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2080 तक कैसी होगी अमेरिका की तस्वीर? रिपोर्ट में डराने वाला खुलासा

वैज्ञानिक शोध के अनुसार 2080 तक ग्लोबल वार्मिंग और भीषण सूखे के कारण अमेरिका के 10 बड़े शहर पूरी तरह रेगिस्तान बन जाएंगे. आइए उन शहरों के नाम जानते हैं.

वैश्विक स्तर पर गहराते पर्यावरण संकट और बेकाबू होते तापमान ने पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. वैज्ञानिकों के नए रिसर्च ने सबसे ताकतवर देश अमेरिका के भविष्य को लेकर चिंताजनक संकेत दिए है. जिस रफ्तार से धरती का संतुलन बिगड़ रहा है, उससे आने वाले पांच दशकों के अंदर अमेरिका के कई बड़े और बसे बसाए इलाके पूरी तरह से रेगिस्तान में तब्दील हो सकते हैं. सैटेलाइट आंकड़ों पर आधारित यह नई वैज्ञानिक रिपोर्ट बताती है कि अगर पर्यावरण के विनाश की यही रफ्तार रही तो आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने देश को पहचानना मुश्किल हो जाएगा.

अमेरिका को लेकर वैज्ञानिकों ने क्या दी चेतावनी?

आधुनिकता की दौड़ में लगातार बढ़ रहे कार्बन उत्सर्जन और अनियंत्रित औद्योगिक विकास ने धरती के मौसम चक्र को पूरी तरह से बिगाड़कर रख दिया है. दुनियाभर के विशेषज्ञ बार-बार सचेत कर रहे हैं कि मानवीय गतिविधियों में कोई बड़ा सुधार नहीं दिख रहा है. हाल ही में अंतरराष्ट्रीय रिसर्च पत्रिका पीयर जे में छपे एक अध्ययन ने भविष्य का जो खाका खींचा है, वह सच में बहुत डरावना है. इस रिपोर्ट में अगले 50 से 55 साल के दौरान अमेरिका की भौगोलिक स्थिति में होने वाले विनाशकारी बदलावों का सटीक आकलन किया गया है, जो सीधे तौर पर इंसानी अस्तित्व को प्रभावित करेगा.

पश्चिम और दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र पर मंडराता खतरा

ओपन अर्थ मॉनिटर साइबरइन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के अंतर्गत किए गए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने अमेरिका के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी राज्यों की स्थिति पर खास ध्यान आकर्षित किया है. रिपोर्ट बताती है कि इन क्षेत्रों में भीषण सूखे की प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो चुकी है, जो कि अब तेजी से बढ़ती जा रही है. अनुमान जताया गया है कि साल 2080 तक इन इलाकों के कम से कम 10 प्रमुख शहर पूरी तरह से बंजर और रेगिस्तान में तब्दील हो जाएंगे. प्राकृतिक जल संसाधन सूखने और तापमान में भारी वृद्धि के चलते यहां का जनजीवन कठिन होने वाला है.

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आज के बच्चे भविष्य में नहीं पहचान पाएंगे अपना देश

वैज्ञानिकों ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अति-आधुनिक सैटेलाइट तस्वीरों और कंप्यूटर आधारित मशीन लर्निंग मॉडल की मदद ली है. इसके जरिए अमेरिका की प्राकृतिक हरियाली, वनों औप वनस्पति क्षेत्रों में आने वाले बदलावों का बहुत बारीकी से अध्ययन किया है. इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आज के जो छोटे बच्चे हैं, जब वे अपनी वृद्धावस्था में पहुंचेंगे तब तक अमेरिका का नक्शा पूरी तरह से बदल चुका होगा. कई हरे-भरे और विकसित शहर उस वक्त सिर्फ रेत का मैदान बनकर रह जाएंगे, जिसे पहचानना मुश्किल होगा.

मध्य अमेरिका में खत्म हो जाएंगे हरे घास के मैदान

बदलाव की यह काली छाया सिर्फ पश्चिमी राज्यों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मध्य अमेरिका के इलाके भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. इस समय जो मध्य अमेरिका में फैले हुए हरे-भरे घास के मैदान और रंग-बिरंगे जंगली फूलों की खूबसूरत वादियां नजर आती हैं, वो समय के साथ पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगी. बहुत ज्यादा गर्मी और बारिश की कमी के कारण यह उपजाऊ जमीन सूखी रह जाएगी. आने वाले साल में इन इलाकों में सिर्फ सूखी कंटीली झाड़ियां ही नजर आएंगी, जिससे कि खेती और पशुपालक जैसे पारंपरिक काम पूरी तरह से चौपट हो जाएंगे.


2080 तक कैसी होगी अमेरिका की तस्वीर? रिपोर्ट में डराने वाला खुलासा

कौन से 10 शहर रेगिस्तान में हो सकते हैं तब्दील?

इस रिसर्च रिपोर्ट में उन 10 शहरों के नामों की लिस्ट भी शेयर की गई है, जो कि निकट भविष्य में रेगिस्तान बनने की सीधी कगार पर खड़े हुए हैं. इस लिस्ट में चार लाख से ज्यादा की आबादी वाला कैलिफोर्निया का बेकर्सफील्ड शहर सबसे ऊपर है. इसके अलावा नेवादा का रेनो और कैलिफोर्निया का लैन्कैस्टर भी भारी संकट में है. अन्य प्रभावित होने वाले शहरों में पुएब्लो, स्पार्क्स, रियो रैंचो, कैनेविक, पास्को, ग्रैंड जंक्शन और रिचलैंड शामिल हैं. इन सभी शहरों में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से खत्म हो रहा है और सूखे के लक्षण साफ दिखने लगे हैं.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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