कौन थीं भारत की पहली महिला आईएएस से लेकर पायलट-जज और आईपीएस? विमेंस डे पर देखें लिस्ट
इंटरनेशनल विमेंस डे उन महिलाओं को याद करने का अवसर माना जाता है, जिन्होंने अपने साहस और कामयाबी से इतिहास रचा था. वहीं आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं.

हर साल दुनिया भर में 8 मार्च को इंटरनेशनल विमेंस डे मनाया जाता है. यह दिन उन महिलाओं को याद करने का अवसर माना जाता है, जिन्होंने अपने साहस और कामयाबी से इतिहास रचा था. वहीं आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है, लेकिन एक समय था जब प्रशासन, न्यायपालिका और पुलिस जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के मौजूदगी बहुत कम थी. ऐसे दौर में कुछ महिलाओं ने समाज की तय सीमाओं को चुनौती दी और ऐसे पदों पर पहुंची, जहां पहले केवल पुरुषों का ही दबदबा माना जाता था. ऐसे में इस बार इंटरनेशनल महिला दिवस के मौके पर चलिए आज हम आपको ऐसी महिलाओं के बारे में बताते हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में पहचान बनाकर आगे आने वाली पीढियां के लिए रास्ता खोला.
कौन थी भारत की पहली महिला आईएएस अफसर?
अन्ना राजम मल्होत्रा भारत की पहली महिला आईएएस अधिकारी थी. उन्होंने 1951 में भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइन की. उस समय महिलाओं का प्रशासनिक सेवा में आना आसान नहीं था. वहीं इंटरव्यू के दौरान भी उन्हें दूसरी सेवा चुनने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने इस में जाने का फैसला किया. उन्होंने मद्रास कैडर में अपनी सेवा शुरू की और अपने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई. 1982 में एशियन गेम्स के आयोजन और मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है. वहीं उन्हें 1989 में पद्म भूषण से सम्मानित भी किया गया था.
कौन थी भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी?
भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी थी. किरण बेदी 1972 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थी. उन्होंने अपने करियर में कई जरूरी पदों पर काम किया. दिल्ली में ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर तिहाड़ जेल में सुधारों तक उन्होंने कई जरूरी किए. तिहाड़ जेल में सुधारात्मक कदमों के लिए किरण बेदी को 1994 में रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड मिला. बाद में किरण बेदी ने संयुक्त राष्ट्र में भी जिम्मेदारी निभाई और पुडुचेरी की उपराज्यपाल भी बनी.
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कौन थी भारत की पहली महिला जज?
अन्ना चांडी भारत की पहली महिला हाई कोर्ट जज थी. उन्हें 1959 में केरल हाई कोर्ट में नियुक्त किया गया. इससे पहले वह देश की पहली महिला न्यायिक अधिकारी भी बनी थी. जब अदालत में महिलाओं की मौजूदगी लगभग न के बराबर थी, तब उन्होंने कानून की पढ़ाई की और न्यायपालिका में अपनी जगह बनाई. माना जाता है कि अन्ना चांडी ने अपने करियर में कई जरूरी फैसले दिए और महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मजबूत आवाज भी उठाई थी.
कौन थी देश की पहली महिला पायलट?
सरला ठकराल भारत की पहली महिला पायलट थी. साल 1936 में महज 21 साल की उम्र में उन्होंने पायलट लाइसेंस हासिल किया और अकेले विमान उड़ाया. उसे दौर में एविएशन को सिर्फ पुरुषों का पेशा माना जाता था, लेकिन सरला ने यह सोच बदली थी. उन्होंने लाहौर फ्लाइंग क्लब से ट्रेनिंग ली और करीब 1000 घंटे की उड़ान पूरी की. वहीं सरला ठकराल के पति के निधन के बाद दूसरे विश्व युद्ध के कारण उनका कमर्शियल पायलट बनने का सपना अधूरा रह गया. लेकिन उन्होंने कला के क्षेत्र में नई पहचान बनाई थी.
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Source: IOCL



























