एक्सप्लोरर

Mountain Age: कैसे तय होती है पहाड़ों की उम्र, जानें किस पहाड़ को कहा जाता है सबसे युवा पहाड़?

Mountain Age: किसी पहाड़ की उम्र का पता लगाना आसान नहीं होता. आइए जानते हैं कि वैज्ञानिक कैसे पता लगाते हैं किसी पहाड़ की उम्र और किस पहाड़ को सबसे युवा पहाड़ कहा जाता है?

Mountain Age:  पहाड़ भले ही हमेशा रहने वाले और न बदलने वाले लगें लेकिन जियोलॉजिस्ट के मुताबिक हर चोटी की एक उम्र होती है. किसी पहाड़ की उम्र का पता लगाना पृथ्वी विज्ञान की सबसे दिलचस्प चुनौतियों में से एक है. आपको बता दें इसके लिए एडवांस्ड साइंटिफिक तकनीक और लाखों साल पहले शुरू हुई ग्रह प्रक्रियाओं की समझ की काफी जरूरत होती है. आइए जानते हैं कि कैसे किसी पहाड़ की उम्र का पता लगाया जाता है और सबसे युवा पहाड़ कौन सा है.

कैसे पता लगाते हैं पहाड़ों की उम्र?

किसी पहाड़ की उम्र समझना उतना आसान नहीं है जितना कि उसकी चट्टानों की उम्र को मापना. चट्टानें अरबों साल पुरानी हो सकती हैं लेकिन पहाड़ खुद बहुत छोटा हो सकता है. इस वजह से जियोलॉजिस्ट यह अनुमान लगाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं कि एक पर्वत श्रृंखला कब बनी थी.

चट्टानों की डेटिंग से मिलती है मदद 

सबसे जरूरी उपकरण में से एक है रेडियो मैट्रिक डेटिंग. यह चट्टान के अंदर रेडियोएक्टिव तत्वों के क्षय को मापता है. आइसोटोप और उसके टूटने वाले उत्पादों को समझकर वैज्ञानिक यह पता लगते हैं की चट्टान कब बनी थी. हालांकि सीधे तौर पर यह पहाड़ की उम्र नहीं बताता लेकिन यह उस सामग्री की उम्र बताता है जिससे पहाड़ बना था.

कटाव की दरें बताती हैं कि पहाड़ कितने समय से हैं?

पहाड़ लगातार बारिश, हवा, बर्फ और नदी से घिसते रहते हैं. कटाव की दरों की जांच करके जियोलॉजिस्ट इस बात का अनुमान लगाते हैं कि पहाड़ अपनी मौजूदा ऊंचाई पर कितने समय से खुला हुआ है. मौजूदा ऊंचाई की तुलना अनुमानित उभार से करने पर उसकी उम्र के बारे में कुछ सुराग मिलते हैं. नए और युवा पहाड़ नुकीले, ऊंचे और ऊबड़-खाबड़ दिखाते हैं जबकि पुराने पहाड़ लाखों सालों के कटाव की वजह से गोल और छोटे हो जाते हैं.

टेक्टोनिक प्लेट गतिविधि से मिलती है मदद 

ज्यादातर पहाड़ टेक्टोनिक प्लेट के टकराव, उत्थान और पृथ्वी की पपड़ी के मुड़ने की वजह से बनते हैं. प्लेटों की गति के इतिहास और टकराव की समय सीमा को समझ कर वैज्ञानिक यह पता लगा सकते हैं कि एक पर्वत श्रृंखला कब बननी शुरू हुई थी.

सबसे युवा पर्वत श्रृंखला कौन-सी?

भूवैज्ञानिक रूप से कहें तो हिमालय को पृथ्वी की सबसे युवा पर्वत श्रृंखला में से एक माना जाता है. इनका निर्माण लगभग 50 से 55 मिलियन साल पहले शुरू हुआ था. ऐसा तब हुआ था जब भारतीय टेक्टोनिक प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकराई थी. यह टक्कर खत्म नहीं हुई और आज भी हो रही है.

ये भी पढ़ें: S-400 से कितना ज्यादा पावरफुल है S-500, इससे कितना बेहतरीन हो जाएगा भारत का एयर डिफेंस?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

US Spend on Iran War: इतने में 40 लाख लोग 10 साल बैठकर खाएंगे, जानें ईरान वॉर में कितना पैसा खर्च कर चुका अमेरिका?
इतने में 40 लाख लोग 10 साल बैठकर खाएंगे, जानें ईरान वॉर में कितना पैसा खर्च कर चुका अमेरिका?
अब प्लास्टिक वेस्ट से बनेगा क्लीन फ्यूल, जानें सूरज की रोशनी से कैसे होगा यह काम?
अब प्लास्टिक वेस्ट से बनेगा क्लीन फ्यूल, जानें सूरज की रोशनी से कैसे होगा यह काम?
दिल्ली बनी 'तंदूर', दुबई से भी ज्यादा गर्मी का अहसास; जानें क्यों खाड़ी देशों से ज्यादा तप रही राजधानी?
दिल्ली बनी 'तंदूर', दुबई से भी ज्यादा गर्मी का अहसास; जानें क्यों खाड़ी देशों से ज्यादा तप रही राजधानी?
BJP Record: बीजेपी ने कब-कब दी तीन बार से ज्यादा के सीएम को मात? जानें देश की सबसे बड़ी पार्टी का रिकॉर्ड
बीजेपी ने कब-कब दी तीन बार से ज्यादा के सीएम को मात? जानें देश की सबसे बड़ी पार्टी का रिकॉर्ड

वीडियोज

Bengal Exit Poll: बंगाल में बड़ा उलटफेर! Mamata Banerjee की विदाई, BJP की चढ़ाई? | TMC
Mira Road Horror: मुंबई दहलाने की बड़ी साजिश! मीरा रोड कांड के पीछे ISIS का 'Lone Wolf' Plan!
West Bengal Exit Poll 2026: Bengal Exit Poll में BJP के आंकड़ों ने चौंकाया | Assam | Mamata | TMC
अभिषेक मल्हान के लिए क्यों इंफ्लुएंसर पारुल सिंह ने बोला ‘Angry Young Man?’
Sansani: हिजबुल्लाह के सीक्रेट ठिकानों की अनदेखी पिक्चर ! | Crime News | America

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
UP Politics: बृजभूषण शरण सिंह सपा में होंगे शामिल? अखिलेश यादव बोले- अगर मैं सच कहूं तो...
UP Politics: बृजभूषण शरण सिंह सपा में होंगे शामिल? अखिलेश यादव बोले- अगर मैं सच कहूं तो...
बंगाल में 2021 की तरह एग्जिट पोल्स फेल हुए तो बीजेपी की कितनी बड़ी हार? लाइन से नपेंगे यह नेता, 2027 के चुनावों पर भी असर
बंगाल में 2021 की तरह एग्जिट पोल्स फेल हुए तो बीजेपी की कितनी बड़ी हार? 2027 चुनावों पर भी असर
IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम, RCB दूसरे नंबर पर, चेन्नई टॉप-5 में भी नही
IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम, RCB दूसरे नंबर पर, चेन्नई टॉप-5 में भी नही
'7 वैनिटी वैन और 100 किलो बर्फ..' रणवीर सिंह की इन शर्तों की वजह से डॉन 3 हुई डिब्बा बंद!
'7 वैनिटी वैन और 100 किलो बर्फ..' रणवीर सिंह की इन शर्तों की वजह से डॉन 3 हुई डिब्बा बंद!
Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
Exit Polls: कैसे होता है एग्जिट पोल और इसे कराने में कितना आता है खर्च? एक क्लिक में जानिए सबकुछ
कैसे होता है एग्जिट पोल और इसे कराने में कितना आता है खर्च? एक क्लिक में जानिए सबकुछ
eSIM से भर गया मन, फिजिकल सिम छोड़ने को तैयार नहीं हैं लोग, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
eSIM से भर गया मन, फिजिकल सिम छोड़ने को तैयार नहीं हैं लोग, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
Embed widget