भारत के इस राज्य में फॉलो होता है अजीब रिवाज, यहां डंडे से पतियों की पिटाई करती हैं महिलाएं
मध्य प्रदेश के देवास में गणगौर पर्व के दौरान एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जहां महिलाएं माता का आशीर्वाद पाने के लिए अपने पतियों को लाठी-डंडों से पीटती हैं.

आप लोगों को सुनकर हैरानी होगी कि हमारे देश में एक ऐसी भी प्रथा है, जिसमें महिलाएं मर्दों को लाठी-डंडों से पीटती हैं. यह परंपरा मध्य प्रदेश राज्य के देवास नामक जगह पर बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है, जिसमें महिलाएं देवी माता की पूजा के बाद अपने पतियों की जमकर पिटाई करती हैं. इसमें स्थानीय लोगों की गहरी आस्था है. इस परंपरा को स्थानीय आदिवासी महिलाओं द्वारा माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है.
पत्नियां मारती है पतियों को डंडे
मध्य प्रदेश में पत्नियों द्वारा पतियों को पीटने वाली यह प्रथा गणगौर पर्व के दौरान देखी जाती है, जिसमें देवास जिले के बागली इलाके के आदिवासी समाज की महिलाएं अपने परिवार की सुख-शांति, खुशहाल वैवाहिक जीवन और अपने पतियों की लंबी आयु और तरक्की के लिए व्रत रखती हैं और गणगौर माता की पूजा करती हैं. इसमें गुड़ तोड़ने की एकअद्भुत प्रथा होती है, जिसमें एक ऊंची लकड़ी के सबसे ऊपर सिरे से एक गुड़ या नारियल लगी पोटली बांधी जाती है, जिसे आदमियों की टोली को किसी भी हालत में अपने कब्जे में लेना होता है. गांव के लोग बड़े ही उत्साह के साथ आते हैं और पोटली को अपने कब्जे में लेने की कोशिश करते हैं, और महिलाएं उन पुरुषों की टोली को गुड़ की पोटली लेने से रोकती हैं. महिलाएं इमली के पेड़ की लकड़ी का इस्तेमाल अपने पतियों और पुरुषों की टोली को रोकने के लिए करती हैं. पुरुष अपने हाथों में ढाल लेकर आते हैं, जिससे वे महिलाओं द्वारा मारे जाने वाले डंडों से अपने आपको बचा सकें. यह प्रक्रिया या खेल कुल सात बार होता है, जिसमें हर साल कई लोगों को काफी चोटें भी आती हैं.
चोट को माना जाता है आशीर्वाद
इस प्रथा के दौरान आदमियों को कई चोटें भी आती हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का मानना है कि उनके शरीर पर लगी चोटें और घाव माता का आशीर्वाद होते हैं और वे इसे प्रसाद की तरह मानते हैं, जिससे उनका वैवाहिक जीवन अच्छा चलता है और उनके जीवन में कई सफलताएं भी आती हैं, और इससे गांवों में खुशहाली फैलती है.
कुंवारी लडकियां भी लेती हैं हिस्सा
यह परंपरा विवाहित या शादीशुदा महिलाओं के साथ-साथ कुंवारी लड़कियों के लिए भी महत्वपूर्ण होती है. गणगौर माता की पूजा करने से शादीशुदा महिलाओं का जीवन सुखी होता है और जिन लड़कियों की शादी नहीं हुई है, वे इस पूजा में गणगौर माता से अपने लिए एक अच्छे पति के लिए प्रार्थना करती हैं, जिससे उनकी शादी एक अच्छे लड़के के साथ हो सके.
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