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USS Abraham Lincoln: कितना बड़ा होता है USS अब्राहम लिंकन का काफिला, जिससे ईरान पर किया हमला?

USS Abraham Lincoln: अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया है. अमेरिका की तरफ से हुई कार्रवाई को USS अब्राहम लिंकन ने अंजाम दिया है. आइए जानते हैं कितना बड़ा है इसका काफिला.

USS Abraham Lincoln: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा मिलिट्री हमला कर दिया है. इजरायल ने इसे प्रीवेंटिव अटैक बताया है और अमेरिका ने अपने ऑपरेशन को एपिक फ्यूरी कहा है.  अमेरिकी नौसेना और वायु सेना ने अमेरिका के सबसे ताकतवर युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन से ईरान पर हमला किया है. आइए जानते हैं आखिर कितना बड़ा है USS अब्राहम लिंकन का काफिला. 

USS अब्राहम लिंकन का काफिला 

USS अब्राहम लिंकन  एक निमित्ज क्लास न्यूक्लियर पावर एयरक्राफ्ट कैरियर है. इसका वजन 1,00,000 टन से ज्यादा है. यह लगभग 1100 फीट लंबा है और अब तक बने सबसे बड़े वॉरशिप में से एक है. यह बड़ा कैरियर 60 से 90 फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और सर्विलांस एयरक्राफ्ट ले जा सकता है. यह एयर ऑपरेशन के लिए मेन कमांड सेंटर और लॉन्च प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है.

एस्कॉर्ट डिस्ट्रॉयर से मिलता है डिफेंस 

एयरक्राफ्ट कैरियर को डिस्ट्रॉयर स्क्वाड्रन 21 के कई गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर से सुरक्षा मिलती है. यह इसके डिफेंसिव शील्ड का काम करते हैं. इसमें यूएसएस फ्रैंक ई पीटरसन जूनियर, यूएसएस स्प्रुअंस और यूएसएस माइकल मर्फी शामिल हैं. ये वॉरशिप एडवांस्ड रडार सिस्टम, मिसाइल इंटरसेप्टर और टॉम हॉक क्रूज मिसाइल से लैस हैं.

काफिले की सबसे बड़ी ताकत

काफिले की मुख्य अटैक करने की ताकत कैरियर एयर विंग 9 से आती है. इसमें F-35C Lightning II स्टील्थ फाइटर और F/A-18 सुपर हॉर्नेट जैसे एडवांस्ड  कॉम्बैट एयरक्राफ्ट शामिल हैं. इतना ही नहीं बल्कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए EA-18G रोलर एयरक्राफ्ट भी शामिल है. इसकी खास बात यह है कि यह दुश्मन के रडार सिस्टम को जाम कर सकता है. हवा में निगरानी और जल्दी चेतावनी के लिए E-2D भी शामिल है. 

USS अब्राहम लिंकन काफिले में कितने मिलिट्री के लोग? 

USS अब्राहम लिंकन काफिले में लगभग 5700 से 6000 मिलिट्री के लोग होते हैं. इनमें पायलट, इंजीनियर, नाविक और सपोर्ट स्टाफ शामिल है. यह लोग एयरक्राफ्ट ऑपरेट करते हैं हथियार सिस्टम मेंटेन करते हैं, जहाज के ऑपरेशन मैनेज करते हैं और चौबीसों घंटे लड़ाकू मिशन करते हैं.

न्यूक्लियर सबमरीन भी काफिले में शामिल 

सतह पर चलने वाले युद्धपोतों के अलावा काफिले में आमतौर पर एक या दो न्यूक्लियर पावर वाली अटैक सबमरीन भी होती हैं. यह दुश्मन की सबमरीन से सुरक्षा देती हैं और जरूरत पड़ने पर क्रूज मिसाइल हमले भी कर सकती हैं. इसी के साथ आपको बता दें कि स्ट्राइक ग्रुप दुनिया के कुछ सबसे एडवांस्ड हथियारों से लैस है. इसमें टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें भी शामिल हैं जो लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम हैं.

यह भी पढ़ें:  क्या होता है गोरिल्ला वॉर और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत, जिसके माहिर हैं तालिबानी लड़ाके

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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