एक्सप्लोरर

Nuclear Attack: अगर दुनिया पर हुआ परमाणु हमला तो इन देशों को सबसे कम होगा नुकसान, पहले से कर रखी है प्लानिंग

Nuclear Attack: डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन को अपना परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने के आदेश दिए हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि अगर दुनिया पर परमाणु हमला हो जाए तो किन देशों को सबसे कम नुकसान होगा.

Nuclear Attack: बड़ी विश्व शक्तियों के बीच बढ़ते तनाव के साथ संभावित परमाणु संघर्ष की आशंकाओं ने एक बार फिर से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में पाकिस्तान पर भूमिगत परमाणु परीक्षण करने के इल्जाम लगाए हैं और इसी के साथ रूस ने अपनी ब्यूरवेस्टनिक और पोसाइडन परमाणु सक्षम मिसाइलों का परीक्षण किया. इसके जवाब में ट्रंप ने पेंटागन को अपना परमाणु परीक्षण कार्यक्रम फिर से शुरू करने के आदेश दे दिए हैं. इसके बाद दुनिया भर में चिंताएं बढ़ चुकी हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि अगर दुनिया पर परमाणु हमला हुआ तो किन देशों को सबसे कम नुकसान होगा.

कौन से देश दूसरों की तुलना में सुरक्षित 

परमाणु हमले की स्थिति में जो देश सीधे तौर पर प्रमुख सैन्य गठबंधनों या फिर वैश्विक संघर्षों में शामिल नहीं हैं, उन्हें काफी ज्यादा फायदा हो सकता है. इसी के साथ जिन देशों के पास मजबूत नागरिक सुरक्षा प्रणालियों और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्थाओं के साथ अलग-अलग स्थान हैं, वे परमाणु युद्ध के परिणाम का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं.

इंडोनेशिया 

इंडोनेशिया एक सख्त स्वतंत्र विदेश नीति रखता है. इस देश ने कभी किसी प्रमुख शक्ति समूह के साथ गठबंधन नहीं किया है. तटस्थता का इस देश का ऐतिहासिक रुख इसे ज्यादातर वैश्विक सैन्य संघर्षों से दूर रखता है. अपने विशाल द्वीप समूह भूगोल की वजह से इंडोनेशिया काफी हद तक अप्रभावित रहेगा.

भूटान 

हिमालय पर्वतों की गहराई में बसा यह देश अक्सर परमाणु युद्ध की स्थिति में दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माना जाता है. इसकी ऊंचाई, आइसोलेशन और प्रभाव के विरुद्ध प्राकृतिक अवरोधों का काम करती है. 1971 में संयुक्त राष्ट्र में शामिल होने के बाद भूटान ने शांति, अहिंसा और न्यूनतम विदेशी हस्तक्षेप की नीति को अपनाया है.

स्वीटजरलैंड 

यह देश परमाणु आपदा के लिए पृथ्वी पर सबसे ज्यादा तैयार देश है. अपनी स्थायी तटस्थता और एडवांस्ड नागरिक सुरक्षा ढांचे के लिए मशहूर स्विट्जरलैंड ने विशाल भूमिगत बंकर बनाए हुए हैं, जो अपनी पूरी आबादी को आश्रय दे सकते हैं. इस देश ने रेडिएशन सेंटर्स के साथ-साथ खाद्य भंडार और विस्तृत आपातकालीन प्रोटोकॉल को शामिल किया हुआ है.

न्यूजीलैंड 

न्यूजीलैंड वैश्विक शांति सूचकांक में नियमित रूप से शीर्ष देशों में शुमार है. इस देश ने बड़े युद्धों में आज तक कोई भाग नहीं लिया है. इसी के साथ दक्षिण प्रशांत में इसका भौगोलिक अलगाव इसे एक असंभावित लक्ष्य बनाता है. इस देश का पहाड़ी इलाका और सीमित जनसंख्या डेंसिटी परमाणु विस्फोटकों के खिलाफ ज्यादा सुरक्षा प्रदान करता है.

ऑस्ट्रेलिया 

न्यूजीलैंड की ही तरह ऑस्ट्रेलिया भी दक्षिणी हेमिस्फीयर में अपनी स्थिति का फायदा उठाता है. हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के साथ इसके राजनीतिक संबंध इसे परमाणु संघर्ष का संभावित निशाना बना सकते हैं. लेकिन इसके बावजूद भी यहां का विशाल आकार और कृषि संसाधन के साथ-साथ अंतर्देशीय क्षेत्र इसे युद्धोत्तर विश्व में बचे लोगों का समर्थन करने और वापस से निर्माण करने में सक्षम बनाता है.

आइसलैंड 

उत्तरी अटलांटिक महासागर में बसा आइसलैंड का आइसोलेशन ही इस परमाणु युद्ध के दौरान सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक बनाता है. इसकी राजनीतिक तटस्थता के साथ कम जनसंख्या और सैन्य गठबंधनों का अभाव इसकी सुरक्षा को और भी मजबूत करता है.

ये भी पढ़ें: मोकामा में ललन सिंह ने वोटर्स को दी धमकी! इसके खिलाफ क्या कार्रवाई कर सकता है चुनाव आयोग; जानें नियम

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ब्रिटिश क्राउन में जड़े कोहिनूर की असल कीमत क्या है? जोहरान ममदानी के बयान के बीच जान लीजिए जवाब
ब्रिटिश क्राउन में जड़े कोहिनूर की असल कीमत क्या है? जोहरान ममदानी के बयान के बीच जान लीजिए जवाब
US Spend on Iran War: इतने में 40 लाख लोग 10 साल बैठकर खाएंगे, जानें ईरान वॉर में कितना पैसा खर्च कर चुका अमेरिका?
इतने में 40 लाख लोग 10 साल बैठकर खाएंगे, जानें ईरान वॉर में कितना पैसा खर्च कर चुका अमेरिका?
अब प्लास्टिक वेस्ट से बनेगा क्लीन फ्यूल, जानें सूरज की रोशनी से कैसे होगा यह काम?
अब प्लास्टिक वेस्ट से बनेगा क्लीन फ्यूल, जानें सूरज की रोशनी से कैसे होगा यह काम?
दिल्ली बनी 'तंदूर', दुबई से भी ज्यादा गर्मी का अहसास; जानें क्यों खाड़ी देशों से ज्यादा तप रही राजधानी?
दिल्ली बनी 'तंदूर', दुबई से भी ज्यादा गर्मी का अहसास; जानें क्यों खाड़ी देशों से ज्यादा तप रही राजधानी?

वीडियोज

Bengal Exit Poll: बंगाल में बड़ा उलटफेर! Mamata Banerjee की विदाई, BJP की चढ़ाई? | TMC
Mira Road Horror: मुंबई दहलाने की बड़ी साजिश! मीरा रोड कांड के पीछे ISIS का 'Lone Wolf' Plan!
West Bengal Exit Poll 2026: Bengal Exit Poll में BJP के आंकड़ों ने चौंकाया | Assam | Mamata | TMC
अभिषेक मल्हान के लिए क्यों इंफ्लुएंसर पारुल सिंह ने बोला ‘Angry Young Man?’
Sansani: हिजबुल्लाह के सीक्रेट ठिकानों की अनदेखी पिक्चर ! | Crime News | America

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
UP Politics: बृजभूषण शरण सिंह के लिए सपा में शामिल होना क्यों आसान नहीं? इन 5 वजहों से फंसे हैं पूर्व सांसद!
बृजभूषण शरण सिंह के लिए सपा में शामिल होना क्यों आसान नहीं? इन 5 वजहों से फंसे हैं पूर्व सांसद!
बंगाल में 2021 की तरह एग्जिट पोल्स फेल हुए तो बीजेपी की कितनी बड़ी हार? लाइन से नपेंगे यह नेता, 2027 के चुनावों पर भी असर
बंगाल में 2021 की तरह एग्जिट पोल्स फेल हुए तो बीजेपी की कितनी बड़ी हार? 2027 चुनावों पर भी असर
अभी से हो गया प्लेऑफ पर फैसला? मुंबई समेत ये 3 टीम होंगी बाहर! सामने आया चौंकाने वाला समीकरण
अभी से हो गया प्लेऑफ पर फैसला? मुंबई समेत ये 3 टीम होंगी बाहर! देखें चौंकाने वाला समीकरण
'7 वैनिटी वैन और 100 किलो बर्फ..' रणवीर सिंह की इन शर्तों की वजह से डॉन 3 हुई डिब्बा बंद!
'7 वैनिटी वैन और 100 किलो बर्फ..' रणवीर सिंह की इन शर्तों की वजह से डॉन 3 हुई डिब्बा बंद!
Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
Exit Polls: कैसे होता है एग्जिट पोल और इसे कराने में कितना आता है खर्च? एक क्लिक में जानिए सबकुछ
कैसे होता है एग्जिट पोल और इसे कराने में कितना आता है खर्च? एक क्लिक में जानिए सबकुछ
एआई की लहर का भारत को क्यों नहीं मिल रहा पूरा फायदा? एक्सपर्ट ने बता दी असली वजह
एआई की लहर का भारत को क्यों नहीं मिल रहा पूरा फायदा? एक्सपर्ट ने बता दी असली वजह
Embed widget