खुद चला सकते हैं कार?
क्या भारत के राष्ट्रपति का भी ड्राइविंग लाइसेंस बनता है, वो खुद चला सकते हैं कार?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: क्या सोनम वांगचुक को जबरन खाना खिला सकती है सरकार, क्या कहता है कानून?
क्या सोनम वांगचुक को जबरन खाना खिला सकती है सरकार, क्या कहता है कानून?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक के अलावा जंतर-मंतर पर अनशन पर कौन-कौन बैठा, जान लीजिए सभी के नाम
सोनम वांगचुक के अलावा जंतर-मंतर पर अनशन पर कौन-कौन बैठा, जान लीजिए सभी के नाम

वीडियोज

बिश्नोई गैंग के टारगेट पर आमिर खान!
Jagadhatri: Jagdhatri को हुआ Shivay से प्यार का अहसास! क्या अब सामने आएगा दिल का राज?
Bollywood News: आमिर खान को कथित लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकी, वायरल ऑडियो-पोस्ट से बॉलीवुड में मचा हड़कंप (18.07.26)
Kajal, Shreyas Talpade & Chettan DK Talk About Food Safety, Health, Parenting & Their Film 'The India Story'
Sohail Khan ने बचपन के दर्द का किया खुलासा, सालों बाद सुनाई Sexual Harassment की कहानी

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
मायावती ने केंद्र को बताया मानसून सत्र का ‘एजेंडा’, BSP चीफ ने इन मुद्दों पर चर्चा की रखी मांग
मायावती ने केंद्र को बताया मानसून सत्र का ‘एजेंडा’, BSP चीफ ने इन मुद्दों पर चर्चा की रखी मांग
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने किसके कहने पर पाकिस्तान को बख्शा? इमरान खान की बहन का बड़ा दावा
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने किसके कहने पर पाकिस्तान को बख्शा? इमरान खान की बहन का बड़ा दावा
Lock Upp 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार नें धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
लॉक अप 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार नें धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले Messi को लगा झटका, 10 गोल मारकर एम्बाप्पे ने ठोकी Golden Boot पर मजबूत दावेदारी
FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले Messi को लगा झटका, 10 गोल मारकर एम्बाप्पे ने ठोकी Golden Boot पर मजबूत दावेदारी
अमेरिका से जंग के बीच ईरान में होगा तख्तापलट? कट्टरपंथियों की पेजेश्कियान-अराघची को धमकी, कहा- 'हमारे हाथ में ब्लेड और आपका...'
ईरान में होगा तख्तापलट? कट्टरपंथियों की पेजेश्कियान-अराघची को धमकी, कहा- 'हमारे हाथ में ब्लेड और...'
राम मंदिर ट्रस्ट की 22 जुलाई को बैठक, SIT रिपोर्ट-CEO की नियुक्ति सहित इन मुद्दों पर होगी चर्चा
राम मंदिर ट्रस्ट की 22 जुलाई को बैठक, SIT रिपोर्ट-CEO की नियुक्ति सहित इन मुद्दों पर होगी चर्चा
Fennel Farming: पूरे साल रहती है सौंफ की डिमांड, किसान ऐसे शुरू करें इसकी खेती
पूरे साल रहती है सौंफ की डिमांड, किसान ऐसे शुरू करें इसकी खेती
Embed widget