एक्सप्लोरर

Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल-तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान आज, जानें कहां हैं सबसे ज्यादा विधानसभा सीटें?

Assembly Election 2026: चुनाव आयोग आज पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के लिए विधानसभा चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है. आइए जानें कि इन पांचों राज्यों में से किसमें ज्यादा विधानसभा सीटें हैं.

Assembly Election 2026: भारत के चुनावी इतिहास में आज का दिन बेहद खास है. चुनाव आयोग आज 15 मार्च को पांच राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के लिए चुनावी बिगुल फूंक सकता है. लाखों मतदाताओं के भाग्य का फैसला होने वाला है और हर राजनीतिक दल अपनी ताकत झोंकने को तैयार है. पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची पर अपील का समय खत्म होते ही आयोग तारीखों का ऐलान कर देगा. क्या इस बार चरण कम होंगे? या सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा? आइए जानते हैं.

पांच राज्यों में चुनावी बिगुल

भारतीय चुनाव आयोग आज दोपहर बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पांच प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर सकता है. इन राज्यों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी शामिल हैं. इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 के बीच समाप्त हो रहा है. आयोग ने पहले ही इन राज्यों का दौरा कर चुनावी तैयारियों का जायजा ले लिया है और अब केवल आधिकारिक घोषणा का औपचारिक समय बचा है.

पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा सीटों वाला महामुकाबला

इन पांच राज्यों में सबसे अधिक राजनीतिक सरगर्मी पश्चिम बंगाल में देखी जा रही है. इसका कारण यहां की 294 विधानसभा सीटें हैं, जो इन सभी राज्यों में सबसे ज्यादा हैं. पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की संख्या 6.4 करोड़ से अधिक है. चुनाव आयोग ने यहां मतदाता सूची को लेकर विशेष सावधानी बरती है. 28 फरवरी को प्रकाशित सूची के बाद आज अपील दाखिल करने की अंतिम तारीख है, जिसके ठीक बाद आयोग कार्यक्रम घोषित करने की तैयारी में है.

यह भी पढ़ें: 2BHK Construction Cost: भारत में कितने रुपये में तैयार हो जाता है 2BHK, पाकिस्तान में कितनी आती है लागत?

तमिलनाडु और केरल दक्षिण भारत का बड़ा चुनावी रण

दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों, तमिलनाडु और केरल में भी चुनावी माहौल चरम पर है. तमिलनाडु में विधानसभा की कुल 234 सीटें हैं, जबकि केरल में 140 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. पिछले चुनावों (2021) में इन दोनों राज्यों में एक ही चरण में मतदान संपन्न हो गया था. इस बार भी संकेत मिल रहे हैं कि आयोग दक्षिण के इन राज्यों में एक ही दिन वोटिंग करा सकता है, ताकि सुरक्षा बलों का प्रबंधन कुशलता से किया जा सके.

असम और पुडुचेरी छोटे राज्य लेकिन बड़ा महत्व

पूर्वोत्तर के द्वार असम में 126 विधानसभा सीटें हैं, जहां पिछली बार तीन चरणों में चुनाव हुए थे. असम में एनआरसी और मतदाता सूची से जुड़े पेचीदा कानूनी मुद्दों के बीच चुनाव कराना आयोग के लिए बड़ी चुनौती रही है. वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सबसे कम यानी 30 निर्वाचित सीटें हैं (तीन सदस्य मनोनीत होते हैं). छोटे राज्यों में अक्सर चुनाव एक ही चरण में पूरे कर लिए जाते हैं, लेकिन असम की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए चरणों की संख्या तय की जाएगी.

क्या इस बार कम होंगे मतदान के चरण?

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग इस बार 2021 की तुलना में कम चरणों में चुनाव संपन्न कराने की कोशिश में है. 2021 में पश्चिम बंगाल में आठ लंबे चरणों में चुनाव हुए थे, जिसे लेकर काफी बहस हुई थी. इस बार सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के जरिए आयोग चरणों की संख्या घटाकर चुनाव प्रक्रिया को जल्द पूरा करना चाहता है. पश्चिम बंगाल और असम में बहु-चरणीय मतदान हो सकता है, जबकि बाकी तीन राज्यों में एक ही दिन वोटिंग की पूरी संभावना है.

मतदाता सूची और सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम

चुनाव आयोग का मुख्य जोर 'शुद्ध मतदाता सूची' पर रहा है. पश्चिम बंगाल में लगभग 60 लाख मतदाताओं के नाम ‘अधीन’ श्रेणी में रखे गए हैं, जिनकी जांच कोर्ट के निर्देशानुसार चल रही है. सुरक्षा के लिहाज से पश्चिम बंगाल में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की भारी टुकड़ियां पहले ही पहुंचनी शुरू हो गई हैं. आयोग का लक्ष्य हिंसा मुक्त और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है, खासकर उन इलाकों में जो संवेदनशील माने जाते हैं.

यह भी पढ़ें: LPG History India: भारत में पहली बार LPG गैस का इस्तेमाल कब हुआ था, जानें किस शहर से हुई थी इसकी शुरुआत?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

व्हाइट हाउस जैसा घर बनाने में कितना आएगा खर्च? जानिए सरिए सीमेंट का पूरा हिसाब किताब
व्हाइट हाउस जैसा घर बनाने में कितना आएगा खर्च? जानिए सरिए सीमेंट का पूरा हिसाब किताब
US Fertility Rate: 80 के दशक में 8-8 बच्चे पैदा करता था एक कपल, तब अमेरिका में क्या हाल था?
80 के दशक में 8-8 बच्चे पैदा करता था एक कपल, तब अमेरिका में क्या हाल था?
Ram Mandir Champat Rai Resigned: राम मंदिर के पुजारियों को कितनी पगार देते हैं चंपत राय, खुद कितनी है उनकी सैलरी?
राम मंदिर के पुजारियों को कितनी पगार देते हैं चंपत राय, खुद कितनी है उनकी सैलरी?
Champat Rai Resignation: राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव बनने से पहले क्या करते थे चंपत राय, कैसे मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी?
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव बनने से पहले क्या करते थे चंपत राय, कैसे मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी?

वीडियोज

Welcome to the Jungle Review: Akshay Kumar की मजेदार कॉमेडी, लॉजिक नहीं सिर्फ एंटरटेनमेंट
Raakh के Villain Akash Makhija ने सुनाई struggle, Death Threatsऔर success की अनसुनी कहानी
Sansani | Ketan Agrawal Murder Case:मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन ने रची थी ये साजिश!
Ketan Murder Case: 350 फीट गहरी खाई...'क्राइम कुंडली' सामने आई! | Bharat ki Baat
Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Champat Rai | Sandeep Chaudhary:राम नाम की लूट का पूरा सच!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
केंद्र के किस फैसले से परेशान हुए तमिलनाडु के CM थलापति विजय? पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, बोले- आप...
केंद्र के किस फैसले से परेशान हुए तमिलनाडु के CM थलापति विजय? PM मोदी को लिखा खत, बोले- आप...
मुहर्रम पर विवाद! दरभंगा में ASI को मारी गोली, गुस्साई भीड़ ने हमलावर को मार डाला
मुहर्रम पर विवाद! दरभंगा में ASI को मारी गोली, गुस्साई भीड़ ने हमलावर को मार डाला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर FIR, इस्तीफा और गिरफ्तारी के बाद भी थम नहीं रहा विवाद, VHP ने उठाये ये सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर FIR, इस्तीफा और गिरफ्तारी के बाद भी थम नहीं रहा विवाद, VHP ने उठाये ये सवाल
T20 इंटरनेशनल का सबसे तेज शतक लगाने के लिए वैभव सूर्यवंशी को कितनी गेंद में ठोकनी होगी सेंचुरी?
टी20 इंटरनेशनल का सबसे तेज शतक लगाने के लिए वैभव सूर्यवंशी को कितनी गेंद में ठोकनी होगी सेंचुरी?
Welcome To The Jungle BO Collection: 'वेलकम टू द जंगल' ने 5 बजे तक तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
धुआंधार कमाई कर रही 'वेलकम टू द जंगल', 5 बजे तक तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
Explained: दरवाजे पर दस्तक, फॉर्म और मतदान का अधिकार! दिल्ली में SIR के लिए कस लें कमर, क्या, कैसे, कब और क्यों होगा?
दरवाजे पर दस्तक, फॉर्म और मतदान का अधिकार! दिल्ली में क्या, कैसे, कब और क्यों होगा SIR?
Nepalese Tea: आंख दिखा रहे नेपाल को भारत ने सिखाया सबक, किया बड़ा फैसला, बॉर्डर पर सड़ रही 13 लाख किलो चाय
आंख दिखा रहे नेपाल को भारत ने सिखाया सबक, किया बड़ा फैसला, बॉर्डर पर सड़ रही 13 लाख किलो चाय
Embed widget