Europe Criminal Gang: क्या है फॉक्सट्रॉट नेटवर्क, जो सरेआम लेता है लोगों की सुपारी?
Europe Criminal Gang: यूरोप में सक्रिय फॉक्सट्रॉट नेटवर्क हत्या, ड्रग और हथियार तस्करी जैसे अपराधों को लेकर चर्चा में है. सुरक्षा एजेंसियां इस गैंग पर नजर रख रही हैं.

Europe Criminal Gang: यूरोप में इन दिनों "फॉक्सट्रॉट नेटवर्क" नाम का एक क्रिमिनल गैंग काफी चर्चे में है. हाल ही में लंदन की एक अदालत ने एक नॉर्वेजियन नौजवान को हत्या की साजिश रचने के मामले में दोषी करार दिया है. जांच में सामने आया कि यह नौजवान इसी फॉक्सट्रॉट नेटवर्क के लिए काम कर रहा था और उसे ब्रिटेन में एक व्यक्ति की हत्या करने के लिए करीब 25 हजार यूरो यानी लगभग 28 हजार डॉलर की सुपारी दी गई थी. इस मामले के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में इस गैंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
कैसे काम करता है यह नेटवर्क
फॉक्सट्रॉट नेटवर्क की शुरुआत 2021 में स्वीडन में हुई थी और इसका सरगना रावा माजिद नाम का एक फरार अपराधी है. यह गैंग हत्या, गोलीबारी, हमले, ड्रग और हथियारों को कानून से छिपाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर बेचना. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह गैंग अपने हत्या के "कॉन्ट्रैक्ट" की सुपारी का काम खुलेआम टेलीग्राम, सिग्नल और स्नैपचैट जैसी ऐप्स के ग्रुप चैट्स पर विज्ञापन की तरह दिखाता है. यह गैंग ज्यादातर बहुत कम उम्र के लड़कों को इस काम के लिए भर्ती करता है.
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अब तक कितनी वारदातें और आगे क्या
रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2022 से अब तक फॉक्सट्रॉट नेटवर्क करीब 35 हत्याओं और कई हमलों और हमले की कोशिशों में शामिल हो रहा है. इस गैंग की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह अपने टारगेट को अंजाम देने के लिए 16 और 17 साल जैसे कम उम्र के नौजवानों का इस्तेमाल करता है, जिन्हें पैसों का लालच देकर आसानी से अपराध की दुनिया में धकेल दिया जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार लंदन वाले मामले में आरोपी को हायर करने वाला आदमी सिर्फ 17 साल का बताया जा रहा है, जिसे नॉर्वे की अदालत पहले ही 14 साल की सजा सुना चुकी है.
इस पूरे मामले के बाद यूरोपीय देशों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क पर और सख्ती से नजर रख रही हैं. अमेरिका और ब्रिटेन की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इस गैंग की फंडिंग और नेटवर्क को कमजोर किया जा सकेगा, लेकिन सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए इतनी आसानी से चल रहे इस अपराध के खेल को पूरी तरह रोकना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
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