दुनिया के किस देश में होती हैं सबसे ज्यादा छुट्टियां, भारत का कौन सा नंबर?
दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां पर सरकारी छुट्टियां खूब होती हैं. इस लिस्ट में भारत, नेपाल समेत कई देशों के नाम शामिल हैं. जबकि वियतनाम में सबसे कम 6 छुट्टियां मिलती हैं.

दुनिया के तमाम देशों में काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों के लिए सार्वजनिक छुट्टियां बेहद मायने रखती हैं. हर देश में छुट्टियों की संख्या वहां के राष्ट्रीय इतिहास, सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर तय की जाती है. जहां कुछ देश अपने नागरिकों को साल में ढेरों छुट्टियों का तोहफा देते हैं, वहीं कई देशों में छुट्टियों का दायरा बहुत सीमित रखा जाता है. वैश्विक स्तर पर हुए एक नए अध्ययन से यह साफ हुआ है कि सबसे ज्यादा सरकारी अवकाश देने के मामले में भारत दुनिया में पहले पायदान पर है. आइए जानते हैं कि दुनिया भर में छुट्टियों की यह सूची कैसे तैयार होती है और किस देश का कौन सा स्थान है.
छुट्टियों की सूची में भारत का पहला स्थान
दुनिया भर के देशों में मिलने वाली सरकारी छुट्टियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत इस सूची में सबसे शीर्ष पर नजर आता है. भारत में राष्ट्रीय पर्वों, राजपत्रित यानी गजटेड छुट्टियों, वैकल्पिक अवकाशों और विभिन्न धार्मिक तथा क्षेत्रीय पर्वों को मिला दिया जाए तो साल भर में कुल छुट्टियों का आंकड़ा 42 तक पहुंच जाता है. इतनी बड़ी संख्या में अवकाश भारत की अनूठी सांस्कृतिक विविधता, बहुधार्मिक ताने-बाने और अनेकता में एकता की अनूठी पहचान को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं.
पड़ोसी देश नेपाल दूसरे स्थान पर
भारत के पड़ोसी मुल्क नेपाल का नाम इस सूची में दूसरे स्थान पर आता है, जहां नागरिकों को एक साल में करीब 35 सार्वजनिक छुट्टियां मिलती हैं. नेपाल के वार्षिक कैलेंडर में भी हिंदू और बौद्ध धर्म से जुड़े त्योहारों का बहुत बड़ा योगदान है. यहां दशैं और तिहार जैसे प्रमुख सांस्कृतिक पर्वों के दौरान लगातार कई दिनों तक अवकाश रहता है. नेपाल सरकार अपने सांस्कृतिक रीति-रिवाजों और लोक-परंपराओं को सहेजने के मकसद से इन लंबी छुट्टियों का प्रावधान अपने नागरिकों के लिए रखती है.
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ईरान और म्यांमार की छुट्टियों का गणित
वैश्विक आंकड़ों में तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से दो देशों का नाम दर्ज है, जिनमें ईरान और म्यांमार शामिल हैं. इन दोनों ही देशों में साल भर में 26-26 सरकारी छुट्टियां दी जाती हैं. ईरान में मिलने वाले अधिकांश अवकाश इस्लामिक कैलेंडर और वहां के पारंपरिक नए साल नवरोज के बड़े आयोजनों पर आधारित होते हैं. वहीं दूसरी तरफ, म्यांमार में छुट्टियों का एक बड़ा हिस्सा बौद्ध धर्म के धार्मिक उत्सवों और थिग्यांन यानी उनके पारंपरिक नव वर्ष जल महोत्सव से जुड़ा हुआ होता है.
श्रीलंका में धार्मिक और नागरिक अवकाश
सूची में पांचवें स्थान पर दक्षिण एशियाई देश श्रीलंका है, जहां हर साल 25 आधिकारिक छुट्टियां घोषित की जाती हैं. श्रीलंका की छुट्टी प्रणाली में बौद्ध, हिंदू, इस्लाम और ईसाई धर्म के प्रमुख पर्वों का सुंदर संतुलन दिखाई देता है. यहां वैशाख पोया के साथ-साथ दीपावली, ईद-उल-फितर और क्रिसमस जैसे बड़े मौकों पर पूरे देश में सरकारी अवकाश रहता है. इसके अतिरिक्त देश के कई राष्ट्रीय और नागरिक महत्व के दिवसों को भी सार्वजनिक अवकाश के रूप में शामिल किया जाता है.
किन देशों में मिलती हैं सबसे कम छुट्टियां?
अधिक छुट्टियों वाले देशों के ठीक विपरीत दुनिया में कई ऐसे विकसित और विकासशील देश भी हैं जहां छुट्टियां नाममात्र की होती हैं. उदाहरण के तौर पर ब्रिटेन में साल भर में महज 10 सार्वजनिक छुट्टियां मिलती हैं. नीदरलैंड और सर्बिया जैसे यूरोपीय देशों में यह आंकड़ा घटकर केवल 9 रह जाता है. वहीं मेक्सिको में एक साल में सिर्फ 8 छुट्टियां दी जाती हैं, जबकि वियतनाम दुनिया में सबसे कम यानी केवल 6 सरकारी अवकाशों के साथ इस सूची के सबसे निचले पायदान पर है.
भारत में क्यों होती हैं इतनी अधिक छुट्टियां?
भारत में छुट्टियों की संख्या अत्यधिक होने की मुख्य वजह यहां का विशाल संघीय ढांचा और बहुधार्मिक सामाजिक संरचना है. भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन धर्मों के सभी मुख्य पर्वों पर छुट्टियां दी जाती हैं. केंद्र सरकार की ओर से करीब 17 राजपत्रित छुट्टियां तय होती हैं, लेकिन जब अलग-अलग राज्य सरकारें अपनी क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और स्थानीय महापुरुषों की जयंतियों के आधार पर अलग अवकाश घोषित करती हैं, तो कुल संख्या 42 के पार पहुंच जाती है.

वैश्विक स्तर पर न्यू ईयर और राष्ट्रीय दिवस
दुनिया भर की छुट्टियों के रुझान को देखें तो 1 जनवरी यानी न्यू ईयर डे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा मनाई जाने वाली छुट्टी है, जिसे दुनिया के कम से कम 169 देशों में आधिकारिक अवकाश का दर्जा प्राप्त है. इसके साथ ही, दुनिया के 187 देश अपने स्वतंत्रता दिवस या राष्ट्रीय दिवस पर अनिवार्य रूप से सरकारी छुट्टी घोषित करते हैं. जहां अधिक छुट्टियां कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन के संतुलन के लिए अच्छी मानी जाती हैं, वहीं भारत में यह व्यावसायिक उत्पादकता के लिहाज से एक बड़ी चुनौती भी पेश करती हैं.
दुनिया के 52 देशों में सर्वधर्म सम्भाव का मॉडल
दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहां किसी एक मुख्य धर्म का प्रभाव होने के बावजूद अन्य धर्मों के त्योहारों को सम्मान दिया जाता है. वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 52 देशों में क्रिसमस और ईद दोनों ही मौकों पर आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश रखा जाता है. इस बहुधार्मिक अवकाश प्रणाली को अपनाने वाले 52 में से आधे से ज्यादा यानी करीब 30 देश अकेले अफ्रीकी महाद्वीप में स्थित हैं, जो समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक तालमेल को बढ़ावा देने का बेहतरीन काम करते हैं.
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