'तनु वेड्स मनु' से 'सिमरन' तक, 7 फिल्में जिनमें हीरोइन नहीं थी बेचारी या अबला नारी
आज हम आपके लिए बॉलीवुड की कुछ ऐसी फिल्मों की लिस्ट लेकर आए हैं, जिनमें महिलाओं के किरदार मजबूत और अपने दम पर हैं. आइए देखते हैं लिस्ट में कौन कौन सी फिल्मे शामिल हैं.

बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिन्होंने बड़े पर्दे पर महिलाओं की सोच और ताकत को नए अंदाज में दिखाया. इन कहानियों में हीरोइन सिर्फ किसी की प्रेमिका या पत्नी बनकर नहीं रही, बल्कि अपनी पहचान, अपने फैसले और अपनी शर्तों पर जीती नजर आई.
'तनु वेड्स मनु' से लेकर 'सिमरन' तक, बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनीं जहां महिला किरदार न तो बेचारी थी और न ही अबला नारी, बल्कि पूरी कहानी उसी के इर्द-गिर्द घूमती है. वूमेंस डे आने वाला है और खास मौके पर हम आपको उन 7 फिल्मों के बारे में बतानें जा रहे हैं, जिन्होंने महिलाओं की मजबूत और आत्मनिर्भर छवि को सामने रखा.
तनु वेड्स मनु
इस फिल्म में कंगना के बिंदास और बेबाक अंदाज को तो शायद ही कभी दर्शक भूल पाएं. मनमानी करने वाली तनु को हो जाता है शांत स्वभाव के मनु से प्यार और कई ट्विस्ट और टर्न से गुज़रती फिल्म सीधे दर्शकों के दिल तक जा पहुंचती है. फिल्म के लिए भले ही कंगना को कोई अवॉर्ड ना मिला हो लेकिन दर्शकों का प्यार किसी अवार्ड से कम है क्या.
थप्पड़
यह फिल्म साल 2020 में रिलीज हुई थी. इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक पति अपनी पत्नी को भरे समाज में एक थप्पड़ मार देता है. एक थप्पड़ को नॉर्मल मानने वाले इस समाज में वो किस तरह से लड़ती है और तलाक लेने का फैसला करती है. इस फिल्म को भी लोगों ने बहुत पसंद किया था.
गंगुबाई काठियावाड़ी
‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ एक बायोपिक और अपराध ड्रामा फिल्म है, जिसे संजय लीला भंसाली ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में आलिया भट्ट ने मुख्य भूमिका निभाई है. कहानी गंगूबाई की है, जो कमाठीपुरा की वेश्या से माफिया क्वीन और समाज सेविका बनती है. फिल्म दिखाती है कि कैसे उसने अपने संघर्ष और हिम्मत से अपने जीवन की दिशा बदली और समाज में अपनी पहचान बनाई.
क्वीन
'क्वीन' 2013 में आई एक फिल्म है, जिसे विकास बहल ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में कंगना रनौत ने रानी नाम की एक सीधी-सादी दिल्ली की लड़की का रोल निभाया है. कहानी में रानी की शादी टूट जाती है, लेकिन वो दुख में बैठने के बजाय अकेले ही अपने हनीमून पर जाने का फैसला करती है. वो पेरिस और एम्स्टर्डम घूमने जाती है. इस दौरान उसे नए अनुभव होते हैं और धीरे-धीरे वो खुद को समझने लगती है. यही ट्रिप उसकी जिंदगी बदल देती है. जो लड़की पहले शर्मीली और डरी-सहमी थी, वही बाद में आत्मविश्वास से भरी और अपनी शर्तों पर जीने वाली बन जाती है.
पंगा
साल 2020 मे रिलीज हुई फिल्म 'पंगा' एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जिसमें कंगना रनौत ने जया नाम की पूर्व कबड्डी खिलाड़ी का रोल किया है. शादी और मां बनने के बाद वो खेल छोड़ देती है, लेकिन 30 की उम्र में दोबारा अपने सपने को जीने का फैसला करती है. परिवार के साथ से वो फिर से कबड्डी में वापसी करती है' फिल्म हिम्मत और सपनों की कहानी है.
सिमरन
'सिमरन' एक ड्रामा फिल्म है, जिसे हंसल मेहता ने डायरेक्ट किया है' इसमें कंगना रनौत ने प्रफुल्ल नाम की लड़की का रोल निभाया है, जो अमेरिका में रहती है' प्रफुल्ल अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीना चाहती है, लेकिन गलत फैसलों की वजह से मुसीबतों में फंस जाती है' फिल्म उसकी आजादी, गलतियों और उनसे सीखने की कहानी है' इसमें दिखाया गया है कि एक लड़की भी अपनी शर्तों पर जिंदगी जी सकती है, चाहे रास्ता आसान न हो.
पिंक
'पिंक' एक कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है, जिसे अनिरुद्ध रॉय चौधरी ने डायरेक्ट किया था' फिल्म में अमिताभ बच्चन, तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हारी और एंड्रिया तारियांग नजर आए थे. कहानी तीन लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक घटना के बाद कानूनी लड़ाई में फंस जाती हैं. फिल्म में सबसे अहम बात ये दिखाई गई है कि अगर कोई लड़की 'ना' कहे, तो उसका मतलब साफ 'ना' ही होता है.
Source: IOCL


























