नेशनल हाईवे किनारे कितनी दूरी पर बना सकते हैं घर, क्या हैं इसके नियम?
क्या आप भी हाईवे किनारे जमीन खरीदकर घर या दुकान बनाने की सोच रहे हैं? तो सावधान, NHAI के इस बेहद सख्त दूरी नियम को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, जानें नया कानून

भारत में एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे का जाल बहुत तेजी से बिछ रहा है. अक्सर व्यापारिक लाभ या बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नेशनल हाईवे के किनारे जमीन खरीदकर घर, दुकान या होटल बनाने का प्लान करते हैं. मुख्य रोड़ पर प्रॉपर्टी होना मुनाफे का सौदा माना जाता है, लेकिन अगर आपने नियमों का उल्लघंन कर हाईवे के बिल्कुल पास निर्माण कार्य शुरू कर दिया, तो सरकार उसे किसी भी वक्त अवैध घोषित कर ढहा सकती है.
NHAI और सड़क परिवहन मंत्रालय ने सुरक्षा, प्रदुषण नियंत्रण और भविष्य में होने वाले सड़क चौड़ीकरण को ध्यान में रखते हुए हाईवे के किनारे निर्माण कार्य के लिए बेहद सख्त सीमाएं तय की हैं. अगर आप भी हाईवे के किनारे मकान बनाने जा रहे हैं, तो कानूनी पचड़ों और बड़े आर्थिक नुकसान से बचने के लिए इन जरूरी दूरी और नियमों को अच्छी तरह समझ लें.
40 मीटर का दायरा है नो कंस्ट्रक्शन जोन
2002 के तहत नेशनल हाईवे के किनारे निर्माण कार्य से जुड़े कड़े नियम तय किए गए हैं. हाईवे के केंद्र (Centerline) से स्थान और हाईवे के प्रकार के आधार पर एक निश्चित दूरी (आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में 40 मीटर तक) 'बिल्डिंग लाइन' (Building Line) यानी नो-कंस्ट्रक्शन जोन घोषित की जाती है. इस तय दायरे के भीतर कोई भी स्थायी या पक्का निर्माण करना गैरकानूनी है, और बिना अनुमति किए गए किसी भी अवैध निर्माण को प्रशासन बिना किसी मुआवजे के हटा सकता है.
40 से 75 मीटर के दायरे के नियम
हाईवे के केंद्र से 40 से 75 मीटर की दूरी 'कंट्रोल लाइन' (Control Line) के तहत आती है. अगर आपकी निजी जमीन इस दायरे में है और आप वहां कोई कमर्शियल निर्माण, पेट्रोल पंप या हाईवे से सीधे रास्ते (Access Road) से जुड़ा कोई प्रोजेक्ट बनाना चाहते हैं, तो NHAI और स्थानीय प्रशासन से अनुमति/NOC लेना अनिवार्य होता है. इसके बिना स्थानीय निकाय आपके निर्माण योजना या नक्शे को मंजूरी नहीं देते हैं.
ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए फीट में वास्तविक मानक
क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और दुर्घटनाओं की आशंका के हिसाब से नेशनल हाईवे (NH) के किनारे निर्माण के नियम तय किए गए हैं. नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, यदि हाईवे किसी खुले ग्रामीण या कृषि क्षेत्र से गुजर रहा है, तो सड़क की मध्य रेखा से कम से कम 40 मीटर यानी लगभग 131 फीट की दूरी छोड़कर ही कोई पक्का निर्माण (बिल्डिंग लाइन) किया जा सकता है. इसके अलावा, 40 से 75 मीटर यानी लगभग 131 से 246 फीट के दायरे में किसी भी कमर्शियल प्रोजेक्ट या दुकान आदि के लिए NHAI से NOC लेना अनिवार्य होता है.
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वहीं, अगर नेशनल हाईवे किसी घने शहरी या नगर निगम की सीमा से होकर गुजरता है, तो यह प्रतिबंधात्मक दूरी थोड़ी घट जाती है. शहरी क्षेत्रों में सड़क की मध्य रेखा से न्यूनतम 30 मीटर यानी लगभग 98 फीट का दायरा 'नो-कंस्ट्रक्शन जोन' होता है, जबकि 30 से 50 मीटर यानी लगभग 98 से 164 फीट के दायरे में किसी भी व्यावसायिक निर्माण के लिए औपचारिक एनओसी (NOC) और स्थानीय निकाय से नक्शा पास करवाना अनिवार्य होता है.
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