एक कथा सुनाने के लिए कितना पैसा लेते हैं कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज, जानें उनकी कमाई?
Aniruddhacharya Maharaj: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज बीते कुछ सालों में सबसे पॉपुलर कथावाचक में से एक बन चुके हैं. आइए जानते हैं कि वह कथा सुनाने के कितने रुपये चार्ज करते हैं.

Aniruddhacharya Maharaj: जाने माने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज हाल के सालों में सबसे पॉपुलर कथावाचकों में से एक बन गए हैं. अपनी भक्ति कथा सुनाने और बड़ी सभाओं के लिए जाने जाने वाले अनिरुद्धाचार्य महाराज पूरे भारत में धार्मिक प्रवचन करते हैं. उनकी कथा सुनने के लिए काफी बड़ी तादाद में श्रद्धालु आते हैं. अनिरुद्धाचार्य महाराज आजकल सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा मशहूर हैं. सोशल मीडिया पर उन्हें पूकी महाराज के नाम से जाना जाता है. वे अपने बेबाक बयानों के लिए काफी ज्यादा चर्चा में रहते हैं. बढ़ती लोकप्रियता के साथ काफी लोग यह जानना चाहते हैं कि वह कथा सुनाने के लिए कितना चार्ज करते हैं और उनकी कुल कमाई कितनी है.
हर दिन की कथा फीस
कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अनिरुद्धाचार्य महाराज एक धार्मिक प्रवचन या कथा के लिए हर दिन लगभग 1 से 3 लाख रुपये चार्ज करते हैं. सही रकम इवेंट के लेवल, जगह और ऑर्गेनाइजर द्वारा किए गए इंतजाम पर निर्भर होती है. पूरे 7 दिन की श्रीमद् भागवत कथा के लिए उनकी फीस लगभग 10 लाख से 15 लाख रुपए बताई जाती है. बोलने के चार्ज के अलावा ऑर्गेनाइजर उनके साथ आने वाली टीम के रहने, आने जाने, खाने और इंतजाम के लिए भी जिम्मेदार होते हैं.
महीने की इनकम और अनुमानित नेट वर्थ
रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025 तक उनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 25 करोड़ रुपए है. माना जाता है कि उनकी कुल महीने के इनकम अलग-अलग रेवेन्यू सोर्स को मिलाकर लगभग 45 लाख रुपये है. यह आंकड़े पब्लिक में मौजूद रिपोर्ट और इवेंट डिस्क्लोजर पर आधारित हैं.
यूट्यूब और डिजिटल कमाई
अनिरुद्धाचार्य महाराज की डिजिटल प्रेजेंस भी काफी ज्यादा मजबूत है. उनके यूट्यूब चैनल पर लाखों सब्सक्राइबर हैं और ऐसा अनुमान है कि वह यूट्यूब एडवर्टाइजमेंट और ऑनलाइन व्यूअरशिप से हर महीने लगभग ₹2 लाख कमाते हैं. कथा इवेंट और यूट्यूब रेवेन्यू के अलावा उनकी इनकम के सोर्स में धार्मिक प्रोग्राम, ब्रांड एंडोर्समेंट और पब्लिक अपीरियंस शामिल है. जैसे-जैसे उनकी पापुलैरिटी बढ़ी है बड़े पैमाने पर होने वाले स्पिरिचुअल इवेंट के इनविटेशन भी बढ़े हैं. इससे उनकी कमाई में भी इजाफा हुआ है. अनिरुद्धाचार्य महाराज वृंदावन में गौरी गोपाल आश्रम भी चलाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक और चैरिटेबल कामों पर खर्च होता है. इनमें गाय की सेवा, भंडारा और जरूरतमंदों को मेडिकल मदद देना शामिल है.
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