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कितने घंटे काम करते हैं एस्ट्रोनॉट्स? इनकी बराबरी के लिए बोल दिया जाए तो कई लोग ऑफिस जाना छोड़ देंगे

Astronauts Work: जो वैज्ञानिक स्पेस में जाते हैं? उन्हें वहां कितना देर काम करना होता है? उनकी दिनचर्या क्या होती है? आज की स्टोरी में हम इसके बारे में जानेंगे.

Astronauts Work: वैज्ञानिक कितने देर काम करते हैं? क्या उनका शेड्यूल होता है? और उन्हें कितनी सैलरी मिलती है? ये तो आप जानते होंगे. क्या कभी आपने यह सोचा है कि जो वैज्ञानिक स्पेस में जाते हैं, जिन्हें एस्ट्रोनॉट्स कहा जाता है. उनका काम करने का क्या नियम होता है? हॉलिवुड की फिल्मों में अंतरिक्ष में जाते वैज्ञानिक की कहानी तो आपने बहुत सी देखी होगी, लेकिन क्या आपने कभी उनके काम करने के तरीकों पर गौर किया है. एक एस्ट्रोनॉट्स जितना देर काम करता है, अगर उतना देर आम कर्मचारी को बोल दिया जाए तो कई लोग तो ऑफिस जाना छोड़ देंगे. चलिए जानते हैं कि आखिरी कितना देर एस्ट्रोनॉट्स काम करते हैं कि हम ऐसा बोल रहे हैं. 

कितने घंटे काम करते हैं एस्ट्रोनॉट्स? 

एक अंतरिक्ष यात्री का वर्किंग आवर कितना होता है, इसे समझने के लिए नासा ने एक रिपोर्ट पब्लिश की है. उसके मुताबिक, लगभग सुबह 6 बजे से रात 9:30 बजे तक वह काम करते हैं. इस दौरान मांसपेशियों की टोन और फिटनेस बनाए रखने के लिए तीन भोजन और 2.5 घंटे का शारीरिक व्यायाम शामिल है. हालांकि शटल मिशन अंतरिक्ष स्टेशन अभियानों से छोटे होते हैं, नासा के अंतरिक्ष यात्री कई दिनों तक शटल पर रहते हैं और काम करते हैं. स्पेस शटल ऐसे उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाता है जो इंफॉर्मेशन भेज कर सकते हैं या ब्रह्मांड को देखने की क्षमता रखते हैं. बेशक, किसी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में छोड़ने से पहले चालक दल के सदस्य सभी सिस्टम की सावधानीपूर्वक जांच करते हैं.

मुश्किल होता है एक्टिविटी को फिट करना

अंतरिक्ष शटल और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की परिक्रमा करते समय कई कार्य करते हैं. स्पेस शटल एक वर्सेटाइल व्हीकल है जो साइंस के प्रयोग करने और सैटेलाइट को समझने तथा उससे जानकारी इकठ्ठा करने का काम करते हैं. हालांकि, स्पेस शटल को एक समय में केवल लगभग ढाई सप्ताह तक अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए डिज़ाइन किया गया था. अंतरिक्ष यात्री ऑनबोर्ड शॉर्ट-टर्म प्लान (ओएसटीपी) का उपयोग करते हैं. यह आईएसएस पर दैनिक कार्यक्रम का एक ग्राफ होता है. यह एक समयरेखा बनाता है जो दिखाता है कि अंतरिक्ष स्टेशन पर किसी भी समय क्या हो रहा है और कौन शामिल है. अंतरिक्ष यात्रियों की सभी एक्टिविटी को ग्राफ़ में फिट करना हमेशा आसान नहीं होता है. उसके लिए उन्हें कई बार कमांड दिया जाता है.

ये भी पढ़ें: एस्ट्रोनॉट्स क्यों पहनते हैं डायपर? जानिये अंतरिक्ष में उनके खाने का डाइट

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