Dk Shivakumar Oath Ceremony: डिप्टी सीएम से CM बनते ही कितनी बढ़ी डीके शिवकुमार की सैलरी, जानें कितनी होगी हर महीने कमाई?
Dk Shivakumar Oath Ceremony: सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए सीएम बने हैं. आइए जानें कि डिप्टी सीएम से सीधे सीएम बनने पर उनकी सैलरी में आखिर कितना अंतर आया.

- डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
- कर्नाटक में सीएम-डिप्टी सीएम का मासिक वेतन समान होता है.
- मुख्यमंत्री का कुल मासिक वेतन 1.5-2 लाख रुपये तक होता है.
- डीके शिवकुमार भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री में से एक.
Dk Shivakumar Oath Ceremony: कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां डीके शिवकुमार ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें इस सर्वोच्च पद की शपथ दिलाई, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. इस बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद जनता के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि डिप्टी सीएम के पद से सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने के बाद डीके शिवकुमार की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हुई है और अब उनकी हर महीने की कमाई कितनी होगी.
कुर्सी बदलने के बाद आधिकारिक वेतन कितना?
डिप्टी सीएम के पद से प्रमोट होकर सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद डीके शिवकुमार की आधिकारिक मासिक सैलरी में कोई बदलाव या बढ़ोतरी नहीं हुई है. दरअसल कर्नाटक सरकार के मौजूदा नियमों के मुताबिक, राज्य में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों का वेतन ढांचा पूरी तरह समान होता है. वहां मंत्रियों, डिप्टी सीएम और सीएम के मूल वेतन और भत्तों में किसी भी तरह का कानूनी अंतर नहीं किया गया है. इसलिए पद का रूतबा बढ़ने के बाद भी सरकारी खजाने से मिलने वाली सैलरी वैसी ही रहेगी.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री की सैलरी का पूरा गणित
अगर आंकड़ों की बात करें तो कर्नाटक सरकार के नियमों के तहत मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम दोनों का मूल वेतन 50,000 रुपये प्रति माह तय किया गया है. हालांकि, समय-समय पर होने वाले संशोधनों और विभिन्न सरकारी भत्तों को जोड़ने के बाद यह संशोधित सैलरी बढ़कर 1,25,000 रुपये प्रति माह हो जाती है. राज्य के विभिन्न भत्तों को पूरी तरह मिला दिया जाए तो यह मासिक आय लगभग 1.5 लाख रुपये से लेकर 2 लाख रुपये के बीच बैठती है, जो अन्य मंत्रियों के बराबर ही है.
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आधिकारिक वेतन से इतर बढ़ जाती हैं ये सुविधाएं
भले ही आधिकारिक सरकारी वेतन में कोई सीधी बढ़ोतरी दर्ज नहीं की जाती है, लेकिन मुख्यमंत्री का पद संभालते ही मिलने वाली प्रशासनिक सुविधाएं काफी बदल जाती हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार को मिलने वाला सुरक्षा घेरा, सरकारी आवास, गाड़ियों का काफिला और अन्य प्रोटोकॉल सुविधाएं उपमुख्यमंत्री के मुकाबले कई गुना ज्यादा और उच्च स्तरीय हो जाती हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री के पास पूरी कैबिनेट और राज्य के वित्तीय फैसलों पर अंतिम मुहर लगाने का विशेषाधिकार आ जाता है.
भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में शुमार
डीके शिवकुमार की पहचान सिर्फ एक बड़े राजनेता के रूप में नहीं है, बल्कि वह भारत के सबसे धनी मुख्यमंत्रियों की सूची में शीर्ष स्थानों पर आते हैं. चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल घोषित संपत्ति 1,413 करोड़ रुपये से भी अधिक है. उनकी इस भारी-भरकम संपत्ति में करीब 1,140 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति (जमीन और मकान) शामिल है, जबकि लगभग 273 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है. इस तरह उनकी कुल कमाई का मुख्य जरिया सरकारी वेतन नहीं, बल्कि उनके निजी व्यवसाय हैं.
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Source: IOCL

























