कार-जीप छोड़ भैंसों पर गश्त करती है यहां की पुलिस, हाईटेक व्यवस्था छोड़ क्यों अपनाया यह तरीका?
दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां की पुलिस गाड़ियों के बजाय भैंसों पर सवार होकर गश्त करती है. यह अनूठा तरीका दुर्गम इलाकों में गश्त लगाने में सबसे असरदार और भरोसेमंद साबित हुआ है.

साल 2014 में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार में रामपुर के वरिष्ठ मंत्री आजम खान की भैंस खोजने के लिए यूपी पुलिस लगी थी, ये किस्सा तो शायद ही कोई भूला हो. अब अपराधियों पर लगाम कसने के लिए आपने गश्त लगाती पुलिस को जीप, बुलेट या गाड़ियों पर घूमते हुए तो खूब देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी पुलिस बल को भैंसों पर सवार होकर गश्त करते हुए देखा है? चलिए आज इस बारे में भी बता देते हैं.
कहां भैंसों पर गश्त करती है पुलिस?
ब्राजील के विशाल मराजो द्वीप पर तैनात पुलिस बल किसी गाड़ियों की बजाय भैंस की सवारी करके गश्त करते हैं. आधुनिक दौर में पेट्रोलिंग की यह तकनीक दुनिया में कौतूहल का विषय है. दरअसल ब्राजील का मराजो आइलैंड दुनिया के विशालतम नदी द्वीपों में गिना जाता है, जिसकी भौगोलिक स्थिति काफी जटिल है. यह पूरा इलाका घने जंगलों, गहरी नदियों और मीलों फैले दलदली रास्तों से घिरा है. द्वीप के अधिकांश हिस्सों में न तो पक्की सड़कें हैं और न ही कोई सुगम रास्ता है. ऐसे माहौल में पुलिस की सामान्य गाड़ियां, जीपें या मोटरसाइकिलें कीचड़ में धंस जाती हैं या नदी का पानी में पूरी तरह से फंस जाती हैं. इन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों ने ही स्थानीय पुलिस प्रशासन को परिवहन के सबसे पारंपरिक और भरोसेमंद विकल्प यानी भैंसों को अपनाने पर मजबूर कर दिया है.
दलदल की माहिर सवारी
पानी और कीचड़ से भरे रास्तों को बिना रुके पार करने में भैंसें असाधारण रूप से प्राकृतिक तौर पर कुशल होती हैं. वे लगभग 1400 पाउंड तक भारी होने के बाद भी गहरे पानी में आसानी से तैर सकती हैं और दलदली जमीन पर मजबूती से चल सकती हैं. पुलिसकर्मी इन विशाल भैंसों की पीठ पर बैठकर उन दुर्गम इलाकों तक भी आसानी से पहुंच जाते हैं, जहां तक आधुनिक गाड़ियां पहुंचने के बारे में सोच भी नहीं सकती हैं. संदिग्धों का पीछा करने, दूर-दराज के गांवों में गश्त लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में ये भैंसे पुलिस के लिए किसी सुपककार से कम नहीं हैं.
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द्वीप की जीवन रेखा
मराजो द्वीप पर भैंसों का इस्तेमाल केवल पुलिस महकमे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह वहां की पूरी जीवनशैली का आधार है. इस द्वीप पर भैंसों की कुल आबादी आम इंसानों की संख्या से भी काफी ज्यादा पाई जाती है. स्थानीय लोग अपनी रोजमर्रा की खेती-बाड़ी, भारी सामान ढोने, दूध उत्पादन और एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने के लिए बड़े पैमाने पर इन्हीं भैंसों का सहारा लेते हैं. इस वजह से जब पुलिस बल ने अपनी ड्यूटी के लिए भैंसों को चुना, तो स्थानीय नागरिकों और पुलिस के बीच तालमेल और संवाद भी पहले से बहुत बेहतर हो गया.
भैंसों को दी जाती है ट्रेनिंग
पुलिस बेड़े में शामिल की जाने वाली भैंसों को सामान्य नहीं रहने दिया जाता, बल्कि उन्हें बाकायदा सख्त ट्रेनिंग दी जाती है. इन जानवरों को पानी और गहरे कीचड़, भारी पुलिस उपकरण ढोने और गश्त के दौरान अनुशासित रहने का कड़ा अभ्यास कराया जाता है. पुलिसकर्मी इन्हें बड़े प्यार और सम्मान से अपने साथी की तरह रखते हैं. मराजो द्वीप की यह अनोखी बफेलो सोल्जर पुलिस न केवल अपराध नियंत्रण में बेहद कामयाब रही है, बल्कि अपनी इस अनोखी गश्त शैली के कारण आज पूरे विश्व भर में आकर्षण और कौतूहल का प्रमुख केंद्र भी बन चुकी है.
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