Ship Speed: कितनी स्पीड से चलता है एक समुद्री जहाज, जानें इसमें किस ईंधन का किया जाता है इस्तेमाल
Ship Speed: दुनिया में लगभग 90% सामान को समुद्र के बाहर ले जाने के लिए जहाजों का इस्तेमाल किया जाता है. आइए जानते हैं इनकी रफ्तार कितनी होती है.

Ship Speed: जहाज ग्लोबल ट्रेड की रीढ़ है जो दुनिया के लगभग 90% सामान को समुद्र के पार ले जाते हैं. बड़े कार्गो जहाज से लेकर लग्जरी क्रूज लाइनर्स और शक्तिशाली नौसैनिक जहाज तक सभी की स्पीड और इंजन का इस्तेमाल अलग-अलग होता है. आइए जानते हैं कि जहाज की कितनी स्पीड होती है.
जहाज की गति कैसे मापी जाती है
जहाज की गति को नॉट में मापा जाता है. यह एक यूनिट होती है जिसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से समुद्री नेविगेशन में किया जाता है. एक नॉट 1.852 किमी प्रति घंटा के बराबर होता है. यह माप रेगुलर जमीन के किलोमीटर के बजाय नॉटिकल मील पर आधारित है.
कार्गो जहाज की गति
कार्गो जहाज और कंटेनर जहाज 18 से 24 नॉट की औसत गति से चलते हैं. यह लगभग 33 से 44 किलोमीटर प्रति घंटा के बराबर है. हालांकि हाल के सालों में शिपिंग कंपनियों ने इस स्लो स्टीमिंग नाम की एक प्रेक्टिस को अपनाया है. थोड़ी कम गति से चलने से जहाज ईंधन बचाते हैं, लागत कम करते हैं और कार्बन उत्सर्जन को काफी कम करते हैं.
अलग-अलग तरह के जहाजों की गति
सभी जहाज एक ही रफ्तार से नहीं चलते हैं. बल्क कैरियर और तेल टैंकर आमतौर पर लगभग 12 से 17 नॉट्स की धीमी गति से चलते हैं. क्रूज जहाज आमतौर पर 20 से 25 नॉट की गति से चलते हैं. इसी के साथ कुछ आधुनिक लाइनर्स 30 नॉट तक की गति तक पहुंच सकते हैं. नौसैनिक जहाज जैसे डिस्ट्रॉयर और एयरक्राफ्ट कैरियर, समुद्र में सबसे तेज होते हैं. यह जहाज 30 से 35 नॉट से ज्यादा की गति तक पहुंच सकते हैं.
ज्यादातर जहाज किस ईंधन का इस्तेमाल करते हैं
ज्यादातर जहाज हैवी फ्यूल ऑयल पर चलते हैं. इसे बंकर फ्यूल भी कहा जाता है. यह कच्चा तेल रिफायनिंग के बाद बचा हुआ एक गाढ़ा तेल है और यह काफी ज्यादा सस्ता है. हालांकि हैवी फ्यूल ऑयल काफी ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाला है.
आधुनिक जहाज में इस्तेमाल होने वाला साफ ईंधन
आईएमओ 2030 और ईयू उत्सर्जन ट्रेडिंग सिस्टम जैसे सख्त ग्लोबल प्रदूषण मानडंडों का पालन करने के लिए कई जहाज साफ विकल्प की तरफ बढ़ रहे हैं. मरीन डीजल तेल एक हल्का और साफ ईंधन है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर सेंसिटिव एमिशन कंट्रोल एरिया में किया जाता है. इसी के साथ लिक्विफाइड नेचुरल गैस पारंपरिक ईंधन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को लगभग 20% तक कम करती है. नए जहाज मेथेनॉल, अमोनिया और यहां तक की हाइड्रोजन के साथ भी प्रयोग कर रहे हैं.
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Source: IOCL
























